स्वास्थ्य व्यवस्था ठप : दानापुर में शव लेकर पैदल हॉस्पिटल पहुंचे परिजन, अस्पताल प्रशासन में हड़कंप

दानापुर

दानापुर में एंबुलेंस नहीं मिलने पर शव गोद में लेकर अस्पताल पहुंचे परिजन

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। पटना के दानापुर में स्वास्थ्य और आपातकालीन व्यवस्था को लेकर एक संवेदनशील मामला सामने आया है। बाढ़ के पानी में डूबने से मृत महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने के दौरान परिजनों को कथित तौर पर एंबुलेंस नहीं मिली। इसके बाद परिजन शव को गोद में उठाकर पीपा पुल घाट से पैदल अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचे। दानापुर की इस घटना से जुड़ी तस्वीर और वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

मामला देर रात बताया जा रहा है। मृत महिला की पहचान शाहपुर निवासी बंटी यादव की पत्नी संगीता देवी के रूप में हुई है। बताया गया कि संगीता देवी अपनी दादी के श्राद्ध कार्य में शामिल होने के लिए दियारा क्षेत्र के हवासपुर गांव गई थीं। इसी दौरान बाढ़ के पानी में डूबने से उनकी मौत हो गई।

दियारा से नाव के जरिए घाट तक पहुंचा शव

संगीता देवी के डूबने की जानकारी मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों ने उनकी तलाश शुरू की। काफी प्रयास के बाद शव बरामद किया गया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए शव को भाड़े की नाव से दियारा क्षेत्र से पीपा पुल घाट तक लाया गया।

पीपा पुल घाट पहुंचने के बाद परिजनों के सामने शव को अनुमंडलीय अस्पताल तक ले जाने की चुनौती थी। परिजनों के अनुसार, उन्होंने एंबुलेंस या शव वाहन के लिए संपर्क किया और काफी देर तक वाहन का इंतजार किया। अस्पताल की दूरी आधा किलोमीटर से भी कम बताई जा रही है।

दानापुर में गोद में शव लेकर पैदल चलने की तस्वीर

वाहन नहीं मिलने के बाद परिजनों ने शव को गोद में उठाया और पैदल ही अस्पताल की ओर चल पड़े। इस दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो और तस्वीर बना ली, जो सामने आने के बाद मामला चर्चा में आ गया।

तस्वीरों में परिजन शव को लेकर पैदल जाते दिखाई दे रहे हैं। घटना ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ऐसी स्थिति में, जब किसी व्यक्ति की मौत हो चुकी हो और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल पहुंचाना जरूरी हो, सरकारी वाहन की उपलब्धता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

परिजनों ने एंबुलेंस नहीं मिलने का लगाया आरोप

परिजनों का कहना है कि उन्होंने आपातकालीन एंबुलेंस सेवा और अस्पताल प्रशासन से संपर्क किया था। उनका दावा है कि काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद वाहन नहीं पहुंचा। इसके बाद मजबूरी में शव को गोद में लेकर पैदल अस्पताल जाना पड़ा।

पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि मुस्कान कुमार यादव और पूर्व जिला पार्षद ओम प्रकाश यादव ने भी मामले को लेकर अपनी बात रखी। उनका कहना है कि दियारा क्षेत्र के लोग पिछले पांच दिनों से बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। बाढ़ के कारण पहले से ही आवागमन समेत कई तरह की परेशानियां बनी हुई हैं।

जनप्रतिनिधियों के अनुसार, आपात स्थिति में लोगों को सरकारी स्तर पर पर्याप्त सहायता नहीं मिल पा रही है। उन्होंने कहा कि शव को पोस्टमार्टम के लिए पीपा पुल घाट से अनुमंडलीय अस्पताल ले जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस की मांग की गई थी, लेकिन काफी देर इंतजार के बाद भी वाहन नहीं आया।

दानापुर अस्पताल प्रशासन का अलग दावा

दानापुर मामले में अनुमंडलीय अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. निभा मोहन ने अलग स्थिति बताई है। उन्होंने कहा कि उनके पास शव लाने के लिए एंबुलेंस की मांग को लेकर कोई फोन नहीं आया था।

उपाधीक्षक के मुताबिक, दानापुर अस्पताल में 102 एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने बताया कि दो शवों का पोस्टमार्टम होने के बाद शवों को पहुंचाने के लिए शव वाहन भेजा गया था। अस्पताल प्रशासन के इस बयान के बाद मामले में परिजनों के दावे और अस्पताल की ओर से दी गई जानकारी के बीच अंतर सामने आया है।

एंबुलेंस की मांग पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं

दानापुर में हुए मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या परिजनों की ओर से वास्तव में एंबुलेंस या शव वाहन की मांग की गई थी और यदि की गई थी तो उस समय वाहन की उपलब्धता क्यों नहीं हो सकी। दूसरी ओर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि उसके पास ऐसी कोई मांग फोन के जरिए नहीं पहुंची थी।

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ऐसे में एंबुलेंस की मांग, संबंधित सेवा से संपर्क और वाहन की उपलब्धता की स्थिति की जांच के बाद ही पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। घटना का वीडियो और तस्वीर सामने आने के बाद लोगों की नजर अब प्रशासन की ओर है।

बाढ़ के बीच आपात सेवाओं पर उठे सवाल

दानापुर के दियारा इलाके में पिछले कई दिनों से बाढ़ का पानी लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। ऐसे में स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। नाव के जरिए शव को घाट तक लाने के बाद दानापुर अस्पताल तक पहुंचाने के लिए वाहन नहीं मिलने का दावा व्यवस्था से जुड़े कई सवाल खड़े करता है।

फिलहाल दानापुर में हुई इस घटना में किसी तरह की आधिकारिक जांच या कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। परिजनों के आरोप और अस्पताल प्रशासन के बयान दोनों सामने हैं। इसलिए मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित सेवाओं के रिकॉर्ड और जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।

संगीता देवी के शव को अंततः परिजन पैदल अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की जानी थी। घटना ने एक बार फिर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मरीजों और शवों को समय पर अस्पताल तक पहुंचाने के लिए उपलब्ध आपातकालीन परिवहन व्यवस्था पर चर्चा तेज कर दी है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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