बक्सर में 6 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म मामले में उम्रकैद, पीड़िता को 13 लाख मुआवजा

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बक्सर में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म मामले में आरोपी को उम्रकैद

निष्कर्ष भारत संवाददाता बक्सर। बड़ी खबर बक्सर जिले से है जहां दुष्कर्म मामले में विशेष पोक्सो एक्ट के तहत अदालत ने फैसला सुनाते हुए अभियुक्त अरुण कुमार उर्फ अरुण कमकर को दोषी करार दिया है। अदालत ने दुष्कर्म मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद उसे आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। वही इसके साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष की अतिरिक्त सश्रम कैद भुगतनी होगी। अदालत के निर्देश के अनुसार पीड़िता और उसके परिवार को सरकार की ओर से 13 लाख रुपये मुआवजा भी दिया जाना है।

विशेष पोक्सो एक्ट अदालत में हुई सुनवाई

मामला एक छह वर्षीय बच्ची से जुड़े दुष्कर्म का है। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी सुनवाई विशेष POCSO अदालत में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष मामले से जुड़े तथ्यों और साक्ष्यों को रखा गया। पूरी न्यायिक प्रक्रिया के बाद अदालत ने दुष्कर्म मामले में अभियुक्त अरुण कुमार उर्फ अरुण कमकर को दोषी माना।

वही दुष्कर्म मामले में पीड़िता को न्याय मिलने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अदालत ने दोषसिद्धि के साथ सजा भी तय कर दी है, जिसमें आजीवन कठोर कारावास के अलावा आर्थिक दंड का प्रावधान किया गया है।

दुष्कर्म मामले में उम्रकैद की सजा

अदालत ने दोषी को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई है। वही इसके साथ दुष्कर्म मामले में 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अदालत के आदेश के मुताबिक यदि दोषी अर्थदंड की राशि जमा नहीं करता है तो उसे एक वर्ष की अतिरिक्त सश्रम कैद भुगतनी होगी।

इस तरह अदालत के फैसले में कारावास के साथ आर्थिक दंड का भी प्रावधान किया गया है। गंभीर अपराधों में अदालत द्वारा सुनाई जाने वाली सजा का उद्देश्य कानून के तहत दोषी को दंडित करना और पीड़ित पक्ष को न्यायिक राहत उपलब्ध कराना होता है।

छह साल की बच्ची से जुड़ा था मामला

यह पूरा मामला एक छह वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म जुड़ा है। नाबालिग पीड़िता की पहचान को कानून के तहत सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, इसलिए उसकी पहचान से संबंधित किसी भी जानकारी को सामने नहीं रखा गया है।

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बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों के मामलों में POCSO कानून के तहत विशेष न्यायिक प्रक्रिया अपनाई जाती है। ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें बनाई गई हैं, ताकि पीड़ित बच्चों से जुड़े मामलों का संवेदनशील तरीके से निपटारा किया जा सके।

पीड़िता के परिवार को मिलेगा 13 लाख मुआवजा

अदालत ने केवल दोषी को सजा सुनाने तक ही मामला सीमित नहीं रखा। आदेश के तहत पीड़िता और उसके परिवार को सरकार की ओर से 13 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की बात कही गई है।

पीड़ित मुआवजा व्यवस्था का उद्देश्य अपराध से प्रभावित व्यक्ति और उसके परिवार को आवश्यक आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया के साथ पीड़ित परिवार को सहायता मिलना भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

दुष्कर्म के मामलों में POCSO अदालत की भूमिका

नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों के मामलों में विशेष POCSO अदालत की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। ऐसे मामलों में अदालत साक्ष्यों, गवाहों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों पर विचार करने के बाद अपना निर्णय देती है।

बक्सर के इस मामले में भी सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराया और आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आर्थिक दंड और पीड़िता के परिवार को मुआवजे का निर्देश भी दिया गया।

फैसले से न्यायिक प्रक्रिया का संदेश

अदालत के फैसले के बाद यह संदेश सामने आता है कि नाबालिगों के खिलाफ गंभीर अपराधों में न्यायिक प्रक्रिया के तहत दोष सिद्ध होने पर कड़ी सजा का प्रावधान है। हालांकि, हर मामले में फैसला उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही किया जाता है।

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इस मामले में भी अदालत ने सुनवाई के बाद अभियुक्त को दोषी माना और उसके लिए आजीवन कठोर कारावास निर्धारित किया। फैसले के साथ जुर्माना और मुआवजे का प्रावधान पीड़ित पक्ष के लिए भी महत्वपूर्ण है।

बक्सर में फैसले के बाद चर्चा

अदालत के इस फैसले के बाद बक्सर में मामला चर्चा में है। छह वर्षीय बच्ची से जुड़े इस गंभीर अपराध में लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद दोषसिद्धि और सजा सुनाई गई है।

पीड़िता की सुरक्षा और पहचान की गोपनीयता ऐसे मामलों में सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल है। इसी कारण इस रिपोर्ट में बच्ची या उसके परिवार से जुड़ी ऐसी कोई जानकारी नहीं दी जा रही है, जिससे उसकी पहचान उजागर हो।

कानून के तहत आगे की प्रक्रिया

अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद मामले में कानून के तहत आगे की प्रक्रिया जारी रहेगी। दोषी को सुनाई गई सजा और अर्थदंड अदालत के आदेश के अनुसार लागू होगा। वहीं पीड़िता और उसके परिवार को 13 लाख रुपये के मुआवजे का लाभ दिए जाने की प्रक्रिया भी संबंधित स्तर पर पूरी की जानी है।

बक्सर के इस मामले में विशेष POCSO अदालत का फैसला नाबालिग से जुड़े गंभीर अपराध की न्यायिक सुनवाई का महत्वपूर्ण परिणाम है। अदालत ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए आजीवन कठोर कारावास की सजा दी है, जबकि पीड़िता के परिवार को आर्थिक सहायता देने का भी निर्देश दिया गया है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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