धरहरा सीओ पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप, भूमि परिमार्जन आवेदन रिवर्ट होने से जुड़ा मामला

अंचल अधिकारी

सांकेतिक तस्वीर (AI Photo)

निष्कर्ष भारत-संवाददाता-मुंगेर/धरहरा। भूमि से संबंधित परिमार्जन आवेदन रिवर्ट होने की जानकारी लेने के दौरान धरहरा अंचल अधिकारी पर गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है। मामले को लेकर लड़ैयाटांड़ थाना क्षेत्र के कुमारपुर निवासी अमित राय ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और डीसी को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेजकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। इस पूरे मामले से जुड़ा एक ऑडियो भी प्रसारित हो रहा है। हालांकि, इस ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासनिक जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

भूमि की रसीद ऑनलाइन कराने के लिए किया था आवेदन

शिकायतकर्ता अमित राय के अनुसार, उनकी भूमि की ऑफलाइन रसीद को ऑनलाइन कराने के उद्देश्य से उन्होंने 20 जून 2026 को परिमार्जन के लिए आवेदन किया था। आवेदन प्रक्रिया के तहत वह लगातार इसकी स्थिति की जानकारी ले रहे थे। अमित राय का कहना है कि 19 अगस्त को आवेदन की स्थिति की जानकारी लेने पर उन्हें पता चला कि आवेदन को रिवर्ट कर दिया गया है।

बताया गया कि आवेदन में गलत रकबा दर्शाए जाने की वजह से उसे रिवर्ट किया गया था। इसके बाद शिकायतकर्ता ने आवेदन वापस किए जाने का कारण जानने और आगे की प्रक्रिया समझने के लिए 20 अगस्त को धरहरा अंचल अधिकारी से मोबाइल फोन पर बातचीत की।

पैसे मांगने का आरोप, विरोध के बाद विवाद बढ़ने का दावा

अमित राय ने अपने शिकायत आवेदन में बातचीत के दौरान अंचल अधिकारी पर काम कराने के लिए पैसे दिए जाने के संबंध में पूछने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्होंने पैसे देने को लेकर आपत्ति जताई। इसके बाद बातचीत कथित रूप से विवाद में बदल गई।

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अमित राय का आरोप है कि आपत्ति जताने के बाद अंचल अधिकारी कथित तौर पर आक्रोशित हो गए और उनके साथ गाली-गलौज करने लगे। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई।

शिकायत के मुताबिक, बातचीत के दौरान अधिकारी की ओर से कथित तौर पर यह भी कहा गया कि यदि वह सामने होते तो उन्हें पटककर जान से मार देते। इन आरोपों के बाद शिकायतकर्ता ने मामले को गंभीर बताते हुए वरीय अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया है।

बातचीत रिकॉर्ड होने का दावा

अमित राय ने अपने आवेदन में दावा किया है कि अंचल अधिकारी के साथ मोबाइल फोन पर हुई बातचीत उनके फोन में रिकॉर्ड है। उन्होंने कहा है कि जरूरत पड़ने पर वह इस रिकॉर्डिंग को जांच के लिए संबंधित अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकते हैं।

इधर, मामले से जुड़ा एक ऑडियो सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से प्रसारित होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, प्रसारित ऑडियो की आवाज, उसकी पूरी बातचीत और संदर्भ की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए ऑडियो में मौजूद कथित बातचीत को फिलहाल आरोप के तौर पर ही देखा जा रहा है।

डीएम और एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग

शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और डीसी को भेजे अपने आवेदन में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने अधिकारियों से अनुरोध किया है कि मोबाइल बातचीत की रिकॉर्डिंग सहित उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जाए और आरोपों की सत्यता सामने लाई जाए।

अमित राय ने अपने शिकायत आवेदन में कहा है कि यदि जांच में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पदाधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि एक आम नागरिक के तौर पर भूमि संबंधी आवेदन की स्थिति जानना उनका अधिकार है और इस दौरान किसी भी तरह की कथित अभद्रता या धमकी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी आरोपों की सच्चाई

मामला सामने आने के बाद अब प्रशासनिक स्तर पर जांच की मांग की गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसी तरह प्रसारित ऑडियो की प्रमाणिकता भी आधिकारिक जांच के बिना तय नहीं की जा सकती।

ऐसे में पूरे मामले में शिकायतकर्ता के आरोप, मोबाइल रिकॉर्डिंग और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। यदि रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों से आरोपों की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। वहीं, जांच में आरोपों की पुष्टि नहीं होने पर मामले की वास्तविक स्थिति भी स्पष्ट हो जाएगी।

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भूमि के परिमार्जन आवेदन से शुरू हुआ यह विवाद अब कथित गाली-गलौज, पैसे मांगने और धमकी के आरोपों तक पहुंच गया है। शिकायतकर्ता की ओर से वरीय अधिकारियों से की गई शिकायत के बाद अब लोगों की नजर प्रशासनिक जांच और आगे की कार्रवाई पर है।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट

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