बांकीपुर उपचुनाव: मतदान के बीच प्रशांत किशोर का पुलिस पर बड़ा आरोप, बोले- ‘बीजेपी नहीं, पुलिस लड़ रही है चुनाव’
मतदान के बीच प्रशांत किशोर का पुलिस पर बड़ा आरोप, बोले- 'बीजेपी नहीं, पुलिस लड़ रही है चुनाव'
पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान के दौरान राजनीतिक माहौल उस समय और गरमा गया जब जन सुराज के संस्थापक एवं पार्टी प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने विभिन्न मतदान केंद्रों का दौरा कर चुनावी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि जन सुराज के समर्थकों और कार्यकर्ताओं को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाया जा रहा है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव के दौरान लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उनका आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई एकतरफा है और इसका असर जन सुराज के समर्थकों पर पड़ रहा है। हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस या चुनाव आयोग की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
’20 से अधिक समर्थकों को हिरासत में लिया गया’
मीडिया से बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने दावा किया कि पार्टी के 20 से अधिक समर्थकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। उन्होंने कहा कि कई कार्यकर्ताओं को बिना स्पष्ट कारण बताए पकड़ा गया, जिससे कार्यकर्ताओं और समर्थकों में नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि जन सुराज के समर्थकों से लगातार शिकायतें मिल रही हैं कि मतदान केंद्रों तक पहुंचने में उन्हें परेशान किया जा रहा है। इसके बावजूद उन्होंने विश्वास जताया कि मतदाता भयभीत नहीं होंगे।
प्रशांत किशोर ने कहा,
“20 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर रखा गया है, लेकिन चार लाख मतदाताओं को पुलिस डरा नहीं सकती। माहौल पूरी तरह साफ है और भाजपा चुनाव हार रही है।”
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे बिना किसी डर के अपने घरों से निकलें और अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें। उनके अनुसार यह केवल एक विधानसभा उपचुनाव नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का भी सवाल है।
गोलघर मतदान केंद्र पर पुलिस से हुई बहस
मतदान के दौरान गोलघर स्थित मतदान केंद्र पर भी कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। यहां प्रशांत किशोर के साथ मौजूद समर्थकों की महिला पुलिस अधिकारी से बहस हो गई।
पुलिस अधिकारी ने समर्थकों को आदर्श आचार संहिता का हवाला देते हुए समझाया कि मतदान केंद्र के आसपास समूह बनाकर खड़ा होना या भीड़ इकट्ठा करना नियमों के खिलाफ है। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कुछ देर तक बहस होती रही।
इसी दौरान जन सुराज के एक समर्थक ने आरोप लगाया कि पार्टी के एक पोलिंग एजेंट को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। इस मुद्दे पर प्रशांत किशोर ने भी नाराजगी जताई।
‘अनुमति मिलने के बावजूद हटाए जा रहे सहायता केंद्र’
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि जिन स्थानों पर जन सुराज ने प्रशासन से अनुमति लेकर सहायता केंद्र (हेल्प डेस्क) लगाए थे, वहां भी पुलिस कार्रवाई कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन से विधिवत अनुमति मिलने के बाद लगाए गए टेबल हटाए जा रहे हैं और वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया जा रहा है।
प्रशांत किशोर ने कहा,
“बीजेपी चुनाव नहीं लड़ रही, पुलिस चुनाव लड़ रही है। प्रशासन से अनुमति मिलने के बाद लगाए गए हमारे टेबल हटाए जा रहे हैं और वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को पकड़कर ले जाया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है।”
उनका कहना था कि यदि किसी राजनीतिक दल को प्रशासन की ओर से अनुमति दी गई है, तो फिर उस पर कार्रवाई किए जाने का कोई औचित्य नहीं है।
मतदान से पहले देर रात दबिश देने का आरोप
जन सुराज प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि मतदान से पहले पुलिस ने देर रात तक पार्टी समर्थकों के घरों पर दबिश दी।
उनके अनुसार कई लोगों को बिना कारण बताए हिरासत में लिया गया और कार्रवाई के संबंध में स्पष्ट जानकारी भी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से कार्यकर्ताओं में भय का माहौल बनाने की कोशिश की गई।
प्रशांत किशोर का कहना था कि लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर मिलना चाहिए। यदि किसी एक दल के समर्थकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई होती है, तो इससे चुनाव की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो सकते हैं।
मतदाताओं से की अधिक मतदान की अपील
मतदान केंद्रों के दौरे के दौरान प्रशांत किशोर ने लोगों से लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार के दबाव या अफवाह से प्रभावित हुए बिना मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करें।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट है और अधिक मतदान से ही मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था कायम रह सकती है।
पुलिस और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया का इंतजार
प्रशांत किशोर द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक बिहार पुलिस, जिला प्रशासन या निर्वाचन आयोग की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था।
यदि प्रशासन या चुनाव आयोग की ओर से इस मामले में कोई प्रतिक्रिया आती है, तो खबर को उसके अनुसार अपडेट किया जाएगा।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
