भोजपुर में गल्ला कारोबारी से अपराधियों ने मांगी रंगदारी, 10 लाख नहीं दिए तो होगा कांड, जांच में जुटी पुलिस
भोजपुर में गल्ला कारोबारी से 10 लाख की रंगदारी, ट्रक फोड़ा
निष्कर्ष भारत, संवाददाता भोजपुर। भोजपुर जिले में गल्ला कारोबारी रंगदारी मामले ने उदवंत नगर थाना क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। बताया जा रहा हैं की तेतरिया मोड़ पर हथियारबंद बदमाशों ने गल्ला कारोबारी विश्वजीत कुमार से कथित तौर पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। पीड़ित का आरोप है कि रकम नहीं देने पर गंभीर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। इसके बाद बदमाशों ने दुकान के सामने खड़े ट्रक में तोड़फोड़ कर उसके शीशे तोड़ दिए।
घटना के बाद गल्ला कारोबारी और उनका परिवार दहशत में है। पीड़ित ने उदवंत नगर थाने में लिखित आवेदन देकर पुलिस से कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
हथियारबंद बदमाशों ने दुकान पर पहुंचकर मांगी रकम
जानकारी के अनुसार, विश्वजीत कुमार भोजपुर के नवादा थाना क्षेत्र के आनाइट के रहने वाले हैं और तेतरिया मोड़ पर गल्ले का कारोबार करते हैं। पीड़ित के मुताबिक, घटना के दौरान करीब आधा दर्जन हथियारबंद लोग उनकी दुकान पर पहुंचे।
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बताया गया कि बदमाशों ने सीधे 10 लाख रुपये की गल्ला कारोबारी से रंगदारी की मांग की। कथित तौर पर रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। अचानक हथियारबंद लोगों के दुकान पर पहुंचने से कारोबारी घबरा गए।

स्थिति को देखते हुए उन्होंने दुकान बंद की और वहां से चले गए। उस समय उनके लिए प्राथमिकता खुद को सुरक्षित रखना थी। हालांकि, घटना के कुछ समय बाद जब वह वापस दुकान पर पहुंचे तो वहां का दृश्य देखकर हैरान रह गए।
गल्ला कारोबारी के ट्रक में जमकर तोड़फोड़
पीड़ित के अनुसार, गल्ला कारोबारी के सामने खड़े उनके ट्रक को बदमाशों ने निशाना बनाया था। वाहन के शीशे तोड़ दिए गए और ट्रक को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। आरोप है कि रंगदारी की मांग पूरी नहीं होने पर दहशत पैदा करने के उद्देश्य से वाहन में तोड़फोड़ की गई।
बताया गया कि कारोबारी शाम करीब 7:30 बजे दोबारा दुकान पर पहुंचे थे। वहां ट्रक की हालत देखकर उन्हें घटना की गंभीरता का अंदाजा हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
रंगदारी की मांग के साथ वाहन में तोड़फोड़ किए जाने से कारोबारी की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना के बाद से वे भय के माहौल में हैं।
गल्ला कारोबारी रंगदारी मामले में पुलिस जांच शुरू
घटना की जानकारी मिलने के बाद उदवंत नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दुकान और उसके आसपास के इलाके का जायजा लिया और घटना से जुड़े सुराग जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात में शामिल बदमाश कौन थे। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि बदमाशों ने कारोबारी को पहले से निशाना बनाया था या घटना के पीछे कोई अन्य वजह थी। पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा सकती है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज उपलब्ध होने पर उसकी जांच भी मामले में अहम साबित हो सकती है।
परिवार में दहशत, सुरक्षा की लगाई गुहार
वही इस घटना के बाद गल्ला कारोबारी के परिवार में डर का माहौल है। पीड़ित का कहना है कि हथियारबंद बदमाशों द्वारा रंगदारी की मांग और फिर ट्रक में तोड़फोड़ किए जाने से उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता है। उन्होंने पुलिस से आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी गुहार लगाई गई है।
स्थानीय स्तर पर भी घटना को लेकर चर्चा तेज है। कारोबारियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि यदि हथियारबंद बदमाश किसी कारोबारी की दुकान तक पहुंचकर रंगदारी की मांग कर सकते हैं, तो व्यावसायिक इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता की जरूरत है।
10 लाख की रंगदारी की मांग ने बढ़ाई चिंता
इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण बिंदु 10 लाख रुपये की कथित रंगदारी की मांग है। इतनी बड़ी रकम की मांग और उसके बाद वाहन को नुकसान पहुंचाने की घटना को पुलिस गंभीरता से ले रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि रंगदारी मांगने वाले लोगों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड है या नहीं। साथ ही यह भी जांच का हिस्सा हो सकता है कि क्या उनके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है। हालांकि, फिलहाल पुलिस जांच के शुरुआती चरण में है। इसलिए आरोपियों की पहचान, उनकी संख्या और कथित आपराधिक नेटवर्क से संबंध के बारे में अभी अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
गल्ला कारोबारी मामले में कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
गल्ला कारोबारी घटना के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। बदमाशों को गल्ला कारोबारी के बारे में जानकारी कैसे मिली? क्या उन्होंने पहले से दुकान की रेकी की थी? रंगदारी की रकम 10 लाख रुपये ही क्यों मांगी गई? क्या कारोबारी को इससे पहले भी किसी तरह की धमकी मिली थी? इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के साथ सामने आ सकते हैं। पुलिस पीड़ित के बयान के साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों को भी जांच का आधार बनाएगी। यदि पुलिस को आरोपियों के बारे में कोई ठोस सुराग मिलता है तो उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज की जा सकती है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले की छानबीन जारी है।
कारोबारियों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
भोजपुर में गल्ला कारोबारी से रंगदारी की कथित घटना ने एक बार फिर व्यवसायियों की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू कर दी है। व्यापारिक गतिविधियों वाले इलाकों में दुकानदार अक्सर देर शाम तक कारोबार करते हैं। ऐसे में आपराधिक घटनाओं का खतरा कारोबारियों के लिए चिंता का विषय बन सकता है।
इस घटना में कारोबारी को सीधे नुकसान पहुंचाने के बजाय पहले रंगदारी की मांग और फिर ट्रक में तोड़फोड़ किए जाने का आरोप है। इससे यह संकेत मिलता है कि धमकी को गंभीर बनाने के लिए वाहन को नुकसान पहुंचाया गया हो सकता है। हालांकि इसका वास्तविक उद्देश्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
जांच के बाद साफ होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल भोजपुर गल्ला कारोबारी रंगदारी मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पीड़ित के आवेदन के आधार पर पुलिस आरोपों की पड़ताल कर रही है और बदमाशों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। दुकान के आसपास के इलाके से सुराग जुटाने के साथ पुलिस यह भी पता लगाने में लगी है कि घटना के पीछे किसी संगठित आपराधिक गिरोह की भूमिका है या नहीं। दूसरी ओर, कारोबारी परिवार को अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
10 लाख रुपये की कथित रंगदारी मांगने और ट्रक में तोड़फोड़ की इस घटना ने तेतरिया मोड़ इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी पर है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही यह स्पष्ट होगा कि वारदात के पीछे कौन लोग थे और उनका वास्तविक मकसद क्या था।
अमन कुमार की रिपोर्ट
