मुंगेर : रामपुरहाट पैसेंजर ट्रेन में महसूस हुआ तेज झटका, पटरी में क्रैक की आशंका से मचा हड़कंप

ट्रेन

ट्रेन में झटके की सूचना पर 42 मिनट रुकी दुमका-पटना एक्सप्रेस ट्रेन

  • पटरी में क्रैक की आशंका पर 42 मिनट रुकी दुमका-पटना एक्सप्रेस
  • सूचना मिलते ही रेल महकमे में मची हलचल, पहुंची पीडब्लयूआइ की पूरी टीम

निष्कर्ष भारत संवाददाता मुंगेर। दुमका-पटना एक्सप्रेस से जुड़े रेल परिचालन में गुरुवार की शाम उस समय हलचल मच गई, जब जमालपुर-किऊल रेलखंड पर पटरी में गड़बड़ी की आशंका सामने आई। धरहरा और अभयपुर स्टेशन के बीच महरना गांव के समीप रामपुरहाट-गया पैसेंजर के चालक को अचानक तेज झटका महसूस हुआ। चालक ने बिना देर किए इसकी सूचना धरहरा स्टेशन और रेल कंट्रोल रूम को दी। सूचना के बाद एहतियात के तौर पर ट्रेनों की आवाजाही पर निगरानी बढ़ा दी गई।

ट्रेन में झटका लगने के बाद चालक ने दी सूचना

रामपुरहाट-गया पैसेंजर ट्रेन जब धरहरा और अभयपुर स्टेशन के बीच महरना गांव के पास से गुजर रही थी, तभी चालक को अचानक तेज झटका महसूस हुआ। चालक के मुताबिक पोल संख्या 372/33 और 372/35 के बीच ट्रेन में यह झटका महसूस किया गया। झटका सामान्य से अलग होने के कारण चालक ने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल संबंधित रेल अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।

सूचना मिलने के बाद चालक और गार्ड ने सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ट्रेन को घटनास्थल के पास रोक दिया। करीब 26 मिनट तक ट्रेन को वहीं खड़ा रखकर पटरी की स्थिति को देखा गया। इस दौरान यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि ट्रैक पर किसी तरह की ऐसी खराबी तो नहीं है, जिससे आगे चलने वाली ट्रेनों के लिए खतरा पैदा हो सकता है।

पटरी में क्रैक की आशंका से रेल महकमे में हलचल

ट्रेन के चालक से मिली सूचना में पटरी में संभावित गड़बड़ी की आशंका जताई गई थी। इसके बाद रेल विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच सक्रियता बढ़ गई। पटरी में क्रैक होने की आशंका को देखते हुए संबंधित टीम को मौके पर भेजा गया, ताकि वास्तविक स्थिति का पता लगाया जा सके।

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सूचना मिलते ही पीडब्ल्यूआई मनीष कुमार मौके पर पहुंचे। उन्होंने रेल पटरी और आसपास के हिस्से का निरीक्षण शुरू किया। रेलवे के लिए इस तरह की सूचना बेहद महत्वपूर्ण होती है, क्योंकि ट्रैक में मामूली खराबी भी तेज गति से चलने वाली ट्रेन के लिए परेशानी पैदा कर सकती है। यही वजह रही कि अधिकारियों ने तत्काल जांच को प्राथमिकता दी।

ट्रेन को 42 मिनट तक धरहरा स्टेशन पर रोका गया

इधर, पटरी में गड़बड़ी की सूचना के बाद दुमका-पटना एक्सप्रेस के परिचालन को भी एहतियातन प्रभावित किया गया। दुमका-पटना एक्सप्रेस (13333 अप) धरहरा स्टेशन पर करीब 42 मिनट तक खड़ी रही। बताया गया कि एईएन राजीव कुमार भी इसी ट्रेन से घटनास्थल की ओर रवाना हुए, ताकि मौके की स्थिति की जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

दुमका-पटना एक्सप्रेस के रुकने से यात्रियों को कुछ देर तक असमंजस की स्थिति का सामना करना पड़ा। ट्रेन क्यों रोकी गई है, इसकी स्पष्ट जानकारी नहीं होने के कारण यात्रियों के बीच चर्चा शुरू हो गई। पटरी में खराबी की सूचना सामने आने के बाद कुछ यात्रियों में चिंता भी देखी गई।

ट्रेन के यात्रियों में रही बेचैनी, जांच पर टिकी निगाहें

दुमका-पटना एक्सप्रेस के धरहरा स्टेशन पर खड़े रहने के दौरान यात्रियों की निगाह रेल परिचालन सामान्य होने पर टिकी रही। यात्रियों को आशंका थी कि अगर ट्रैक में वास्तव में क्रैक या गंभीर खराबी मिली तो ट्रेन के परिचालन में और देरी हो सकती है।

रेल अधिकारियों ने भी बिना पूरी तरह संतुष्ट हुए ट्रेन को आगे बढ़ाने में जल्दबाजी नहीं की। पहले ट्रैक की जांच कर यह पता लगाना जरूरी था कि जिस स्थान पर रामपुरहाट-गया पैसेंजर के चालक को झटका महसूस हुआ, वहां पटरी सुरक्षित है या नहीं। इस दौरान संबंधित अधिकारियों के बीच लगातार समन्वय बना रहा।

जांच में नहीं मिला पटरी में क्रैक

पीडब्ल्यूआई की टीम ने घटनास्थल पर रेल पटरी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पटरी में क्रैक जैसी कोई स्थिति नहीं मिली। इससे रेलवे अधिकारियों ने राहत की सांस ली। प्रारंभिक आशंका के विपरीत ट्रैक पर ऐसी खराबी नहीं पाई गई, जिससे ट्रेन परिचालन को रोकना जरूरी हो।

जांच पूरी होने के बाद रेल कंट्रोल रूम को स्थिति की जानकारी दी गई। इसके बाद कंट्रोल रूम के निर्देश पर रेल परिचालन को सामान्य कराया गया। इस तरह कुछ देर की आशंका और जांच के बाद ट्रेनों की आवाजाही फिर से पटरी पर लौट आई।

ट्रेन परिचालन सामान्य होने के बाद यात्रियों ने ली राहत की सांस

ट्रैक की जांच में किसी तरह का क्रैक नहीं मिलने के बाद दुमका-पटना एक्सप्रेस समेत रेल परिचालन सामान्य कर दिया गया। करीब 42 मिनट तक धरहरा स्टेशन पर खड़ी ट्रेन के यात्रियों को भी इसके बाद राहत मिली। यात्रियों के बीच बनी बेचैनी धीरे-धीरे खत्म हुई और ट्रेन अपने निर्धारित परिचालन की ओर बढ़ी।

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स्टेशन उप प्रबंधक प्रफुल्ल कुमार सिंह ने बताया कि पीडब्ल्यूआई की जांच में पटरी में क्रैक जैसी कोई स्थिति नहीं मिली। आवश्यक जांच पूरी करने के बाद कंट्रोल रूम के निर्देश पर परिचालन सामान्य करा दिया गया।

समय रहते जांच से टला बड़ा व्यवधान

इस घटना में सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि ट्रेन के चालक ने झटका महसूस होते ही उसे नजरअंदाज नहीं किया। चालक की सूचना के बाद रेल अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ट्रैक की जांच कराई। इसके कारण किसी भी संभावित जोखिम को लेकर समय रहते स्थिति स्पष्ट हो सकी।

रेल परिचालन में चालक की सतर्कता और ट्रैक की तत्काल जांच को महत्वपूर्ण माना जाता है। गुरुवार की शाम भी इसी सतर्कता के कारण पहले रामपुरहाट-गया पैसेंजर को घटनास्थल के पास रोका गया और बाद में दुमका-पटना एक्सप्रेस को धरहरा स्टेशन पर रोककर स्थिति की निगरानी की गई।

अंततः जांच में पटरी सुरक्षित पाए जाने के बाद रेल परिचालन बहाल कर दिया गया। कुछ समय तक यात्रियों और रेलकर्मियों के बीच बनी चिंता के बाद स्थिति सामान्य हुई और लोगों ने राहत की सांस ली।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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