भोजपुर में गंगा का रौद्र रूप! डेंजर लेवल पार कर बाढ़ का पानी फैला, मगरमच्छ दिखने से ग्रामीणों में दहशत
निचले इलाकों और कई संपर्क पथों पर बाढ़ का पानी फैलने लगा
निष्कर्ष भारत-संवाददाता-आरा/बड़हरा। भोजपुर जिले के बड़हरा प्रखंड में गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार की सुबह छह बजे गंगा नदी का जलस्तर निर्धारित डेंजर लेवल 55.08 मीटर को पार कर गया। जलस्तर के खतरे के निशान से ऊपर पहुंचते ही प्रखंड के निचले और मैदानी इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा है। कई संपर्क मार्गों पर पानी चढ़ जाने से ग्रामीणों के आवागमन पर भी असर पड़ने लगा है।
गंगा के जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। प्रशासन और स्थानीय लोगों की नजर अब नदी के जलस्तर पर बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर बढ़ने का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
कई संपर्क पथों पर चढ़ा बाढ़ का पानी
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर अब गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों पर भी दिखाई देने लगा है। बाढ़ का पानी नेकनाम टोला संपर्क पथ, सिरसिया गांव के संपर्क पथ और बखोरापुर-फरना पथ पर पहुंच गया है।
इन सड़कों पर पानी बढ़ने से ग्रामीणों के लिए आवागमन मुश्किल होने की आशंका है। खासकर पैदल और छोटे वाहनों से आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि जलस्तर में और वृद्धि हुई तो कई अन्य रास्तों पर भी पानी चढ़ सकता है, जिससे गांवों का संपर्क प्रभावित हो सकता है।

निचले इलाकों में पानी फैलने के साथ ग्रामीणों के बीच रोजमर्रा की जरूरतों को लेकर भी चिंता बढ़ रही है। ग्रामीण लगातार नदी के जलस्तर पर नजर रख रहे हैं और संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए आवश्यक सामान सुरक्षित स्थानों पर रखने की तैयारी कर रहे हैं।
फसलों पर मंडराया नुकसान का खतरा
गंगा के बढ़ते जलस्तर ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। निचले इलाकों में खेतों में लगी मक्का, सब्जी और अन्य फसलों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। खेतों में पानी भरने की स्थिति में फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
किसानों का कहना है कि खेती पर उनकी आजीविका काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में बाढ़ का पानी खेतों में लंबे समय तक जमा रहा तो तैयार फसल बर्बाद होने के साथ-साथ आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
ग्रामीण नन्हक राय ने बताया कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला लगातार जारी है। अगर आने वाले दिनों में नदी का पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। ग्रामीणों ने संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन से सतर्कता बढ़ाने की मांग की है।
बाढ़ के पानी में दिखा मगरमच्छ, वीडियो वायरल
बड़हरा में गंगा का जलस्तर बढ़ने के बीच एक और घटना ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार की सुबह बड़हरा गांव के समीप बाढ़ के पानी में एक मगरमच्छ दिखाई दिया। स्थानीय किसानों ने पानी में मगरमच्छ को देखने के बाद उसका वीडियो भी बनाया।

बताया जा रहा है कि वीडियो में मगरमच्छ बाढ़ के पानी में किसी पक्षी या मछली का शिकार करता हुआ दिखाई दे रहा है। मगरमच्छ दिखाई देने की खबर आसपास के इलाकों में फैलते ही ग्रामीणों के बीच डर का माहौल बन गया।
ग्रामीणों का कहना है कि बाढ़ का पानी अब गांवों और खेतों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में नदी से जलीय जीवों के भी बाढ़ के पानी के साथ आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आने की आशंका है। मगरमच्छ दिखाई देने के बाद लोग पानी वाले इलाकों में जाने से बच रहे हैं।
नदी से मगरमच्छ आने की आशंका
विस सूत्री अध्यक्ष शुभम पांडेय ने बताया कि गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण नदी का पानी तेजी से आसपास के इलाकों में फैल रहा है। इसी दौरान नदी से मगरमच्छ के बाढ़ के पानी के साथ आने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, बाढ़ के पानी में मगरमच्छ दिखाई देने के बाद खासकर किसानों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। खेतों और जलमग्न रास्तों की ओर जाने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है।
हालांकि, मगरमच्छ के बड़हरा गांव के समीप पहुंचने के संबंध में अभी विस्तृत प्रशासनिक पुष्टि सामने नहीं आई है। स्थानीय किसानों द्वारा बनाए गए वीडियो के आधार पर ही मगरमच्छ देखे जाने की जानकारी सामने आई है।
जलस्तर बढ़ा तो और बिगड़ सकती है स्थिति
गंगा नदी के डेंजर लेवल को पार करने के बाद बड़हरा प्रखंड के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। संपर्क पथों पर पानी चढ़ने, खेतों के जलमग्न होने और अब बाढ़ के पानी में मगरमच्छ दिखाई देने की घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है।
फिलहाल ग्रामीण नदी के जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं। आने वाले दिनों में जलस्तर में होने वाला उतार-चढ़ाव बड़हरा की स्थिति के लिए महत्वपूर्ण होगा। यदि गंगा का पानी और ऊपर जाता है तो अधिक संपर्क मार्गों, खेतों और निचले इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने की आशंका है।
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ऐसे में स्थानीय स्तर पर सतर्कता बढ़ाना और ग्रामीणों को संभावित खतरे से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाना महत्वपूर्ण होगा। खासकर जलमग्न रास्तों और नदी से जुड़े क्षेत्रों में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
भूमि आर्या की रिपोर्ट
