सुपौल में पहली कक्षा के छात्र की हॉस्टल में संदिग्ध मौत, छत पर मिला शव, चोट के निशान, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
सुपौल में हॉस्टल की छत पर पहली कक्षा के छात्र का शव मिला
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (सुपौल)। सुपौल जिले हॉस्टल में छात्र की मौत का मामला सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। सदर थाना क्षेत्र के गौरवगढ़ वार्ड नंबर-6 स्थित सान्वी पब्लिक स्कूल के नए हॉस्टल की छत पर रविवार देर रात पहली कक्षा के छात्र का शव संदिग्ध अवस्था में मिला। मृतक की पहचान पारीकोंच पंचायत के वार्ड नंबर-7 निवासी शिव शंकर भारती के पुत्र प्रियांशु कुमार के रूप में हुई है। छात्र की मौत को लेकर परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है और पूरे मामले की जांच की मांग की है।
सुपौल घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। छात्र के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
सुपौल में हॉस्टल की छत पर मिला शव
जानकारी के अनुसार रविवार देर रात करीब एक बजे कुछ छात्रों की नजर हॉस्टल की छत पर पड़े प्रियांशु पर गई। छात्रों ने जब उसे देखा तो उसके गले में गमछा और बेल्ट का फंदा लगा हुआ था। इसके अलावा उसके चेहरे पर चोट के निशान भी बताए जा रहे हैं।
छात्रों ने तत्काल इसकी जानकारी हॉस्टल के गार्ड को दी। गार्ड ने स्कूल संचालक संतोष कुमार को सूचना दी। इसके बाद प्रियांशु को छत से नीचे लाया गया। शिक्षक के साथ उसे इलाज के लिए शहर स्थित अनंत प्रेरणा हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर ले जाया गया।
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सुपौल अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सक डॉ. बीके यादव ने जांच के बाद छात्र को मृत घोषित कर दिया। इसके बाद स्कूल प्रबंधन और परिजनों को घटना की जानकारी दी गई।
छात्र की मौत से परिवार में मचा कोहराम
प्रियांशु की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। कम उम्र में बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
मृतक के पिता शिव शंकर भारती ने घटना को सामान्य नहीं मानते हुए हत्या की आशंका जताई है। उनका कहना है कि बेटे की मौत की परिस्थितियां कई सवाल खड़े कर रही हैं। उन्होंने पुलिस से मामले की गहराई से जांच कराने और स्कूल प्रबंधन की भूमिका की भी पड़ताल करने की मांग की है।
परिजनों ने सुपौल की घटना की जानकारी देने में कथित देरी को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पिता के अनुसार परिवार को घटना की जानकारी लगभग तीन बजे दी गई। घटना और परिवार को सूचना मिलने के बीच के समय को लेकर परिजन जवाब चाहते हैं।
सुपौल मामले में स्कूल प्रबंधन ने क्या कहा
स्कूल संचालक संतोष कुमार ने बताया कि घटना के समय वह खाना खाने के लिए गए थे। सूचना मिलने के बाद वह मौके पर पहुंचे और छात्र को अस्पताल ले जाने की प्रक्रिया में शामिल हुए। संचालक के अनुसार छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। उन्होंने बताया कि हॉस्टल नया है और वहां अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। सीसीटीवी नहीं होने के कारण घटना से जुड़े घटनाक्रम की जांच पुलिस के लिए भी महत्वपूर्ण हो गई है। सुपौल पुलिस अब छात्रों, गार्ड, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन से जानकारी जुटा रही है।
सुपौल में पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही सदर थानाध्यक्ष रामसेवक रावत के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रभारी एसडीपीओ दिलीप कुमार ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने हॉस्टल की छत और आसपास के इलाके की जांच की तथा घटना से जुड़े संभावित साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
पुलिस फिलहाल छात्र की मौत के कारणों की पड़ताल कर रही है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि छात्र की मौत वास्तव में फंदे के कारण हुई या इसके पीछे कोई दूसरी वजह थी।

पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना से पहले छात्र किन लोगों के संपर्क में था और रात के समय हॉस्टल में उसकी गतिविधियां क्या थीं। हॉस्टल में मौजूद छात्रों और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
छात्र की मौत की वास्तविक वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। चेहरे पर चोट के निशान और गले में फंदा मिलने के कारण पुलिस सभी संभावनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र की मौत फंदे से हुई या उसके साथ पहले कोई घटना हुई थी। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच में अहम भूमिका निभाएगी। रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों को लेकर स्थिति ज्यादा स्पष्ट होने की उम्मीद है।
परिजनों ने उठाए कई सवाल
परिजनों की ओर से उठाए गए सवालों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। उनका कहना है कि अगर छात्र की मौत हॉस्टल में हुई है तो घटना की पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए। साथ ही परिवार को सूचना देने में देरी क्यों हुई, इसकी भी जांच होनी चाहिए।
परिजन स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी और हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि बच्चे की संदिग्ध मौत के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही हुई है तो उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए।

पुलिस जांच जारी है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सुपौल के इस मामले ने स्कूल और हॉस्टल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, छात्र की मौत हत्या है या किसी अन्य वजह से हुई, इसका अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
पटना से राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
