iPhone 18 खरीदने से पहले सावधान! कही नकली तो नही मिला….5 मिनट में ऐसे करें जांच, चेक करें ये Settings
iPhone 18 खरीदने से पहले 5 मिनट में ऐसे करें असली-नकली की जांच
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। iPhone 18 खरीदने की तैयारी कर रहे हैं तो फोन हाथ में आते ही सिर्फ उसका लुक, बॉक्स या Apple का लोगो देखकर भरोसा न करें। महंगे स्मार्टफोन की खरीदारी में यह जानना जरूरी है कि आपके पास आया डिवाइस वास्तव में वही मॉडल है जो आपने खरीदा है और उसका सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर सामान्य तरीके से काम कर रहा है या नहीं। नकली फोन कई बार डिजाइन और पैकेजिंग में असली iPhone जैसा दिखाई दे सकता है, इसलिए कुछ जरूरी सेटिंग्स और फीचर्स की जांच करना बेहतर है।
नया iPhone खरीदने के बाद कुछ मिनट में Settings के जरिए फोन की कई महत्वपूर्ण जानकारियां देखी जा सकती हैं। मॉडल, सीरियल नंबर, IMEI, iOS वर्जन और स्टोरेज जैसी जानकारी फोन की पहचान करने में मदद करती है। वहीं सेकेंड हैंड iPhone खरीदते समय पार्ट्स और सर्विस हिस्ट्री पर भी ध्यान देना जरूरी है।
iPhone की Settings में सबसे पहले देखें ये जानकारी
फोन ऑन करने के बाद सबसे पहले Settings खोलें। इसके बाद General और फिर About सेक्शन में जाएं। यहां फोन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दिखाई देती हैं।
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इस सेक्शन में मॉडल का नाम, मॉडल नंबर, सीरियल नंबर, IMEI, iOS वर्जन और स्टोरेज जैसी डिटेल्स मिल सकती हैं। खरीदारी के समय इन जानकारियों को बिल और बॉक्स पर दी गई जानकारी से मिलाना उपयोगी रहेगा।
अगर फोन में iPhone के नाम पर कोई अलग तरह का ऑपरेटिंग सिस्टम, अजीब इंटरफेस या ऐसे विकल्प दिखाई दें जो सामान्य Apple सॉफ्टवेयर से मेल नहीं खाते, तो खरीदारी रोककर इसकी जांच करनी चाहिए।
iPhone असली है या नहीं, iOS से मिलेगा बड़ा संकेत
असली iPhone Apple के iOS ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलता है। इसलिए फोन की जांच करते समय उसके सॉफ्टवेयर पर विशेष ध्यान दें।
Settings का इंटरफेस, App Store, Safari, FaceTime और Apple के दूसरे फीचर्स खोलकर देखें। सभी विकल्प सामान्य तरीके से काम कर रहे हैं या नहीं, यह जांचना जरूरी है।
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कुछ नकली डिवाइस बाहर से iPhone जैसे दिख सकते हैं, लेकिन उनके अंदर Android आधारित सिस्टम हो सकता है। अगर फोन में Google Play Store या Android से जुड़े सामान्य फीचर्स दिखाई देते हैं, तो यह गंभीर संकेत हो सकता है कि डिवाइस वास्तविक iPhone नहीं है।
Siri टेस्ट से भी पकड़ सकते हैं गड़बड़ी
iPhone की पहचान करने के लिए Siri को भी टेस्ट किया जा सकता है। Siri Apple का वॉयस असिस्टेंट है। इसे सक्रिय करके कोई सामान्य सवाल पूछें और देखें कि फोन किस तरह प्रतिक्रिया देता है।

अगर Siri की जगह कोई दूसरा वॉयस असिस्टेंट खुलता है या फीचर अपेक्षित तरीके से काम नहीं करता, तो फोन की प्रामाणिकता को लेकर सतर्क रहना चाहिए।
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हालांकि केवल Siri के काम करने या न करने को अकेले अंतिम प्रमाण नहीं माना जाना चाहिए। फोन की दूसरी जानकारियों और Apple के आधिकारिक सत्यापन विकल्पों के साथ इसकी जांच करना अधिक उचित है।
iPhone के सीरियल नंबर और IMEI जरूर मिलाएं
फोन के About सेक्शन में मौजूद सीरियल नंबर और IMEI को ध्यान से देखें। इसके बाद बॉक्स पर लिखे संबंधित नंबरों से इनका मिलान करें।
अगर फोन और बॉक्स पर दिए गए नंबर अलग-अलग हैं, तो तुरंत सेलर से इसका कारण पूछें। खासकर सेकेंड हैंड फोन खरीदते समय यह जांच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
IMEI और सीरियल नंबर डिवाइस की पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं। इन नंबरों को देखकर यह भी सुनिश्चित किया जा सकता है कि आपको वही डिवाइस दिया गया है जिसकी जानकारी खरीदारी के दौरान बताई गई थी।
बॉक्स देखकर iPhone को असली न मानें
नकली फोन की पैकेजिंग कई बार पहली नजर में असली जैसी दिखाई दे सकती है। इसलिए सिर्फ बॉक्स की अच्छी क्वालिटी देखकर फोन खरीदने का फैसला नहीं करना चाहिए।
फिर भी बॉक्स की प्रिंटिंग, Apple की ब्रांडिंग, लिखे गए शब्द, लेबल और पैकेजिंग की फिनिश को ध्यान से देखा जा सकता है। अगर प्रिंट धुंधला है, स्पेलिंग में गलती है या पैकेजिंग असामान्य लगती है, तो सतर्क हो जाएं। बॉक्स पर दी गई मॉडल और डिवाइस संबंधी जानकारी को फोन के About सेक्शन में मौजूद जानकारी से मिलाना ज्यादा महत्वपूर्ण है।
iPhone का कैमरा सिर्फ खोलें नहीं, इस्तेमाल करके देखें
कैमरा ऐप खुल जाना इस बात का प्रमाण नहीं है कि फोन पूरी तरह सही है। खरीदारी के समय कैमरे को इस्तेमाल करके देखना भी जरूरी है।
फोटो खींचें, वीडियो रिकॉर्ड करें और उपलब्ध अलग-अलग कैमरा मोड को आजमाएं। फोकस सही तरीके से काम कर रहा है या नहीं, फोटो की गुणवत्ता कैसी है और वीडियो रिकॉर्डिंग में कोई समस्या तो नहीं है, इन बातों पर ध्यान दें।
अगर डिवाइस में एक से अधिक कैमरे दिए गए हैं, तो हर कैमरे को अलग-अलग इस्तेमाल करके देखें। इससे किसी खराब या बदले हुए कैमरा मॉड्यूल का पता लगाने में मदद मिल सकती है।
सेकेंड हैंड iPhone खरीद रहे हैं तो ये जांच जरूरी
पुराना iPhone खरीदते समय सिर्फ बाहरी हालत देखकर फैसला न करें। फोन की Parts and Service History भी जांचें। इससे यह जानकारी मिल सकती है कि डिवाइस में किसी पार्ट को बदला गया है या सर्विस कराई गई है।
बैटरी की स्थिति, डिस्प्ले, कैमरा और दूसरे प्रमुख हार्डवेयर को भी जांचना चाहिए। इसके अलावा यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि फोन किसी दूसरे व्यक्ति के Apple Account से लॉक न हो।
सेकेंड हैंड डिवाइस में मरम्मत या पार्ट्स बदलने की स्थिति हो सकती है। इसलिए सेलर से फोन के पुराने बिल, खरीदारी की जानकारी और सर्विस रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर उन्हें भी देखना उपयोगी रहेगा।
iPhone खरीदते समय सिर्फ डिजाइन पर भरोसा न करें
iPhone की पहचान में सबसे बड़ी गलती यह हो सकती है कि खरीदार केवल उसके बाहरी डिजाइन से प्रभावित होकर डिवाइस को असली मान ले। Apple लोगो, कैमरा डिजाइन और पैकेजिंग की नकल करना संभव है, इसलिए सॉफ्टवेयर और डिवाइस की जानकारी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाती है।
फोन खरीदने के बाद Settings > General > About में उपलब्ध जानकारी देखना शुरुआती जांच का आसान तरीका है। इसके साथ iOS इंटरफेस, Apple के प्रमुख ऐप्स, Siri, कैमरा, सीरियल नंबर और IMEI जैसी चीजों की जांच की जा सकती है।
खरीदारी से पहले बिल और डिवाइस की जानकारी मिलाएं
नया फोन खरीदते समय बिल पर दर्ज मॉडल और डिवाइस की जानकारी को फोन से मिलाना चाहिए। यदि ऑनलाइन खरीदारी की गई है तो ऑर्डर डिटेल्स को भी सुरक्षित रखें।
अगर फोन की जानकारी, पैकेजिंग और खरीदारी के दस्तावेजों में बड़ा अंतर दिखाई देता है, तो सेलर या अधिकृत विक्रेता से स्पष्टीकरण लेना बेहतर है।
महंगा iPhone खरीदते समय पांच मिनट की शुरुआती जांच आपको गलत डिवाइस लेने से बचाने में मदद कर सकती है। फोन का लुक और बॉक्स महत्वपूर्ण हो सकते हैं, लेकिन असली जांच उसके सॉफ्टवेयर, Settings, पहचान संख्या और फीचर्स की होनी चाहिए। सेकेंड हैंड iPhone में Parts and Service History की जांच भी जरूर करें।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
