Aadhaar में अब नाम बदलना हुआ आसान? UIDAI ने जारी किए नए नियम

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Aadhaar में नाम सुधार या बदलाव के लिए UIDAI ने नया SOP जारी किया है। जानें शादी, तलाक, डेटा एंट्री और पूरे नाम बदलने के नियम।

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( नई दिल्ली)। आधार कार्ड में नाम को लेकर होने वाली छोटी-बड़ी गलतियों को ठीक कराने वालों के लिए जरूरी खबर है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण यानी UIDAI ने Aadhaar में नाम अपडेट करने से संबंधित नया Standard Operating Procedure यानी SOP जारी किया है। इसमें नाम सुधार या बदलाव के अलग-अलग मामलों के लिए प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों को स्पष्ट किया गया है।

UIDAI की ओर से जारी SOP का उद्देश्य नाम अपडेट से जुड़े मामलों में एक समान प्रक्रिया लागू करना है, ताकि नाम में मामूली गलती से लेकर बड़े बदलाव तक के मामलों की जांच और निपटारा तय नियमों के अनुसार किया जा सके। UIDAI की वेबसाइट पर सितंबर 2026 में नाम अपडेट से जुड़े SOP को सूचीबद्ध किया गया है।

Aadhaar में नाम अपडेट के लिए नया नियम क्या है?

नए SOP में यह समझने की कोशिश की गई है कि Aadhaar में नाम बदलने या सुधारने की वजह क्या है। हर मामले में एक जैसे दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे। नाम में टाइपिंग या डेटा एंट्री की गलती, शादी के बाद सरनेम बदलना, तलाक के बाद नाम में बदलाव, नाम में ‘उर्फ’ जैसी स्थिति या पूरे नाम में बदलाव जैसे मामलों के लिए अलग-अलग प्रक्रिया हो सकती है।

इसका मतलब यह है कि Aadhaar में नाम अपडेट कराने से पहले यह पहचानना जरूरी होगा कि आपका मामला किस श्रेणी में आता है। उसी के आधार पर संबंधित दस्तावेज और निर्धारित प्रक्रिया अपनानी होगी।

डेटा एंट्री की गलती होने पर क्या करें?

अगर Aadhaar में नाम डेटा एंट्री की गलती के कारण गलत दर्ज हो गया है और पहले दिए गए पहचान या संबंध संबंधी दस्तावेज में सही नाम मौजूद है, तो संबंधित दस्तावेज के आधार पर सुधार की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

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SOP में वयस्क और नाबालिगों के लिए अलग-अलग शपथपत्र संबंधी प्रावधान बताए गए हैं। ऐसे मामलों में निर्धारित दस्तावेज के साथ संबंधित अनुबंध का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।

इस तरह की व्यवस्था का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि Aadhaar में नाम का सुधार किसी नए नाम परिवर्तन के रूप में नहीं, बल्कि पहले से उपलब्ध सही दस्तावेज के आधार पर किया जाए।

Aadhaar में शादी के बाद सरनेम बदलने का नियम

शादी के बाद नाम या सरनेम बदलना आम स्थिति है। नए SOP में ऐसे मामलों के लिए भी अलग प्रक्रिया का प्रावधान है। यदि किसी महिला या व्यक्ति ने विवाह के बाद अपने नाम या सरनेम में बदलाव किया है, तो निर्धारित पहचान संबंधी दस्तावेजों के साथ संबंधित प्रमाण प्रस्तुत करना पड़ सकता है।

इसी तरह तलाक के बाद नाम में बदलाव की स्थिति में भी संबंधित दस्तावेज महत्वपूर्ण होंगे। UIDAI के मौजूदा नियमों में नाम परिवर्तन के लिए स्वीकार्य दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाती है।

नाम में ‘उर्फ’ या दो नाम होने पर क्या होगा?

कई लोगों के दस्तावेजों में नाम के साथ ‘उर्फ’ या दो अलग नाम दर्ज होते हैं। अगर कोई व्यक्ति इनमें से किसी एक नाम को हटाकर सिर्फ एक नाम रखना चाहता है, तो इसके लिए भी SOP में अलग प्रावधान बताया गया है।

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ऐसे मामलों में वयस्क और नाबालिग के लिए निर्धारित शपथपत्र तथा पहचान या संबंध से जुड़े दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए केवल Aadhaar कार्ड देखकर नाम बदलने की कोशिश करने के बजाय पहले यह देखना जरूरी है कि दूसरे वैध दस्तावेजों में नाम किस रूप में दर्ज है।

Aadhaar में पूरा नाम बदलने के लिए Gazette जरूरी

अगर कोई व्यक्ति अपने पहले नाम या पूरे नाम में बड़ा बदलाव करना चाहता है, तो प्रक्रिया सामान्य नाम सुधार से अलग हो सकती है। UIDAI की आधिकारिक जानकारी के अनुसार पहले या पूरे नाम में बदलाव के लिए Gazette notification और Aadhaar में दर्ज पुराने नाम वाला पहचान प्रमाण देना होता है। Gazette में दर्ज पता भी Aadhaar में दर्ज पते से मेल खाना चाहिए।

इसलिए किसी व्यक्ति को सिर्फ स्पेलिंग की छोटी गलती सुधारने और पूरी तरह नाम बदलने को एक ही प्रक्रिया नहीं समझना चाहिए। दोनों मामलों में दस्तावेज और सत्यापन की जरूरत अलग हो सकती है।

डॉ., श्री, मिस्टर जैसे Prefix हटाने का भी प्रावधान

कई बार Aadhaar में नाम के आगे डॉ., कर्नल, श्री, श्रीमती या मिस्टर जैसे पद, रैंक अथवा Prefix दर्ज हो जाते हैं। नए SOP में ऐसे मामलों के लिए भी प्रक्रिया का प्रावधान है।

अगर व्यक्ति अपने नाम से ऐसे Prefix या पदनाम को हटाना चाहता है, तो निर्धारित पहचान दस्तावेज के आधार पर नाम अपडेट की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इसका उद्देश्य Aadhaar में दर्ज नाम को संबंधित वैध दस्तावेजों के अनुरूप रखना है।

Aadhaar में नाम कितनी बार बदल सकते हैं?

नाम अपडेट को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात इसकी सीमा है। UIDAI के मौजूदा नियमों के अनुसार नाम को सामान्य प्रक्रिया के तहत दो बार अपडेट किया जा सकता है। वहीं जन्मतिथि और जेंडर के लिए सामान्य अपडेट सीमा अलग है।

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अगर नाम अपडेट की दो बार की सीमा पूरी हो चुकी है, तो सामान्य प्रक्रिया के तहत तीसरी बार बदलाव नहीं किया जा सकता। हालांकि विशेष परिस्थितियों में UIDAI की निर्धारित exception process के तहत अनुरोध किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी दस्तावेज और कारण प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं।

नाम अपडेट के लिए Aadhaar केंद्र जाना होगा

एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि नया SOP जारी होने का अर्थ यह नहीं है कि हर प्रकार का नाम परिवर्तन घर बैठे ऑनलाइन किया जा सकेगा। UIDAI की मौजूदा जानकारी के अनुसार नाम में सुधार या बदलाव के लिए नजदीकी Aadhaar Seva Kendra या Aadhaar Enrolment Centre जाना होता है। ऑनलाइन पोर्टल पर वर्तमान में मुख्य रूप से Address और Document Update जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं।

Aadhaar केंद्र पर आवेदक को संबंधित मूल दस्तावेज प्रस्तुत करने पड़ सकते हैं। वहां दस्तावेजों का सत्यापन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद अपडेट अनुरोध दर्ज किया जाता है।

नाम बदलने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

Aadhaar में नाम अपडेट कराने से पहले यह जांच लें कि PAN कार्ड, पासपोर्ट, बैंक रिकॉर्ड, वोटर ID, जन्म प्रमाणपत्र या अन्य जरूरी दस्तावेजों में नाम किस रूप में दर्ज है। अलग-अलग दस्तावेजों में अलग नाम होने पर आगे सत्यापन के दौरान परेशानी हो सकती है।

साथ ही नाम में छोटी स्पेलिंग की गलती और कानूनी तौर पर पूरा नाम बदलने के बीच अंतर समझना जरूरी है। यदि मामला Gazette notification, विवाह प्रमाणपत्र, तलाक के आदेश या किसी अन्य विशेष दस्तावेज से जुड़ा है, तो संबंधित प्रमाण साथ रखना बेहतर होगा।

UIDAI ने क्यों जारी किया नया SOP?

नाम अपडेट से जुड़े मामलों में अलग-अलग परिस्थितियां सामने आती रही हैं। कहीं डेटा एंट्री की गलती होती है तो कहीं विवाह, तलाक या कानूनी प्रक्रिया के बाद नाम बदलता है। ऐसे में हर मामले में एक समान प्रक्रिया अपनाना आसान नहीं होता।

नया SOP इन अलग-अलग परिस्थितियों के लिए प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित करने की दिशा में एक कदम है। इससे Aadhaar केंद्रों पर काम करने वाले ऑपरेटरों और नाम अपडेट कराने वाले लोगों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि किस स्थिति में कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं।

क्या Aadhaar में नाम बदलना अब आसान हो गया?

नए नियमों से नाम अपडेट की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट जरूर हुई है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर व्यक्ति बिना अतिरिक्त दस्तावेज के आसानी से पूरा नाम बदल सकेगा। मामूली सुधार और बड़े नाम परिवर्तन के लिए अलग-अलग नियम लागू होंगे।

सबसे जरूरी बात यह है कि Aadhaar में नाम अपडेट कराने से पहले अपने मामले की सही श्रेणी समझें और UIDAI द्वारा स्वीकार किए गए दस्तावेज ही प्रस्तुत करें। सामान्य नाम अपडेट की सीमा भी ध्यान में रखें।

इसलिए अगर आपके Aadhaar में नाम गलत है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। पहले यह जांचें कि गलती किस प्रकार की है, संबंधित प्रमाण जुटाएं और फिर Aadhaar Seva Kendra पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करें। बड़े नाम परिवर्तन या सीमा पूरी होने वाले मामलों में UIDAI की विशेष प्रक्रिया और अतिरिक्त दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट