पटना में डेंगू ने बढ़ाई चिंता, पहली संदिग्ध मौत से हड़कंप, अस्पताल में था भर्ती
पटना में डेंगू से पहली संदिग्ध मौत, 30 साल के युवक ने तोड़ा दम
निष्कर्ष भारत, संवाददाता पटना। पटना में डेंगू के मामले बढ़ने के बीच इस साल पहली संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है। कुर्जी स्थित एक अस्पताल में इलाज के दौरान 30 वर्षीय इंद्रदेव दास की मंगलवार देर रात मौत हो गई। परिजनों के अनुसार, जांच में इंद्रदेव में डेंगू संक्रमण की पुष्टि हुई थी और इलाज के दौरान उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने अभी इस मौत को डेंगू से हुई मौत के रूप में आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है।
इंद्रदेव कुर्जी स्थित लोयला हाईस्कूल में कर्मचारी थे। वह मूल रूप से झारखंड के सिमडेगा जिले के रहने वाले थे। उनकी मौत की खबर सामने आने के बाद डेंगू के बढ़ते मामलों को लेकर पटना में चिंता और बढ़ गई है।
पांच दिनों से तेज बुखार से परेशान थे इंद्रदेव
परिवार के लोगों के मुताबिक, इंद्रदेव को करीब पांच दिनों से लगातार तेज बुखार था। शुरुआत में बुखार का इलाज कराया गया, लेकिन उनकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। बुखार लगातार बने रहने के साथ उनकी हालत बिगड़ने लगी।
इसके बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए कुर्जी स्थित अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उन्हें भर्ती कराया गया। अस्पताल में जांच के दौरान संक्रमण की जानकारी सामने आने की बात परिवार की ओर से कही गई है।
इलाज के दौरान उनकी स्थिति पर डॉक्टरों की नजर बनी हुई थी। परिजनों के मुताबिक, समय के साथ उनकी हालत और गंभीर होती गई।
डेंगू के बीच प्लेटलेट्स भी कम हुए
परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान इंद्रदेव के प्लेटलेट्स भी कम हो गए थे। इसके बाद डॉक्टरों ने उनका इलाज तेज किया। इसके बावजूद उनकी स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका।

मंगलवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल है। परिजनों का कहना है कि लगातार तेज बुखार और संक्रमण के बाद उनकी हालत तेजी से बिगड़ी थी।
हालांकि, किसी मरीज की मौत का कारण केवल डेंगू संक्रमण था या इसके पीछे कोई अन्य चिकित्सकीय वजह थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग ने नहीं की डेंगू से मौत की पुष्टि
इंद्रदेव की मौत के बाद मामला स्वास्थ्य विभाग तक भी पहुंचा है। हालांकि, विभाग की ओर से फिलहाल इसे डेंगू से हुई मौत नहीं माना गया है।
पटना के सिविल सर्जन डॉ. योगेंद्र मंडल ने बताया कि उन्हें अभी इस मौत की आधिकारिक सूचना नहीं मिली है। सूचना मिलने के बाद मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारण का पता चल सकेगा।
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स्वास्थ्य विभाग के इस रुख के बाद फिलहाल इस मामले को डेंगू से जुड़ी संदिग्ध मौत के तौर पर ही देखा जा रहा है। आधिकारिक जांच और मेडिकल रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।
पटना में डेंगू को लेकर बढ़ी चिंता
मानसून और उसके बाद के मौसम में डेंगू के मामले सामने आते हैं। पटना में भी अलग-अलग इलाकों से बुखार और डेंगू संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। ऐसे में 30 वर्षीय व्यक्ति की मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
डेंगू एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरल संक्रमण है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द तथा कमजोरी शामिल हो सकती है। कुछ मामलों में स्थिति गंभीर भी हो सकती है।
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हालांकि, हर तेज बुखार को डेंगू मानना सही नहीं है। डेंगू की पुष्टि चिकित्सकीय जांच के बाद ही की जाती है। इसी तरह किसी मरीज की मौत का वास्तविक कारण भी डॉक्टरों की जांच और उपलब्ध मेडिकल रिकॉर्ड के आधार पर निर्धारित किया जाता है।
डेंगू के लक्षण दिखें तो जांच जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञ आम तौर पर तेज बुखार या डेंगू जैसे लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह देते हैं। खासकर जब बुखार लगातार बना रहे या मरीज की हालत बिगड़ रही हो, तो बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी होता है।
डेंगू के मामलों में मरीज की स्थिति पर नजर रखना महत्वपूर्ण होता है। प्लेटलेट्स में गिरावट के साथ-साथ शरीर में पानी की कमी और अन्य जटिलताओं पर भी चिकित्सकीय निगरानी की जरूरत पड़ सकती है।

इसलिए पटना में डेंगू के संदिग्ध मामलों के बीच लोगों को मच्छरों से बचाव के उपायों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना, मच्छरदानी का इस्तेमाल करना और शरीर को ढककर रखना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
जांच के बाद साफ होगी मौत की वजह
इंद्रदेव दास की मौत के मामले में अभी सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि उनकी मौत का वास्तविक कारण क्या था। परिजनों की ओर से डेंगू संक्रमण की बात कही गई है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
सिविल सर्जन के अनुसार, आधिकारिक सूचना मिलने के बाद मामले की जांच कराई जाएगी। मेडिकल रिपोर्ट और अन्य तथ्यों की समीक्षा के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मौत डेंगू के कारण हुई या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या की वजह से।फिलहाल पटना में डेंगू के बढ़ते मामलों के बीच यह घटना स्वास्थ्य विभाग के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है।
राज कुमार की रिपोर्ट
