आय से अधिक संपत्ति के मामले में बिहार के कार्यपालक अभियंता पर SVU का शिकंजा, बांका-पटना समेत 4 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
प्रतिकात्मक चित्र
निष्कर्ष भारत- संवाददाता- बांका: आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत के मामले में बिहार की विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई की है। लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत पर एसवीयू की अलग-अलग टीमों ने सोमवार को एक साथ चार ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। कार्रवाई के दौरान टीमों ने आवास, विभागीय कार्यालय और अन्य परिसरों में पहुंचकर दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े कागजात की जांच शुरू की।
SVU की यह कार्रवाई बांका के अलावा पटना और वैशाली जिले में भी की जा रही है। अलग-अलग टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजा गया है, ताकि एक साथ सभी ठिकानों की तलाशी ली जा सके। छापेमारी के दौरान अधिकारी आय के ज्ञात स्रोतों और कार्यपालक अभियंता की संपत्तियों के बीच संभावित अंतर से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं।
गयाजी में पदस्थापन के दौरान मिली थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, हरेंद्र कुमार इससे पहले गयाजी जिले में पदस्थापित थे। इसी दौरान उनके खिलाफ एक व्यक्ति ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत एसवीयू से की थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी घोषित आय की तुलना में संपत्ति अधिक है।
शिकायत मिलने के बाद विशेष निगरानी इकाई ने मामले की प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर SVU ने मामला दर्ज किया और आगे की कार्रवाई के लिए न्यायालय से तलाशी की अनुमति प्राप्त की। इसके बाद सोमवार को एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई शुरू की गई।
हालांकि, छापेमारी पूरी होने और एसवीयू की ओर से आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि तलाशी के दौरान टीम को क्या-क्या दस्तावेज या संपत्ति से संबंधित जानकारी मिली है।
बांका में आवास और विभागीय कार्यालय में पहुंची टीम
SVU की टीम ने बांका में जगतपुर स्थित कार्यपालक अभियंता हरेंद्र कुमार के आवास पर छापेमारी की। टीम के अधिकारी और कर्मचारी सुबह ही उनके आवास पर पहुंचे और परिसर की तलाशी शुरू कर दी।
इसके साथ ही लघु जल संसाधन विभाग के कार्यालय में भी SVU की टीम पहुंची। यहां कार्यपालक अभियंता के चेंबर और उनसे संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। विभागीय कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों, फाइलों और अन्य अभिलेखों को टीम ने अपने कब्जे में लेकर उनकी जांच शुरू की।
बताया जा रहा है कि कार्रवाई के दौरान उनके चेंबर को सील कर दिया गया है। विभागीय कार्यालय में SVU की मौजूदगी के बाद कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भी हलचल देखी गई।
आय के स्रोत और संपत्ति के दस्तावेज खंगाल रही SVU
छापेमारी के दौरान एसवीयू की टीम मुख्य रूप से उन दस्तावेजों की जांच कर रही है, जिनसे हरेंद्र कुमार की आय और संपत्ति का पता लगाया जा सके। टीम द्वारा बैंक खातों, संपत्ति से जुड़े कागजात, निवेश, जमीन-जायदाद और अन्य वित्तीय लेनदेन से संबंधित रिकॉर्ड की जांच किए जाने की संभावना है।
आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसी आम तौर पर अधिकारी की वैध आय, उसके ज्ञात स्रोतों और उसके नाम या परिजनों के नाम पर मौजूद संपत्तियों का मिलान करती है। इसके आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की जाती है कि अधिकारी की संपत्ति उसकी ज्ञात आय के अनुपात में है या नहीं।
इसी क्रम में SVU द्वारा संबंधित विभागीय रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
करीब एक महीने पहले ही बांका में हुआ था योगदान
हरेंद्र कुमार ने करीब एक माह पहले ही बांका में लघु जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता के पद पर योगदान किया था। इससे पहले वे गयाजी जिले में पदस्थापित थे। खास बात यह है कि उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत उनके गयाजी में पदस्थापन के दौरान ही सामने आई थी।
बांका में नई पदस्थापना के कुछ ही समय बाद SVU की इस कार्रवाई ने विभाग में चर्चा तेज कर दी है। हालांकि, मौजूदा छापेमारी का संबंध उनके बांका में हालिया पदस्थापन से नहीं, बल्कि पूर्व पदस्थापन के दौरान मिली शिकायत और उसके आधार पर हुई जांच से बताया जा रहा है।
चार ठिकानों पर एक साथ तलाशी
SVU की कार्रवाई को प्रभावी बनाने के लिए एक साथ चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। इनमें बांका स्थित आवास, लघु जल संसाधन विभाग का कार्यालय तथा पटना और वैशाली जिले से जुड़े ठिकाने शामिल हैं।
एक साथ कई स्थानों पर तलाशी का उद्देश्य ऐसे दस्तावेजों और संपत्तियों की जानकारी जुटाना हो सकता है, जो किसी एक स्थान पर मौजूद नहीं हों। टीमों द्वारा अलग-अलग परिसरों में दस्तावेजों और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है।
छापेमारी खत्म होने के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
फिलहाल SVU की तलाशी कार्रवाई जारी है। छापेमारी पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि टीम को किन-किन संपत्तियों, दस्तावेजों या वित्तीय लेनदेन से संबंधित जानकारी मिली। यदि तलाशी में आय से अधिक संपत्ति से जुड़े ठोस साक्ष्य सामने आते हैं तो जांच एजेंसी आगे की कानूनी कार्रवाई कर सकती है।
फिलहाल इस मामले में SVU की आधिकारिक कार्रवाई पूरी होने और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। किसी भी व्यक्ति के खिलाफ लगाए गए आरोपों को जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने तक आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
बांका में कार्यपालक अभियंता के आवास और विभागीय कार्यालय सहित चार ठिकानों पर एक साथ चल रही यह छापेमारी फिलहाल इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। SVU की जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी अहम जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
