बढती महंगाई पर तेजस्वी का मोदी पर हमला, कहा- महंगाई अब डायन नहीं महारानी है
तेजस्वी यादव ने महंगाई पर मोदी सरकार को घेरा, डबल इंजन पर तंज
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। तेजस्वी यादव ने बढ़ती महंगाई को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर डबल इंजन सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि महंगाई ने गरीब और मध्यम वर्ग की परेशानियां बढ़ा दी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि महंगाई को कभी डायन बताने वाले लोग आज इसे महारानी समझकर बैठे हैं।
तेजस्वी ने अपने पोस्ट में खाद्य पदार्थों, पेट्रोल-डीजल, खाद-बीज, बिजली और रसोई गैस की कीमतों का जिक्र करते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई की मार से आम लोगों की घरेलू अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है और गरीब तथा मध्यम वर्ग की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
तेजस्वी का महंगाई पर केंद्र सरकार पर हमला
तेजस्वी यादव ने कहा कि डबल इंजन सरकार की नीतियों के कारण महंगाई एक गंभीर समस्या बन चुकी है। उनके मुताबिक, खाने-पीने की जरूरी चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ रहा है।
उन्होंने खाद्य तेल, दाल, चीनी, आलू, प्याज और टमाटर जैसी रोजमर्रा की वस्तुओं का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों के सामने केवल खाना खरीदना ही महंगा नहीं हुआ है, बल्कि खाना पकाने का खर्च भी बढ़ गया है। तेजस्वी ने महंगाई को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग लगातार आर्थिक दबाव महसूस कर रहा है।
महंगाई पर तेजस्वी का ‘महारानी’ वाला तंज
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा पर निशाना साधते हुए महंगाई को लेकर पुराने राजनीतिक बयानों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले महंगाई को डायन कहते थे, वे आज उसी महंगाई के साथ सत्ता में बैठे हैं।

तेजस्वी का यह बयान महंगाई के मुद्दे पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि सरकार महंगाई को नियंत्रित करने में सफल नहीं हो पा रही है। उन्होंने इसे आम लोगों और खासकर गरीब तथा मध्यम वर्ग की आर्थिक परेशानियों से जोड़कर सरकार की जवाबदेही पर सवाल उठाया।
उज्ज्वला योजना को लेकर भी तेजस्वी ने घेरा
तेजस्वी यादव ने रसोई गैस की बढ़ती कीमतों के साथ उज्ज्वला योजना को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार ने उज्ज्वला योजना का बड़े स्तर पर प्रचार किया, लेकिन अब उसे गांव-गांव जाकर योजना की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करनी चाहिए।
तेजस्वी के मुताबिक, गरीब परिवारों के लिए महंगे गैस सिलेंडर को दोबारा भरवाना चुनौती बन गया है। उन्होंने दावा किया कि कई गरीब परिवारों के घरों में सिलेंडर पड़े हैं, लेकिन बढ़ी कीमतों के कारण उन्हें दोबारा भरवाना आसान नहीं है।
गैस सिलेंडर की कीमत पर भी सवाल
तेजस्वी ने अपने बयान में 2014 के दौर में रसोई गैस की कीमत को लेकर भाजपा नेताओं के प्रदर्शनों का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कम कीमत को लेकर विरोध करने वाले भाजपा नेता आज अधिक कीमत होने के बावजूद इस मुद्दे पर चुप हैं।
उन्होंने गैस सिलेंडर की कीमत को महंगाई के बड़े मुद्दे से जोड़ते हुए केंद्र सरकार पर राजनीतिक हमला किया। तेजस्वी का कहना है कि रसोई गैस महंगी होने का सीधा असर घरों के मासिक बजट पर पड़ता है और इसका सबसे ज्यादा असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर होता है।
तेजस्वी ने डबल इंजन सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने केंद्र और बिहार की डबल इंजन सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की नीतियों का फायदा आम लोगों की बजाय बड़े वर्ग को मिल रहा है, जबकि गरीब और मध्यम वर्ग आर्थिक दबाव में है।

तेजस्वी ने बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई को एक-दूसरे से जुड़ी समस्याएं बताते हुए सरकार पर हमला जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा।
पेट्रोल-डीजल और जरूरी वस्तुओं का भी जिक्र
तेजस्वी यादव ने अपने बयान में पेट्रोल-डीजल के साथ खाद और बीज की कीमतों का भी उल्लेख किया। उनका कहना है कि इनकी कीमत बढ़ने का असर केवल वाहन चलाने वालों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका प्रभाव खेती और परिवहन की लागत के जरिए दूसरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
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उन्होंने बिजली और गैस की कीमतों का जिक्र करते हुए कहा कि आम परिवारों के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। तेजस्वी ने केंद्र सरकार से महंगाई पर ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए गरीब और मध्यम वर्ग को राहत देने की जरूरत बताई।
महंगाई पर बिहार में तेज होगी सियासी बहस
तेजस्वी यादव के इस बयान के बाद महंगाई एक बार फिर बिहार की राजनीति में प्रमुख मुद्दा बन सकता है। विपक्ष पहले भी महंगाई, बेरोजगारी और आम लोगों की आर्थिक परेशानियों को लेकर केंद्र और राज्य सरकार पर सवाल उठाता रहा है।
फिलहाल तेजस्वी के बयान ने रसोई गैस, खाद्य वस्तुओं और रोजमर्रा की जरूरतों की कीमतों को लेकर राजनीतिक बहस को फिर तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में महंगाई के मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
