बेगूसराय बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे गिरिराज सिंह, राहत शिविरों के संचालन का ब्योरा मांगा

गिरिराज सिंह

गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा कर निर्देश दिए

निष्कर्ष भारत संवाददाता बेगूसराय। गिरिराज सिंह ने बेगूसराय में बाढ़ की स्थिति और राहत-बचाव कार्यों की समीक्षा की। केंद्रीय मंत्री और बेगूसराय सांसद ने बलिया अनुमंडल कार्यालय पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों से जलस्तर, विस्थापित परिवारों, नावों की उपलब्धता और राहत शिविरों की स्थिति का ब्योरा लेते हुए प्रभावित लोगों तक समय पर मदद पहुंचाने के निर्देश दिए।

गंगा और सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण जिले के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। ऐसे में केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का क्षेत्रीय दौरा और प्रशासनिक समीक्षा राहत व्यवस्था की स्थिति जानने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा।

बाढ़ राहत कार्यों की बिंदुवार समीक्षा

बलिया अनुमंडल कार्यालय में हुई बैठक के दौरान गिरिराज सिंह ने बाढ़ राहत और बचाव कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से पूछा कि वर्तमान में किन इलाकों में पानी का दबाव अधिक है और कितने परिवार प्रभावित होकर विस्थापित हुए हैं।

बैठक में नावों की उपलब्धता और राहत शिविरों के संचालन को लेकर भी जानकारी ली गई। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ पीड़ितों तक राहत पहुंचाने में किसी तरह की प्रशासनिक लापरवाही नहीं होनी चाहिए। प्रभावित लोगों की जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा गया।

बलिया में बाढ़ प्रभावित लोगों से मिले गिरिराज

समीक्षा बैठक के बाद गिरिराज सिंह ने बलिया अनुमंडल क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने क्षेत्र में नावों की कमी और शुद्ध पेयजल की समस्या की जानकारी दी।

लोगों की शिकायत सुनने के बाद केंद्रीय मंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को अतिरिक्त नावों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ की स्थिति में प्रभावित परिवारों तक राहत सामग्री और आवश्यक सुविधाएं पहुंचाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।

फसल और मकान के नुकसान का होगा सर्वे

गिरिराज सिंह ने बाढ़ के कारण हुए नुकसान का पारदर्शी तरीके से आकलन कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि बाढ़ के पानी से प्रभावित फसलों और क्षतिग्रस्त या बह गए मकानों का सर्वे कराया जाए।

गिरिराज सिंह आगे कहा कि पानी कम होने के बाद नियमानुसार मिलने वाली सरकारी बाढ़ राहत सहायता राशि यानी जीआर राशि पात्र पीड़ितों के बैंक खातों में सीधे भेजी जानी चाहिए। इसके लिए नुकसान के आकलन की प्रक्रिया पारदर्शी रखने पर जोर दिया गया है, ताकि वास्तविक प्रभावित परिवारों को सहायता मिलने में परेशानी न हो।

बाढ़ में राशन-पानी की कमी नहीं होने देने का निर्देश

केंद्रीय मंत्री ने प्रभावित लोगों को भरोसा दिलाया कि केंद्र और राज्य सरकार इस आपदा की स्थिति में उनके साथ है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों को राशन और प्राथमिक सुविधाओं की कमी नहीं होनी चाहिए।

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प्रशासन को स्थिति पर लगातार नजर रखने और जरूरत के अनुसार राहत व्यवस्था बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया है, ताकि किसी भी तरह की आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

कम्युनिटी किचन तत्काल शुरू करने के निर्देश

गिरिराज सिंह ने बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए सामुदायिक रसोई यानी कम्युनिटी किचन को भी प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिन स्थानों पर सामुदायिक रसोई संचालित की गई थी, वहां इसे तत्काल शुरू करने का निर्देश दिया गया है।

उन्होंने कहा कि यदि शाम तक सामुदायिक रसोई शुरू नहीं होती है तो इसकी सूचना तत्काल उन्हें और जिलाधिकारी को दी जाए। जरूरत पड़ने पर अन्य स्थानों पर भी कम्युनिटी किचन शुरू करने की बात कही गई है।

बाढ़ पीड़ितों के लिए दवा और पशु चारे की व्यवस्था

बाढ़ प्रभावित इलाकों में इंसानों के साथ पशुओं के सामने भी कई तरह की समस्याएं आती हैं। इसे देखते हुए गिरिराज सिंह ने जीवनरक्षक और आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।

इसके अलावा बाढ़ प्रभावित परिवारों के पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि चारा से लेकर दवा तक किसी भी तरह की समस्या सामने आती है तो उसे तत्काल दूर किया जाना चाहिए।

गिरिराज सिंह ने जलस्तर और पानी के बहाव पर भी बात की

बलिया अनुमंडल कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत के दौरान गिरिराज सिंह ने क्षेत्र में बढ़े पानी और उसके संभावित प्रभाव को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि इस साल पानी बढ़ने के दौरान फरक्का से पानी निकालकर स्थिति को मैनेज करने की बात कही गई थी।

उन्होंने सोन नदी से आए पानी का भी जिक्र किया और कहा कि करीब पांच लाख क्यूसेक पानी मध्य प्रदेश की ओर से सोन नदी में आया है। उन्होंने आने वाले दो-तीन दिनों तक परेशानी बने रहने की आशंका जताई।

बारिश के कारण कुछ इलाकों का दौरा प्रभावित

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि बारिश होने के कारण वह चेचियाही तक जाकर वापस लौट आए। हालांकि, उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की समस्याओं को लेकर किसी तरह की कोताही नहीं बरती जाएगी।

उन्होंने अधिकारियों को राहत व्यवस्था को मजबूत रखने और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। प्रशासनिक टीम को भी लगातार क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।

24 घंटे अलर्ट रहेगा प्रशासन

बेगूसराय में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। तटवर्ती और प्रभावित इलाकों में पानी के स्तर के साथ-साथ लोगों की जरूरतों पर भी नजर रखने को कहा गया है।

नाव, पेयजल, राशन, दवा और पशु चारे जैसी आवश्यक सुविधाओं को लेकर किसी भी कमी को तत्काल दूर करने पर जोर दिया गया है। वहीं, प्रभावित परिवारों से भी प्रशासन के संपर्क में रहने की अपील की गई है।

बाढ़ के बीच राहत व्यवस्था पर नजर

फिलहाल बेगूसराय के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रभावित परिवारों तक समय पर राहत पहुंचाना है। गिरिराज सिंह की समीक्षा बैठक के बाद अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

कम्युनिटी किचन शुरू करने, अतिरिक्त नावों की व्यवस्था करने, दवाइयां और पशु चारा उपलब्ध कराने तथा नुकसान का सर्वे कराने जैसे निर्देशों के बाद अब प्रशासन की जिम्मेदारी इन व्यवस्थाओं को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने की है। आने वाले दिनों में जलस्तर और बारिश की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जाएगी।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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