50 लाख के साइबर फ्रॉड का नोटिस मिला, घबराकर टावर पर चढ़ गया युवक
साइबर फ्रॉड का नोटिस मिला, घबराकर टावर पर चढ़ गया युवक
निष्कर्ष भारत संवाददाता-छपरा: बिहार के छपरा जिले में साइबर फ्रॉड से जुड़े एक नोटिस ने एक युवक को इतना परेशान कर दिया कि उसने अपनी जान देने की धमकी देते हुए पावर हाउस परिसर में स्थित एक टावर पर चढ़ने का कदम उठा लिया। नगर थाना क्षेत्र के तेलपा निवासी भोला चौधरी को साइबर थाने से उसके बैंक खाते से करीब 50 लाख रुपये के कथित साइबर फ्रॉड से जुड़े लेनदेन का नोटिस मिला था। नोटिस पढ़ने के बाद युवक काफी घबरा गया और मामले में खुद को निर्दोष बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग करने लगा।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। काफी देर तक समझाने-बुझाने और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन देने के बाद भोला चौधरी टावर से नीचे उतर आया। इसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल पुलिस बैंक खाते से जुड़े लेनदेन और साइबर फ्रॉड के पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
50 लाख रुपये के लेनदेन का जिक्र पढ़कर घबराया युवक
जानकारी के अनुसार, नगर थाना क्षेत्र के तेलपा निवासी शिवजी चौधरी के पुत्र भोला चौधरी को साइबर थाने से एक नोटिस मिला था। इस नोटिस में उसके बैंक खाते से करीब 50 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड से संबंधित लेनदेन का उल्लेख किया गया था।
इतनी बड़ी रकम का नाम सामने आने के बाद भोला चौधरी परेशान हो गया। उसका कहना था कि उसे समझ नहीं आ रहा था कि उसके बैंक खाते से जुड़े इतने बड़े साइबर फ्रॉड का मामला कैसे सामने आया।
नोटिस मिलने के बाद युवक मानसिक रूप से काफी दबाव में आ गया। उसने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह पता लगाया जाना चाहिए कि उसके बैंक खाते का कथित साइबर फ्रॉड में किस तरह इस्तेमाल हुआ।
पावर हाउस के टावर पर चढ़कर दी जान देने की धमकी
साइबर थाने का नोटिस मिलने के बाद भोला चौधरी पावर हाउस स्थित टावर पर जा चढ़ा। वहां पहुंचने के बाद उसने जान देने की बात कही, जिससे आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की सूचना तेजी से इलाके में फैल गई और पावर हाउस परिसर के आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी। लोगों ने युवक को टावर पर देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की कोशिश शुरू की गई। पुलिसकर्मी लगातार उससे बातचीत करते रहे और उसे शांत करने का प्रयास किया।
स्थिति को देखते हुए अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती युवक को किसी भी तरह सुरक्षित टावर से नीचे लाना था।
भोला बोला- मैं निर्दोष हूं, मामले की हो निष्पक्ष जांच
टावर पर मौजूद भोला चौधरी लगातार खुद को निर्दोष बता रहा था। उसका कहना था कि उसके बैंक खाते से जुड़े मामले की निष्पक्ष और गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।
उसने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उसके साथ जो परिस्थितियां पैदा हुई हैं, वैसी परेशानी किसी दूसरे व्यक्ति के सामने नहीं आनी चाहिए। युवक का कहना था कि वह साइबर फ्रॉड के आरोपों और नोटिस में सामने आई बड़ी रकम से बेहद परेशान हो गया था।
भोला के अनुसार, उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि उसके बैंक खाते से जुड़ा मामला इतने बड़े साइबर फ्रॉड की जांच तक पहुंच गया है। इसी डर और मानसिक दबाव के कारण उसने टावर पर चढ़ने जैसा खतरनाक कदम उठा लिया।
हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने उसे लगातार समझाया कि मामले की जांच कानूनी प्रक्रिया के तहत होगी और बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा जाएगा।
पुलिस के आश्वासन के बाद सुरक्षित नीचे उतरा युवक
काफी देर तक चले समझाने-बुझाने के प्रयास के बाद पुलिस अधिकारियों ने भोला चौधरी को मामले की निष्पक्ष जांच कराने का भरोसा दिलाया। अधिकारियों ने उसे आश्वस्त किया कि बैंक खाते से जुड़े पूरे प्रकरण की जांच कर वास्तविकता सामने लाई जाएगी।
पुलिस के आश्वासन के बाद युवक आखिरकार टावर से नीचे उतर आया। उसके सुरक्षित नीचे आने के बाद मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।
घटना के दौरान पावर हाउस परिसर में काफी संख्या में लोग जमा हो गए थे। युवक के नीचे उतरने के बाद स्थिति सामान्य हुई।
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बैंक खाते और साइबर फ्रॉड के एंगल की जांच शुरू
अब पुलिस का ध्यान उस मूल मामले की जांच पर है, जिसके कारण भोला चौधरी को साइबर थाने से नोटिस मिला था। जांच एजेंसियां बैंक खाते से जुड़े कथित लेनदेन और साइबर फ्रॉड के आरोपों की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संबंधित बैंक खाते से हुए लेनदेन की प्रकृति क्या थी और साइबर फ्रॉड के मामले से उसका संबंध किस आधार पर जोड़ा गया। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
साइबर अपराध के मामलों में कई बार बैंक खाते, मोबाइल नंबर और डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल की जांच की जाती है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसियां संबंधित खातों और लेनदेन की जानकारी जुटाकर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास करती हैं।
छपरा की घटना ने बढ़ाई साइबर फ्रॉड मामलों को लेकर चिंता
छपरा के तेलपा में हुई यह घटना साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलों में लोगों के सामने आने वाले मानसिक दबाव को भी उजागर करती है। एक बड़े वित्तीय मामले का नोटिस मिलने के बाद युवक इतना घबरा गया कि उसने अपनी जान देने की धमकी दे दी।
हालांकि, पुलिस की सतर्कता और समय पर हस्तक्षेप से युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर बैंक खाते से जुड़े कथित 50 लाख रुपये के साइबर फ्रॉड की सच्चाई सामने लाई जाए।
फिलहाल भोला चौधरी सुरक्षित है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक के बैंक खाते से जुड़े कथित लेनदेन का साइबर फ्रॉड मामले से वास्तविक संबंध क्या है और इस पूरे प्रकरण के पीछे कौन लोग शामिल हैं।
भूमि आर्या की रिपोर्ट
