मधुबनी में रेस्ट हाउस में सेक्स रैकेट का भंडाफोड़, 4 दलाल गिरफ्तार, पुलिस ने तीन युवतियों को कराया मुक्त

सेक्स रैकेट

मधुबनी के रेस्ट हाउस में सेक्स रैकेट का खुलासा, 3 युवतियां मुक्त

निष्कर्ष भारत, (संवाददाता) मधुबनी। जिले में शनिवार देर रात को पुलिस में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्स रैकेट के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया। बताया जा रहा है कि पुलिस में बड़ी कार्रवाई करते हुए सकरी थाना क्षेत्र में NH-27 किनारे स्थित रॉयल रेस्ट हाउस पर छापेमारी की। पुलिस के मुताबिक, यहां कथित रूप से बाहर से युवतियों को लाकर सेक्स रैकेट कराया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीन युवतियों को सुरक्षित मुक्त कराया, जबकि चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब गिरोह के कथित मुख्य संचालक समेत फरार लोगों की तलाश में जुटी है।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने की छापेमारी

पुलिस के अनुसार, सामाजिक कार्यकर्ता के माध्यम से वरीय पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार को रेस्ट हाउस में कथित सेक्स रैकेट संचालित होने की सूचना मिली थी। बताया गया था कि सकरी थाना क्षेत्र के नरपतिनगर में NH-27 किनारे एक टायर दुकान के ऊपरी हिस्से में रॉयल रेस्ट हाउस संचालित है, जहां दूसरे इलाकों से युवतियों को लाकर कथित रूप से सेक्स रैकेट कराया जा रहा है।

सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने सदर-01 के प्रभारी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी आलोक कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम में सकरी थानाध्यक्ष मनोज कुमार, महिला थाना अध्यक्ष रीना भारती, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट के अधिकारी-कर्मी, फॉरेंसिक टीम और अतिरिक्त महिला एवं पुरुष पुलिस बल को शामिल किया गया।

रेस्ट हाउस की चारों तरफ से हुई घेराबंदी

पुलिस टीम ने रॉयल रेस्ट हाउस को चारों तरफ से घेर लिया और तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान दूसरे और तीसरे तल के अलग-अलग कमरों से तीन युवतियां मिलीं। महिला पुलिसकर्मियों ने तीनों को सुरक्षित अभिरक्षा में लिया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार लोगों को भी गिरफ्तार किया। सेक्स रैकेट में पकड़े गए आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के जगदल थाना क्षेत्र निवासी सौरभ मिस्त्री, मधुबनी के अंधराठाढ़ी थाना क्षेत्र निवासी दिनेश कुमार महतो, बिस्फी थाना क्षेत्र निवासी दिनेश कुमार और दरभंगा सदर थाना क्षेत्र निवासी पप्पू पासवान के रूप में हुई है।

पुलिस के पहुंचते ही कुछ लोग फरार

पुलिस के मुताबिक, सेक्स रैकेट की छापेमारी की भनक लगते ही दो से तीन अन्य लोग मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है। इस कार्रवाई के बाद रेस्ट हाउस और उसके आसपास के इलाकों में भी जांच की गई।

फॉरेंसिक टीम ने कमरों से जुटाए साक्ष्य

छापेमारी के दौरान फॉरेंसिक टीम ने रेस्ट हाउस के कमरों की वीडियोग्राफी की। पुलिस ने वहां से मिले कुछ आपत्तिजनक सामान और वस्त्रों को वैज्ञानिक साक्ष्य के तौर पर जब्त किया है। रेस्ट हाउस के आसपास और पीछे के हिस्से में शराब की खाली बोतलें और इस्तेमाल किए गए कंडोम मिलने की बात भी पुलिस की ओर से कही गई है।

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सेक्स रैकेट को लेकर पुलिस का कहना है कि जब्त सामग्री और फॉरेंसिक जांच के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच टीम यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रेस्ट हाउस में कथित गतिविधियां कितने समय से चल रही थीं और इसमें कितने लोग शामिल हैं।

युवतियों को झांसा देकर लाने का आरोप

पुलिस के अनुसार, सेक्स रैकेट से मुक्त कराई गई युवतियों ने पूछताछ में गिरोह से जुड़े लोगों को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। युवतियों ने कथित तौर पर बताया कि उन्हें कोलकाता और अन्य इलाकों से प्रेम संबंध, शादी और अच्छे काम का झांसा देकर यहां लाया गया था।

आरोप है कि यहां पहुंचने के बाद उन्हें बंधक बनाकर रखा गया और मारपीट तथा जान से मारने की धमकी देकर जबरन देह व्यापार कराया गया। पुलिस के मुताबिक, ग्राहकों से मिलने वाली रकम गिरोह के संचालक आपस में रख लेते थे। हालांकि, इन आरोपों की पुलिस अभी जांच कर रही है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।

सेक्स रैकेट के कथित मुख्य संचालक की तलाश

पुलिस ने मामले में बंगाली उर्फ आलमगीर शेख को कथित मुख्य संचालक बताया है। इसके अलावा सौरभ मिस्त्री और दिनेश कुमार महतो पर भी गिरोह के संचालन में भूमिका होने का आरोप लगाया गया है। पुलिस अब मुख्य संचालक समेत फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

सेक्स रैकेट मामले में सकरी थाना में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के साथ अनैतिक देह व्यापार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है।

पुलिस जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित सेक्स रैकेट से जुड़े नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा है। युवतियों को दूसरे राज्यों और जिलों से लाए जाने के आरोपों को देखते हुए एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की भूमिका भी अहम हो गई है।

स्थानीय स्तर पर उठे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल

NH-27 जैसे प्रमुख मार्ग के किनारे स्थित रेस्ट हाउस में कथित रूप से लंबे समय से गतिविधियां चलने के दावे के बाद स्थानीय स्तर पर भी सवाल उठ रहे हैं। खास तौर पर यह चर्चा है कि इतनी बड़ी कार्रवाई की जानकारी वरीय पुलिस अधिकारी तक पहुंचने के बाद सामने आई।

स्थानीय सूत्रों ने दावा किया कि सकरी थाना अध्यक्ष के सरकारी नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन नहीं उठाया गया। हालांकि, इस संबंध में थाना पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

फिलहाल पुलिस ने सेक्स रैकेट से तीन युवतियों को सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर मामले की जांच तेज कर दी है। चार आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब मुख्य संचालक और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि रेस्ट हाउस में कथित देह व्यापार का नेटवर्क कितना पुराना है और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय थे।

मधुबनी के सकरी इलाके में हुई इस कार्रवाई ने रेस्ट हाउसों में चलने वाली संदिग्ध गतिविधियों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस जांच और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद ही इस पूरे मामले में और तथ्य सामने आने की उम्मीद है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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