पूर्णिया पुलिस का नशे के कारोबार पर शिकंजा, 40 लाख के स्मैक के साथ तीन गिरफ्तार

पूर्णिया में 406 ग्राम स्मैक के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार

पूर्णिया में स्मैक तस्करी और घूस के कथित कारोबार पर बड़ी कार्रवाई

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पूर्णिया। पूर्णिया स्मैक तस्करी के खिलाफ बिहार की पूर्णिया पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने करीब 40 लाख रुपये मूल्य की 406 ग्राम स्मैक के साथ तीन अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान विशाल कुमार, सनी कुमार और पश्चिम बंगाल के कालियाचक निवासी सुभान शेख के रूप में हुई है। तस्करों से पूछताछ के बाद जांच दालकोला चेकपोस्ट तक पहुंची, जहां मद्य निषेध विभाग के कर्मियों पर रिश्वत लेकर तस्करी में मदद करने के आरोप सामने आए।

पूर्णिया में 406 ग्राम स्मैक के साथ तीन तस्कर गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक तीनों आरोपियों को स्मैक की खेप के साथ पकड़ा गया। बरामद 406 ग्राम स्मैक की अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल एक पल्सर मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं।

पूर्णिया के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि नशे के कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ के दौरान पुलिस को तस्करी के नेटवर्क से जुड़े कुछ अहम सुराग मिले।

पूछताछ में सामने आया रिश्वत का कथित कारोबार

पुलिस के अनुसार पूछताछ में तस्करों ने आरोप लगाया कि दालकोला चेकपोस्ट पर तैनात मद्य निषेध विभाग के होमगार्ड जवान आकाश उरांव, ब्रजकिशोर कुमार और राजकिशोर कुमार कथित तौर पर 70 हजार रुपये लेकर स्मैक और अवैध शराब की खेप सीमा पार करवाने में मदद करते थे।

इसे भी पढ़े: नवंबर में MLC चुनाव का बजेगा बिगुल, 8 सीटों पर होगा मुकाबला, दलों ने शुरू की तैयारी

तस्करों के इस कथित खुलासे के बाद पुलिस टीम ने तत्काल दालकोला चेकपोस्ट पर छापेमारी की। जांच के दौरान होमगार्ड जवान आकाश उरांव के पास से 55 हजार रुपये नकद बरामद किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद आकाश उरांव और ब्रजकिशोर कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया।

पांच गिरफ्तारियों से तस्करी के नेटवर्क में हड़कंप

तीन तस्करों और दो होमगार्ड जवानों की गिरफ्तारी के बाद मामले में कुल पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस ने आरोपियों से कुल 95 हजार रुपये नकद, 406 ग्राम स्मैक, एक पल्सर मोटरसाइकिल और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद नकदी का तस्करी से क्या संबंध है और कथित तौर पर चेकपोस्ट से कितनी खेप पहले सीमा पार कराई गई। मोबाइल फोन की जांच के जरिए भी तस्करी नेटवर्क से जुड़े संपर्कों को खंगाला जा रहा है।

दालकोला चेकपोस्ट पर अवैध कारोबार की जांच

मामला केवल तीन तस्करों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा है। तस्करों और गिरफ्तार जवानों से पूछताछ के बाद पुलिस की जांच सरकारी कर्मचारियों की कथित भूमिका तक पहुंच गई है।

एसएसपी के अनुसार गिरफ्तार जवानों ने पूछताछ में दावा किया कि वे दालकोला चेकपोस्ट पर तैनात मद्य निषेध विभाग के प्रभारी दुर्गेश कुमार को भी रिश्वत का हिस्सा देते थे। इस कथित संलिप्तता के आधार पर दुर्गेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि, प्राथमिकी में किसी व्यक्ति का नाम होना अपराध सिद्ध होने के समान नहीं है। पुलिस अब उपलब्ध साक्ष्यों और आरोपों की जांच कर रही है।

पहले भी सामने आया था तस्करी का मामला

पूर्णिया पुलिस के अनुसार कुछ दिन पहले हुई छापेमारी में दालकोला चेकपोस्ट के एक डाटा एंट्री ऑपरेटर का नाम भी कथित तौर पर स्मैक तस्करी से जुड़े मामले में सामने आया था। इसके बाद चेकपोस्ट पर तैनात कर्मियों की भूमिका को लेकर सवाल और गंभीर हो गए हैं। लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच पुलिस की कोशिश अब केवल नशीले पदार्थ बरामद करने तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि तस्करी के पीछे कौन लोग हैं और उन्हें किसी स्तर पर संरक्षण या सहायता तो नहीं मिल रही थी।

कारोबार पर पुलिस की सख्ती का संदेश

पूर्णिया पुलिस की ताजा कार्रवाई को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्त कदम माना जा रहा है। पुलिस ने तस्करों के साथ-साथ कथित रूप से उनकी मदद करने वाले सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की है।

निष्पक्ष खबरों के लिए, हमारे यूट्यूब चैनल से जुड़े निष्पक्ष खबरों के लिए, हमारे यूट्यूब चैनल से जुड़े…..अब और नहीं सहेंगे अनियमितता’: बिहार के अभ्यर्थियों का बड़ा आंदोलन, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की गुहारइसे भी पढ़े: बिहार में बाढ़ के खतरे को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, निशांत बोले-हर आपात स्थिति से निपटने की तैयारी

एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। यदि कोई पुलिसकर्मी या सरकारी कर्मचारी अवैध गतिविधियों अथवा तस्करी में शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

जांच में सामने आ सकते हैं कारोबार से जुड़े और नाम

पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पूर्णिया पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। बरामद मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान जांच का अहम हिस्सा हैं। पूछताछ के आधार पर पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि स्मैक कहां से लाई जा रही थी और इसे किन इलाकों तक पहुंचाया जाना था।

अगर जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। इस मामले ने सीमावर्ती चेकपोस्ट पर निगरानी और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

कारोबार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति

पूर्णिया एसएसपी ने पुलिस और मद्य निषेध विभाग के कर्मचारियों को जीरो टॉलरेंस की नीति का संदेश दिया है। उनका कहना है कि सरकारी जिम्मेदारी का इस्तेमाल किसी भी तरह के अवैध कारोबार को बढ़ावा देने के लिए नहीं किया जा सकता।

पूर्णिया पुलिस की इस कार्रवाई के बाद नशे की तस्करी से जुड़े लोगों के बीच हड़कंप की स्थिति है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच आगे बढ़ने के साथ तस्करी के इस कथित नेटवर्क से जुड़े और कौन-कौन से नाम सामने आते हैं।

You may have missed