नेपाल की बाढ़ में बहा शव भारत पहुंचा, 13 लाश सौंपने की तैयारी

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नेपाल की बाढ़ में बहकर भारत पहुंचे शव को सौंपने की तैयारी

निष्कर्ष भारत संवाददाता बगहा। नेपाल की बाढ़ के बाद गंडक नदी में बहकर भारत पहुंचे एक शव को नेपाल प्रशासन को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय के निर्देश के बाद बगहा प्रशासन ने इस दिशा में कार्रवाई तेज कर दी है। बगहा एसडीएम चांदनी कुमारी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम अनुमंडलीय अस्पताल पहुंची और सुरक्षित रखे गए शव को आवश्यक कानूनी व प्रशासनिक प्रक्रिया के लिए वाल्मीकिनगर ले जाया गया।

अधिकारियों के मुताबिक, जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव नेपाल प्रशासन को सौंपा जाएगा। प्रारंभिक तौर पर माना जा रहा है कि शव नेपाल में आई भीषण बाढ़ के दौरान गंडक नदी की तेज धारा में बहकर भारत पहुंचा।

नेपाल में बाढ़ के बाद गंडक में बढ़ा बहाव

26 अगस्त को नेपाल की त्रिशूली नदी में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद नदियों में पानी का दबाव बढ़ गया। इसका असर गंडक नदी पर भी पड़ा। तेज जल प्रवाह के कारण नदी का पानी भारत की ओर तेजी से बढ़ा।

वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोले जाने के बाद नदी में जलस्तर और बहाव काफी बढ़ गया। इस दौरान बड़ी मात्रा में मलबा और शव भी नदी के रास्ते भारत की ओर बहकर आने की जानकारी सामने आई। बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए सीमा से लगे भारतीय इलाकों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

शवों की तलाश में चला अभियान

गंडक नदी में शवों के बहकर आने की सूचना के बाद प्रशासन ने नदी और आसपास के क्षेत्रों में तलाश अभियान शुरू किया। एसडीआरएफ की टीम को भी अभियान में लगाया गया।

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हालांकि नदी की तेज धारा और प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण शवों को निकालना आसान नहीं रहा। कई स्थानों पर तेज बहाव के कारण राहत और तलाश अभियान में मुश्किलें सामने आईं।

प्रशासन की ओर से नदी के किनारे और संभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी की जाती रही, ताकि बहकर आने वाले शवों का पता लगाया जा सके।

नेपाल से बहकर आए शव यूपी में भी मिले

बताया गया कि गंडक नदी में बहकर आए अधिकांश शव पनियहवा पुल के बाद उत्तर प्रदेश की सीमा में मिले। कुशीनगर जिले में अब तक 13 शव बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इन शवों को पहचान और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए गोरखपुर एम्स की मोर्चरी में सुरक्षित रखा गया है। शवों की पहचान के लिए संबंधित स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया की जा रही है।

वहीं बिहार के बगहा क्षेत्र में अब तक एक शव बरामद होने की जानकारी है। बरामदगी के बाद शव को अनुमंडलीय अस्पताल बगहा में सुरक्षित रखा गया था।

नेपाल प्रशासन को सौंपने की तैयारी

बगहा में मिले शव को अब गृह मंत्रालय के निर्देश पर नेपाल प्रशासन तक पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। एसडीएम चांदनी कुमारी के नेतृत्व में अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर जरूरी कार्रवाई की।

इसके बाद शव को वाल्मीकिनगर ले जाया गया। अधिकारियों के अनुसार, पहचान और प्रशासनिक स्तर की आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव नेपाल प्रशासन को सौंपा जाएगा।

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इस प्रक्रिया में दोनों देशों के प्रशासन के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा, क्योंकि शव के नेपाल से बहकर आने की आशंका जताई जा रही है।

नेपाल की बाढ़ से सीमा क्षेत्र में बढ़ी चुनौती

नेपाल में आई बाढ़ का असर केवल वहां तक सीमित नहीं रहा। तेज पानी के कारण भारत की ओर बहने वाली नदियों में भी अचानक जलस्तर बढ़ा। गंडक नदी में पानी बढ़ने के साथ मलबे और शवों के पहुंचने से सीमा से जुड़े क्षेत्रों में प्रशासन के सामने नई चुनौती खड़ी हो गई।

ऐसी स्थिति में शवों को सुरक्षित निकालना, उनका संरक्षण करना और पहचान की प्रक्रिया पूरी करना संवेदनशील जिम्मेदारी बन जाती है। प्रशासन को एक तरफ नदी के तेज बहाव से निपटना पड़ा, तो दूसरी ओर मानवीय और कानूनी पहलुओं का भी ध्यान रखना पड़ा।

गंडक बैराज के फाटक खोले जाने से बढ़ा बहाव

बाढ़ के दौरान वाल्मीकिनगर गंडक बैराज के सभी 36 फाटक खोले गए थे। इसका उद्देश्य नदी के बढ़े हुए पानी के दबाव को नियंत्रित करना था। फाटक खोले जाने के बाद गंडक नदी में बहाव काफी तेज हो गया।

तेज धारा के कारण नदी में पहले से मौजूद मलबे के साथ अन्य सामग्री भी बहकर नीचे की ओर पहुंची। इसी दौरान शवों के भारत की सीमा में आने की जानकारी सामने आई। नदी के बढ़े बहाव को देखते हुए प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई।

पहचान और संरक्षण की प्रक्रिया अहम

बरामद शवों के मामले में सबसे महत्वपूर्ण चुनौती उनकी पहचान करना है। पहचान होने के बाद संबंधित परिवार तक सूचना पहुंचाने और शव को उचित प्रक्रिया के तहत सौंपने की कार्रवाई की जा सकती है।

जब किसी दूसरे देश से बहकर शव आने की आशंका हो, तो प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया और भी संवेदनशील हो जाती है। ऐसे मामलों में संबंधित देश के प्रशासन के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई की जाती है। बगहा में बरामद शव को नेपाल प्रशासन को सौंपने की तैयारी भी इसी प्रक्रिया का हिस्सा है।

प्रशासन की नजर नदी की स्थिति पर

नेपाल की बाढ़ के बाद गंडक नदी में बने हालात को लेकर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है। नदी के जलस्तर, बहाव और आसपास के इलाकों की स्थिति की निगरानी की जा रही है।

एसडीआरएफ सहित संबंधित टीमों को जरूरत के अनुसार अभियान में लगाया गया है। तेज बहाव के बीच किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए नदी के आसपास सतर्कता बरतने पर जोर दिया जा रहा है।

फिलहाल बगहा में मिले शव को नेपाल प्रशासन को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। जरूरी कानूनी और प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे संबंधित अधिकारियों के हवाले किए जाने की तैयारी है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट