नगर निगम हुई हाई-टेक : पटना में 12 रोबोट बदलेंगे नालों की सफाई का तरीका, समय की होगी बचत

पटना में रोबोटिक रोवर से नालों की सफाई

पटना में 12 रोबोटिक रोवर से होगी नालों और मैनहोल की सफाई

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। राजधानी पटना में रोबोटिक रोवर करेंगे नालों की सफाई, अब खतरनाक मैनहोल और नालों में सफाईकर्मियों के उतरने की जरूरत कम करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति ने नालों और मैनहोल की सफाई के लिए 12 रोबोटिक रोवर मशीनों की खरीद को मंजूरी दी है। आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से शहर की सफाई व्यवस्था को सुरक्षित और प्रभावी बनाने की तैयारी है।

नगर निगम की सफाई व्यवस्था में बड़ा बदलाव

पटना में नालों की सफाई लंबे समय से नगर निगम के लिए चुनौती रही है। शहर में बड़े और छोटे नालों के साथ मैनहोल का भी विस्तृत नेटवर्क है। नगर निगम की आधिकारिक वेबसाइट पर पटना के ड्रेनेज नेटवर्क और मैनहोल की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। ऐसे में इन स्थानों की नियमित सफाई और रखरखाव शहर की जल निकासी व्यवस्था के लिए अहम है।

अब इसी व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की तैयारी है। नगर निगम ने सफाई कार्य के लिए 12 रोबोटिक रोवर मशीनें खरीदने का फैसला लिया है। इसका उद्देश्य खतरनाक और संकरे स्थानों पर सफाई के दौरान कर्मचारियों के जोखिम को कम करना है।

12 रोबोटिक रोवर से होगी सफाई

नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में कुल 93 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, वेंडिंग जोन और शहरी आधारभूत ढांचे से जुड़े कई प्रस्ताव शामिल थे। इसी बैठक में नालों और मैनहोल की सफाई के लिए 12 रोबोटिक रोवर मशीनों की खरीद को भी मंजूरी दी गई।

रिपोर्ट के अनुसार, इन रोबोटिक मशीनों को हल्के मोटर वाहनों पर लगाया जाएगा। मशीनों के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी प्रस्ताव में शामिल है। इससे निगम के लिए मशीनों को अलग-अलग इलाकों में ले जाना और जरूरत के अनुसार सफाई कार्य में इस्तेमाल करना आसान होगा।

कैसे काम करेगा रोबोटिक रोवर

रोबोटिक रोवर का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि सफाई के लिए इंसान को सीधे खतरनाक स्थान में भेजने की जरूरत कम हो सकती है। नालों और मैनहोल के भीतर जमा गाद, कचरे और अन्य अवरोधों की सफाई मशीन की मदद से कराई जा सकेगी।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में रोवर के मॉडल, उसकी तकनीकी क्षमता, संचालन की सटीक प्रक्रिया या कैमरा और रिमोट कंट्रोल जैसी सुविधाओं का विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है। इसलिए मशीन किस क्षमता से और किस तरह के नालों में काम करेगी, इसकी पूरी तस्वीर संचालन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

नगर निगम के लिए क्यों अहम है यह फैसला

पटना जैसे बड़े शहर में जल निकासी व्यवस्था को सुचारु रखना बेहद जरूरी है। नालों में कचरा या गाद जमा होने से पानी के बहाव में बाधा आ सकती है। खासकर बारिश के दौरान नालों की क्षमता प्रभावित होने पर जलजमाव की समस्या बढ़ सकती है।

नगर निगम पहले से ही नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था पर काम करता रहा है। मानसून से पहले भी शहर में बड़े स्तर पर नाला सफाई अभियान चलाया गया था। ऐसे में रोबोटिक मशीनों को सफाई व्यवस्था से जोड़ना पारंपरिक तरीके के साथ तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

नगर निगम की मशीनरी में बढ़ेगा तकनीक का इस्तेमाल

पटना नगर निगम की सफाई व्यवस्था में मशीनों का इस्तेमाल पहले से किया जा रहा है। निगम की आधिकारिक जानकारी में विभिन्न प्रकार की सफाई और कचरा प्रबंधन मशीनों का उल्लेख है। इनमें स्किड लोडर, सुपर सकर मशीन और सक्शन-कम-जेटिंग मशीन जैसी मशीनें शामिल हैं।

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अब रोबोटिक रोवर को भी इस व्यवस्था का हिस्सा बनाने की तैयारी है। इससे सफाई के अलग-अलग कामों के लिए मशीन आधारित व्यवस्था को बढ़ावा मिल सकता है।

सफाईकर्मियों की सुरक्षा पर रहेगा जोर

नालों और मैनहोल की सफाई कई बार जोखिम भरा काम होता है। ऐसे स्थानों पर कर्मचारियों को गंदगी, संकरे रास्ते और अन्य खतरों का सामना करना पड़ सकता है। रोबोटिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ने से ऐसे जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। हालिया प्रस्तावों में भी रोबोटिक मशीनों के इस्तेमाल को सफाई व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने से जोड़ा गया है।

शहर की सफाई व्यवस्था में आएगा बदलाव

12 रोबोटिक रोवर की खरीद केवल मशीनें बढ़ाने का फैसला नहीं है, बल्कि पटना की सफाई व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाने की दिशा में कदम है। यदि मशीनें अपेक्षित क्षमता के अनुसार काम करती हैं तो भविष्य में इनके इस्तेमाल का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

इसके साथ ही मशीनों के सही संचालन, नियमित रखरखाव और प्रशिक्षित कर्मचारियों की जरूरत भी होगी। क्योंकि केवल मशीन खरीदने से सफाई व्यवस्था पूरी तरह नहीं बदलती। उसका नियमित और प्रभावी इस्तेमाल भी उतना ही जरूरी होगा।

अब आगे क्या होगा

फिलहाल नगर निगम की ओर से 12 रोबोटिक रोवर मशीनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इनके इस्तेमाल से नालों और मैनहोल की सफाई को आधुनिक बनाने की योजना है। रिपोर्ट के अनुसार, मशीनों के संचालन और रखरखाव की व्यवस्था भी प्रस्ताव का हिस्सा है।

आने वाले समय में इन मशीनों की खरीद, तैनाती और वास्तविक संचालन की प्रक्रिया सामने आएगी। इसके बाद यह स्पष्ट होगा कि पटना के किन इलाकों और किस प्रकार के नालों में इनका इस्तेमाल सबसे पहले किया जाता है।

फिलहाल इतना तय है कि पटना नगर निगम ने नालों की सफाई में रोबोटिक तकनीक को शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इसका सबसे बड़ा उद्देश्य सफाई व्यवस्था को आधुनिक बनाने के साथ-साथ खतरनाक स्थानों पर काम करने वाले कर्मचारियों के जोखिम को कम करना है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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