सीतामढ़ी में फसल बर्बाद होने के बाद किसान ने खाया जहर, हालत नाजुक, अस्पताल में चल रहा इलाज
सीतामढ़ी में फसल खराब होने से परेशान किसान ने कीटनाशक खाया
निष्कर्ष भारत संवाददाता सीतामढ़ी। सीतामढ़ी जिले के रीगा प्रखंड क्षेत्र में फसल खराब होने और खेती से जुड़ी आर्थिक चिंता के बीच एक किसान ने कीटनाशक खा लिया। घटना रामनगरा वार्ड नंबर-6 की बताई जा रही है। कीटनाशक खाने के बाद किसान की हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें सीतामढ़ी सदर अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है।
किसान की पहचान रामनगरा निवासी बाबूलाल सिंह के रूप में हुई है। बताया गया कि बाबूलाल सिंह ने बटाई पर जमीन लेकर सब्जी की खेती की थी। फसल से अच्छी पैदावार और आमदनी की उम्मीद थी, लेकिन खेत में लगी सब्जियों की पैदावार उम्मीद के मुताबिक नहीं हुई। खेती में मेहनत और खर्च करने के बाद भी फसल अच्छी नहीं होने से वह पिछले कुछ दिनों से लगातार परेशान चल रहे थे।
सीतामढ़ी में फसल खराब होने से बढ़ी चिंता
परिजनों के अनुसार, बाबूलाल सिंह खेती की खराब स्थिति को लेकर काफी चिंतित थे। सब्जी की फसल से उन्हें जितनी पैदावार की उम्मीद थी, उतनी नहीं हो सकी। इससे खेती पर लगाया गया पैसा वापस मिलने की चिंता भी बढ़ गई थी।
बटाई पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों के लिए फसल की पैदावार सीधे उनकी आमदनी से जुड़ी होती है। फसल अच्छी होने पर किसान अपनी लागत निकालने के साथ जमीन मालिक के हिस्से की भरपाई भी कर पाता है। वहीं, पैदावार खराब होने की स्थिति में आर्थिक दबाव बढ़ जाता है। बाबूलाल के मामले में भी इसी तरह की परेशानी सामने आने की बात परिजन बता रहे हैं।
बटाई की जमीन का हिस्सा देने की चिंता
सीतामढ़ी में हुई मामले बाबूलाल सिंह की पत्नी ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से वह फसल को लेकर काफी परेशान थे। उनकी चिंता केवल फसल के खराब होने तक सीमित नहीं थी। उन्हें इस बात की भी चिंता सता रही थी कि बटाई पर ली गई जमीन की फसल खराब होने के बाद जमीन मालिक को उसका हिस्सा कैसे दिया जाएगा।

खेती में पहले ही मेहनत और पैसे लगाए जा चुके थे। ऐसे में पैदावार कम होने से परिवार के सामने आर्थिक संकट की स्थिति बन गई थी। इसी परेशानी के बीच बाबूलाल ने अचानक कीटनाशक खा लिया।
अचानक बिगड़ी किसान की तबीयत
सीतामढ़ी में कीटनाशक खाने के बाद बाबूलाल सिंह की तबीयत बिगड़ने लगी। उनकी हालत गंभीर देखकर परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोग उन्हें तत्काल इलाज के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल लेकर पहुंचे।
अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद परिवार के लोगों की चिंता बढ़ गई है। परिजन उनके स्वास्थ्य को लेकर परेशान हैं और उनके जल्द ठीक होने की उम्मीद कर रहे हैं।
सीतामढ़ी में खेती के नुकसान ने बढ़ाया आर्थिक दबाव
इस घटना ने खेती पर निर्भर परिवारों के सामने मौजूद आर्थिक दबाव की ओर भी ध्यान खींचा है। बटाई पर खेती करने वाले किसान फसल की पैदावार पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं। मौसम, फसल की स्थिति और उत्पादन में कमी का सीधा असर उनकी आमदनी पर पड़ सकता है।
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बाबूलाल सिंह के परिवार के मुताबिक, इस बार सब्जी की फसल से उम्मीद के मुताबिक आमदनी नहीं हो सकी। खेती में खर्च और मेहनत करने के बावजूद फसल खराब रहने से वह लगातार चिंता में थे। परिवार का कहना है कि इसी आर्थिक परेशानी के बीच उन्होंने यह कदम उठाया।
परिवार में चिंता का माहौल
घटना के बाद बाबूलाल सिंह के घर में चिंता का माहौल है। परिवार के लोग अस्पताल में उनके इलाज को लेकर परेशान हैं। परिजनों के मुताबिक, खेती का नुकसान उनके लिए बड़ा आर्थिक झटका था और पिछले कुछ दिनों से बाबूलाल इसी बात को लेकर मानसिक रूप से परेशान नजर आ रहे थे।

फिलहाल उनकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की निगरानी में उपचार जारी है। घटना के बाद परिवार की प्राथमिकता बाबूलाल का इलाज और उनकी हालत में सुधार है।
किसानों के लिए आर्थिक परेशानी बन रही चुनौती
खेती में नुकसान केवल फसल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर किसान के पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति पर पड़ सकता है। खासकर बटाई पर जमीन लेकर खेती करने वाले किसानों के सामने लागत, उत्पादन और जमीन मालिक के हिस्से से जुड़ी जिम्मेदारियां एक साथ होती हैं।
ऐसे में फसल खराब होने पर आर्थिक दबाव काफी बढ़ सकता है। बाबूलाल सिंह के मामले में भी परिजनों ने फसल की खराब पैदावार और बटाई की जमीन से जुड़ी चिंता को घटना की मुख्य वजह बताया है। फिलहाल किसान का इलाज जारी है और परिवार उनके स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहा है।
अमन कुमार की रिपोर्ट
