रक्षाबंधन पर बिहार में मनचलों की खैर नहीं, तैनात रहेगी पुलिस दीदी की टीम, 5 हज़ार गाड़ियों से होगी निगरानी
रक्षाबंधन पर बिहार में मनचलों की खैर नहीं, तैनात रहेगी पुलिस दीदी की टीम
स्कूल-कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की बढ़ेगी मौजूदगी, भर्ती परीक्षाओं में निगरानी और छात्रों की शिकायतों के लिए विद्यार्थी पोर्टल की तैयारी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। राजधानी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने महिला सुरक्षा, छात्राओं की सुरक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन से बिहार के स्कूल, कॉलेज और छात्राओं की अधिक आवाजाही वाले इलाकों में स्कूटी सवार ‘पुलिस दीदी’ की तैनाती की जाएगी। इसका उद्देश्य छात्राओं को शिक्षण संस्थानों तक आने-जाने के दौरान सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी निगरानी रखना है। सरकार की इस पहल के तहत राज्यभर में करीब पांच हजार स्कूटी और मोटरसाइकिल के माध्यम से महिला पुलिसकर्मियों को संवेदनशील इलाकों में गश्ती की जिम्मेदारी दी जाएगी। रक्षाबंधन पर स्कूल-कॉलेज की छुट्टी के समय विशेष रूप से निगरानी बढ़ाई जाएगी, ताकि छात्राओं के साथ छेड़खानी, पीछा करने, फब्तियां कसने या किसी अन्य तरह की असामाजिक गतिविधि की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
रक्षाबंधन पर स्कूल-कॉलेज के आसपास दिखेंगी पुलिस दीदी, छात्राओं की सुरक्षा के साथ मनचलों पर भी रहेगी नजर
‘पुलिस दीदी’ अभियान को महिला और छात्रा सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अक्सर स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों के आसपास छात्राओं को असामाजिक तत्वों की परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई मामलों में छात्राएं डर या झिझक के कारण इसकी शिकायत पुलिस तक नहीं पहुंचा पाती हैं। ऐसे में महिला पुलिसकर्मियों की नियमित मौजूदगी से छात्राओं को अपनी समस्या सीधे साझा करने का अवसर मिलेगा। पुलिस दीदी न केवल इन इलाकों में गश्त करेंगी, बल्कि छात्राओं से संवाद कर उनकी परेशानियों को भी समझेंगी। संदिग्ध गतिविधि नजर आने पर मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। सरकार का जोर केवल घटना के बाद पुलिस कार्रवाई करने पर नहीं, बल्कि अपराध की संभावना को पहले ही कम करने पर है। स्कूल और कॉलेज के आसपास नियमित पुलिस गश्ती बढ़ने से असामाजिक तत्वों में कानून का भय पैदा होने की उम्मीद है।
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रक्षाबंधन पर अलर्ट रहेगी पुलिस, पांच हजार दोपहिया वाहनों से मजबूत होगी गश्ती
महिला पुलिसकर्मियों को तेजी से संवेदनशील स्थानों तक पहुंचाने के लिए दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। योजना के तहत राज्य के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों और छात्राओं की अधिक आवाजाही वाले क्षेत्रों में महिला पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा। बिहार पुलिस की ओर से 1500 स्कूटर का आदेश दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस महानिदेशक विनय कुमार के अनुसार, इन वाहनों की मदद से महिला पुलिसकर्मी कम समय में एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंच सकेंगी। इससे नियमित गश्ती व्यवस्था मजबूत होने के साथ ही किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस के तत्काल घटनास्थल तक पहुंचने की क्षमता भी बढ़ेगी। खास तौर पर सुबह स्कूल-कॉलेज जाने और छुट्टी के समय छात्राओं की आवाजाही वाले मार्गों पर निगरानी बढ़ाने की योजना है। इसके अलावा संवेदनशील इलाकों की पहचान कर वहां नियमित गश्ती सुनिश्चित की जाएगी।
रक्षाबंधन पर मिलेगी छात्राओं को महिला सुरक्षा और साइबर अपराध की जानकारी, पुलिस दीदी करेंगी सीधा संवाद
रक्षाबंधन पर ‘पुलिस दीदी’ अभियान का उद्देश्य केवल गश्ती तक सीमित नहीं रहेगा। महिला पुलिसकर्मी छात्राओं से संवाद कर उन्हें महिला सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी भी देंगी। छात्राओं को साइबर अपराध से बचाव, आत्मरक्षा और आपात स्थिति में पुलिस से संपर्क करने के तरीकों के बारे में जागरूक किया जाएगा। रक्षाबंधन पर इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष शिकायत साझा करने की सुविधा भी है। छेड़खानी, पीछा करने या किसी अन्य परेशानी का सामना करने वाली छात्राएं महिला पुलिसकर्मियों से सीधे अपनी बात कह सकेंगी। महिला पुलिस की मौजूदगी से उन छात्राओं का भरोसा बढ़ने की उम्मीद है, जो पुरुष पुलिसकर्मियों के सामने अपनी समस्या बताने में असहज महसूस करती हैं। इस व्यवस्था के जरिए पुलिस और छात्राओं के बीच सीधा संवाद मजबूत करने की कोशिश भी होगी। इससे छोटी शिकायतों की जानकारी समय रहते पुलिस तक पहुंच सकती है और गंभीर घटना होने से पहले ही कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है।
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रक्षाबंधन पर ‘अभय ब्रिगेड’ के साथ महिला सुरक्षा पर जोर, संवेदनशील स्थानों पर पहले से बढ़ाई जा रही महिला पुलिस की मौजूदगी
बिहार में महिला सुरक्षा के लिए ‘अभय ब्रिगेड’ के तहत पहले से महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है। अब स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान और बाजार जैसे संवेदनशील स्थानों पर ‘पुलिस दीदी’ की गश्ती को इससे जोड़कर महिला सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी है। सरकार की योजना का व्यापक उद्देश्य छात्राओं को घर से शिक्षण संस्थान तक सुरक्षित माहौल देना है। इसके लिए केवल पुलिस बल की संख्या बढ़ाने के बजाय उन स्थानों और समय की पहचान पर जोर दिया जा रहा है, जहां छात्राओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
भर्ती परीक्षाओं में धांधली रोकने के लिए विशेष निगरानी
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों से जुड़ी एक और बड़ी घोषणा की। भर्ती परीक्षाओं में धांधली और प्रश्नपत्र लीक जैसी शिकायतों को रोकने के लिए उच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में विशेष निगरानी समिति गठित करने की बात कही गई है। प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता का मुद्दा लंबे समय से अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। प्रश्नपत्र लीक या परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी होने पर मेहनत कर रहे लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित होता है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर निगरानी बढ़ाने की सरकार की घोषणा को अभ्यर्थियों के लिए अहम कदम माना जा रहा है। विशेष निगरानी समिति के गठन से परीक्षा व्यवस्था में जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश की जाएगी। इसका उद्देश्य भर्ती परीक्षाओं में किसी भी तरह की अनियमितता की संभावना को कम करना है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए शुरू होगा विद्यार्थी पोर्टल
ने छात्रों और अभिभावकों की समस्याओं के समाधान के लिए ‘विद्यार्थी पोर्टल’ शुरू करने की तैयारी की भी जानकारी दी। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र और उनके अभिभावक अपनी समस्याएं और शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। इस व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों को अपनी शिकायत के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना और उनकी समस्याओं को एक व्यवस्थित माध्यम से संबंधित विभाग तक पहुंचाना है। ऑनलाइन शिकायत दर्ज होने के बाद उसके समाधान की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की जाएगी। स्वतंत्रता दिवस पर मुख्यमंत्री की घोषणाओं में बिहार के छात्रों और महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर दिखाई दिया। एक तरफ स्कूल-कॉलेजों के आसपास पुलिस दीदी की तैनाती से छात्राओं को सुरक्षित वातावरण देने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और विद्यार्थी पोर्टल के जरिए छात्रों की समस्याओं के समाधान पर जोर दिया गया है। रक्षाबंधन से शुरू होने वाली पुलिस दीदी की गश्ती व्यवस्था के बाद स्कूल-कॉलेजों के आसपास महिला पुलिस की मौजूदगी बढ़ने और छात्राओं के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।
पटना से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
