बिहार में बाढ़ का कहर, गंगा-सोन समेत कई नदियां उफान पर, पटना में बढ़ा खतरा

बाढ़

बाढ़ से हालात बिगड़े, गंगा-सोन समेत कई नदियां उफान पर

निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। बिहार में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है। गंगा और सोन समेत राज्य की कई प्रमुख नदियों का जलस्तर बढ़ने से पटना से लेकर भागलपुर, बक्सर, मुंगेर, कैमूर, रोहतास और जहानाबाद तक लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई इलाकों में बाढ़ के साथ तेज कटाव ने भी चिंता बढ़ा दी है। इंद्रपुरी सोन बराज से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर होने की आशंका है। प्रशासन ने नदी किनारे और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

लगातार बढ़ते बाढ़ के बीच दियारा क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। कई जगह आवागमन प्रभावित हुआ है, जबकि निचले इलाकों में पानी पहुंचने से स्कूल और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी असर पड़ रहा है।

पटना में बाढ़ का खतरा बढ़ा

राजधानी पटना में गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। दीघा घाट पर नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। दूसरी ओर पुनपुन नदी भी लाल निशान से करीब 160 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच चुकी है। इससे पटना के आसपास के निचले और दियारा इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।

सदर प्रखंड के नकटा दियारा और दानापुर के पन्नापुर दियारा समेत मोकामा और बख्तियारपुर के दियारा क्षेत्रों में पानी का असर दिखाई दे रहा है। कई जगह स्कूल बंद करने पड़े हैं। कुछ अस्पतालों में भी पानी घुसने से इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई हैं।

इसे भी पढ़िए…बिहार में भारी बारिश, 3 दिन का अलर्ट; पटना भी प्रभावित, पूर्वानुमान जारी

बाढ़ से गंगा के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। लगातार पानी बढ़ने की स्थिति में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की जरूरत पड़ सकती है। प्रशासन की ओर से नदी के आसपास अनावश्यक आवाजाही से बचने की अपील की गई है।

सोन नदी में भारी पानी, 69 गेट खोले गए

सोन नदी में पानी बढ़ने के बाद बाढ़ का खतरा रोहतास और आसपास के क्षेत्रों में भी बढ़ गया है। इंद्रपुरी सोन बराज से करीब 5.12 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की सूचना है। बाढ़ से पानी की भारी आवक को देखते हुए बराज के सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं।

जलस्तर में आगे और वृद्धि की आशंका के बीच नौहट्टा, रोहतास, तिलौथू, डेहरी और नासरीगंज के तटीय इलाकों में प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है। सोन के किनारे बसे गांवों में लोगों को सतर्क रहने और नदी के करीब नहीं जाने की सलाह दी गई है।

देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Sanjay Singh पर इल्ज़ाम लगाने वाले अपने गिरेबान में झाँक ले,मंत्री ने कर दिया मानहानि का मुकदमा…

पानी की मात्रा बढ़ने के साथ निचले इलाकों में खेतों और संपर्क मार्गों पर भी असर पड़ने की आशंका है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है।

जहानाबाद में दरधा नदी उफान पर

जहानाबाद में दरधा नदी के अचानक उफान पर आने से हालात बिगड़ गए। जाफरगंज पुल के ऊपर से करीब दो फीट पानी बह रहा है। पानी का बहाव तेज होने के कारण पुल से आवागमन बाधित हो गया है।

अचानक बढ़े पानी ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। नदी के आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पानी का स्तर बढ़ने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क प्रभावित होने की आशंका भी बनी हुई है।

बक्सर में बाढ़ से रास्तों पर चढ़ा पानी

बक्सर में गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर उसकी सहायक नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। कर्मनाशा नदी का पानी सिकरौल गांव के रास्ते पर करीब तीन फीट ऊपर तक पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है।

स्थानीय लोग पानी के बीच से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। इससे हादसे का खतरा भी बना हुआ है। बक्सर-मोहनिया एनएच पर पानी चढ़ने के बाद सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ है। गंगा और कर्मनाशा के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

कैमूर में बारिश के बाद नदियां उफनीं

कैमूर की पहाड़ियों में पिछले 24 घंटे के दौरान हुई भारी बारिश का असर कई नदियों पर पड़ा है। दुर्गावती, सुगवा, अवसानी, तुतलाही और काव समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है।

सुगवा नदी का पानी गुप्ता धाम के मुख्य द्वार तक पहुंच गया। तेज बहाव के कारण धाम के सामने मौजूद कई दुकानें पानी में बह गईं। अचानक बढ़े जलस्तर से स्थानीय लोगों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश और नदी के बढ़ते पानी के कारण पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।

सहरसा में नाव पलटी, महिला की मौत

सहरसा में तेज हवाओं के बीच 15 लोगों को लेकर जा रही नाव पलट गई। हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची के लापता होने की सूचना है। घटना के बाद इलाके में अफरातफरी मच गई।

नदी में तेज बहाव और खराब मौसम के बीच नावों के संचालन को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। स्थानीय स्तर पर राहत और बचाव की कार्रवाई की गई।

भागलपुर में गंगा का कटाव तेज

भागलपुर के नवगछिया इलाके में गंगा का कटाव बेहद गंभीर हो गया है। खरीक के राघोपुर-नरकटिया तटबंध का एक हिस्सा गंगा में समा गया। इससे आसपास के लोगों में दहशत का माहौल है।

शंकरपुर में करीब 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर भी कटाव की चपेट में आकर गंगा में समा गया। नदी की तेज धार लगातार किनारों को काट रही है, जिससे तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किल बढ़ गई है।

इसी बीच कटाव निरोधी कार्य में लगी 11 मजदूरों से भरी नाव भी तेज धार की चपेट में आ गई। हालांकि सभी मजदूरों को सुरक्षित बचा लिया गया।

कई नदियों के बढ़ते जलस्तर से चुनौती

बिहार में गंगा, सोन, पुनपुन, कर्मनाशा, दरधा, दुर्गावती और अन्य नदियों का बढ़ता जलस्तर अब प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। एक ओर जहां नदियां खतरे के निशान के ऊपर या उसके करीब बह रही हैं, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में कटाव तेजी से हो रहा है।

पटना, बक्सर, रोहतास, जहानाबाद, कैमूर और भागलपुर समेत कई जिलों में बाढ़ और कटाव का असर लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर दिखाई दे रहा है। दियारा और नदी किनारे बसे गांव सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।

ऐसे हालात में प्रशासन की प्राथमिकता तटीय क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, लोगों को सुरक्षित रखने और जरूरत पड़ने पर राहत-बचाव अभियान चलाने की है। आने वाले समय में नदियों के जलस्तर में होने वाला बदलाव ही यह तय करेगा कि बाढ़ का संकट कितना और बढ़ता है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

You may have missed