डेटिंग ऐप से पटना के युवक से ऑनलाइन ठगी, खाते से 2.94 लाख उड़ाए, साइबर थाने में मामला दर्ज

डेटिंग ऐप

डेटिंग ऐप पर दोस्ती के बाद पटना युवक से 2.94 लाख की ठगी

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। ऑनलाइन डेटिंग ऐप पर हुई दोस्ती के बाद एक युवक को घर बैठे कमाई का झांसा देना महंगा पड़ गया। पटना के दानापुर इलाके में रहने वाले युवक से कथित तौर पर डेटिंग ऐप के जरिए दोस्ती करने के बाद रेटिंग टास्क के नाम पर 2.94 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली गई। शुरुआत में कुछ रकम मुनाफे के तौर पर वापस देकर युवक का भरोसा जीता गया और बाद में अलग-अलग टास्क पूरा करने के नाम पर लगातार पैसे जमा कराए गए।

जब युवक ने 2.94 लाख रुपये जमा कर दिए, इसके बावजूद उससे और रकम की मांग की गई। इसके बाद उसे पूरे मामले पर शक हुआ। युवक को समझ में आया कि जिस ऑनलाइन काम को कमाई का जरिया बताया जा रहा था, वह कथित तौर पर साइबर ठगी का हिस्सा था। मामले में पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डेटिंग ऐप पर शुरू हुई बातचीत, फिर बढ़ता गया भरोसा

पीड़ित दानापुर के गोला रोड इलाके का रहने वाला बताया जा रहा है। उसकी पहचान डेटिंग ऐप के जरिए रिचा शर्मा नाम की युवती से हुई थी। दोनों के बीच कुछ दिनों तक डेटिंग ऐप ऑनलाइन बातचीत और चैटिंग हुई। डेटिंग ऐप पर बातचीत के दौरान युवती ने युवक को एक रेटिंग ऐप के बारे में जानकारी दी।

युवती ने डेटिंग ऐप पर कथित तौर पर युवक को बताया कि डेटिंग ऐप के जरिए अलग-अलग उत्पादों की रेटिंग करनी होती है और इसके बदले घर बैठे अच्छी कमाई की जा सकती है। ऑनलाइन कमाई का यह तरीका युवक को आकर्षक लगा और उसने बताए गए तरीके से काम शुरू कर दिया।

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शुरुआत में सब कुछ सामान्य नजर आया। युवक ने कुछ प्रोडक्ट की रेटिंग की और इसके बदले उसे मुनाफे के तौर पर कुछ रकम भी मिली। यही शुरुआती भुगतान पूरे मामले में अहम साबित हुआ, क्योंकि इससे युवक को ऐप और सामने वाले व्यक्ति पर भरोसा हो गया।

डेटिंग के बहाने बना भरोसा, फिर शुरू हुआ टास्क

साइबर ठगी के इस मामले में कथित तौर पर पहले दोस्ती और बातचीत के जरिए विश्वास कायम किया गया। इसके बाद ऑनलाइन कमाई का विकल्प सामने रखा गया। शुरुआत में छोटी रकम का लाभ मिलने से युवक को लगा कि यह वास्तव में कमाई का कोई ऑनलाइन माध्यम है।

इसके बाद रेटिंग टास्क का दायरा बढ़ाया गया और युवक से कहा गया कि आगे के टास्क पूरे करने के लिए पहले पैसे जमा करने होंगे। उसे बताया गया कि ये रकम बाद में वापस कर दी जाएगी। युवक ने इस भरोसे पर आगे पैसे जमा करना शुरू किया।

20 प्रोडक्ट की रेटिंग के नाम पर निवेश

पीड़ित के अनुसार, उसे भरोसा दिलाया गया था कि 20 प्रोडक्ट की रेटिंग पूरी करने के बाद उसके द्वारा जमा की गई रकम रिफंड कर दी जाएगी। पैसे वापस मिलने की उम्मीद में वह एक के बाद एक टास्क पूरा करता रहा।

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टास्क पूरा करने के लिए उसे अलग-अलग चरणों में रकम जमा करने को कहा गया। धीरे-धीरे यह रकम बढ़ती गई। युवक ने कथित तौर पर अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 2.94 लाख रुपये जमा कर दिए।

इस दौरान उसे यह उम्मीद थी कि निर्धारित टास्क पूरा होने के बाद जमा की गई पूरी रकम वापस मिल जाएगी और साथ में उसे मुनाफा भी मिलेगा। लेकिन जैसे-जैसे युवक की ओर से पैसे जमा किए जाते गए, उसके सामने नई मांगें आती रहीं।

2.94 लाख जमा करने के बाद भी खत्म नहीं हुई पैसे की मांग

पीड़ित के मुताबिक, डेटिंग ऐप पर जब वह कुल 2.94 लाख रुपये जमा कर चुका, तब भी उससे और पैसे की मांग की गई। उसे कथित तौर पर बताया गया कि अभी कुछ और प्रक्रिया पूरी करनी है या अतिरिक्त भुगतान करना होगा। यहीं से युवक को पूरे मामले पर संदेह होने लगा। उसे समझ में आया कि यदि टास्क पूरा होने के बाद पैसा वापस मिलना था, तो लगातार नई रकम क्यों मांगी जा रही है। इसके बाद उसने आगे पैसे देने से इनकार किया और पूरे मामले की जानकारी जुटाने की कोशिश की। इसी दौरान उसे कथित साइबर ठगी का एहसास हुआ।

रिफंड का भरोसा बना ठगी का आधार

इस तरह के ऑनलाइन ठगी के मामलों में अक्सर पीड़ित को उसकी जमा रकम वापस मिलने का भरोसा दिया जाता है। यहां भी युवक को कथित तौर पर यह विश्वास दिलाया गया कि टास्क पूरा होने के बाद उसकी रकम रिफंड कर दी जाएगी। शुरुआत में छोटा मुनाफा मिलने से उसका भरोसा और मजबूत हुआ। बाद में उसी भरोसे के आधार पर उससे बड़ी रकम जमा कराई गई। जब रकम बढ़कर लाखों रुपये तक पहुंच गई, तब भी भुगतान की मांग जारी रही। यही स्थिति युवक के लिए सबसे बड़ा संकेत बनी कि वह किसी वास्तविक कमाई के काम के बजाय ठगी के जाल में फंस चुका है।

डेटिंग ऐप से ठगी का बढ़ता खतरा

पटना में सामने आया यह मामला ऑनलाइन डेटिंग प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से जुड़े साइबर जोखिम की ओर भी ध्यान खींचता है। ऑनलाइन दोस्ती के दौरान सामने वाले व्यक्ति की पहचान और उसके दावों की वास्तविकता की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।

सिर्फ बातचीत या शुरुआती लाभ के आधार पर किसी व्यक्ति या ऐप पर भरोसा करना आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। खासकर जब दोस्ती के बाद निवेश, रेटिंग, ट्रेडिंग, गेमिंग या घर बैठे कमाई के नाम पर पैसे जमा करने के लिए कहा जाए, तो अतिरिक्त सावधानी जरूरी हो जाती है। इस मामले में भी बातचीत की शुरुआत डेटिंग ऐप से हुई और बाद में मामला ऑनलाइन कमाई और रेटिंग टास्क तक पहुंच गया।

पुलिस ने दर्ज किया मामला, लेनदेन की जांच शुरू

ठगी का एहसास होने के बाद युवक ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच एजेंसियां उन बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों की जानकारी जुटा रही हैं, जिनके जरिए युवक से पैसे लिए गए। पुलिस के लिए यह पता लगाना भी महत्वपूर्ण होगा कि रकम किन खातों में गई, उन खातों के पीछे कौन लोग हैं और डेटिंग ऐप पर युवक से संपर्क करने वाला व्यक्ति वास्तव में कौन था।

इसके अलावा रेटिंग ऐप और उससे जुड़े डिजिटल प्लेटफॉर्म की भी जांच की जा सकती है। यदि जांच में फर्जी पहचान, फर्जी ऐप या संगठित साइबर गिरोह की भूमिका सामने आती है, तो पुलिस मामले को उसी आधार पर आगे बढ़ा सकती है।

डिजिटल लेनदेन से मिल सकते हैं अहम सुराग

इस तरह के मामलों में बैंकिंग और डिजिटल लेनदेन जांच के लिए महत्वपूर्ण साक्ष्य बन सकते हैं। युवक द्वारा किए गए भुगतान की तारीख, समय, रकम और प्राप्तकर्ता खाते की जानकारी से पुलिस को ठगी की पूरी कड़ी जोड़ने में मदद मिल सकती है।

इसके अलावा डेटिंग ऐप पर हुई बातचीत, मोबाइल नंबर, चैट, लिंक और रेटिंग ऐप से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस यह भी पता लगा सकती है कि इसी तरीके से किसी अन्य व्यक्ति को भी निशाना बनाया गया है या नहीं।

शुरुआती मुनाफे के झांसे से सावधान रहने की जरूरत

इस घटना का सबसे अहम पहलू शुरुआती मुनाफा है। युवक को शुरुआत में कुछ रकम वापस मिली, जिससे उसे लगा कि सामने वाला व्यक्ति और ऐप भरोसेमंद हैं। लेकिन बाद में यही भरोसा बड़ी रकम के नुकसान का कारण बन गया।

साइबर अपराधियों द्वारा लोगों का भरोसा जीतने के लिए शुरुआत में छोटी रकम का भुगतान करने की रणनीति अपनाई जा सकती है। इसके बाद पीड़ित को बड़ी रकम लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है। रकम जमा होने के बाद रिफंड या निकासी के नाम पर नए भुगतान की मांग की जा सकती है। पटना का यह मामला इसी तरह के कथित पैटर्न की ओर संकेत करता है, हालांकि पूरे नेटवर्क और ठगी के तरीके की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।

युवाओं के लिए बड़ा सबक

ऑनलाइन डेटिंग और सोशल मीडिया के जरिए नए लोगों से जुड़ना आज आम हो गया है। लेकिन किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर पैसे निवेश करना या किसी ऐप पर बैंकिंग जानकारी साझा करना जोखिम भरा हो सकता है। यदि कोई व्यक्ति ऑनलाइन दोस्ती के बाद अचानक निवेश या कमाई का ऑफर देता है और पैसे जमा करने के लिए दबाव बनाता है, तो उसकी विश्वसनीयता की जांच किए बिना आगे बढ़ना नुकसानदायक हो सकता है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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