बिहार में अगले तीन दिनों तक बंद रहेंगे बैंक, 11 को हड़ताल, लोगों को होगी परेशानी, फटा-फट निपटाएं काम
बैंक हड़ताल से बिहार में 11 से 13 सितंबर तक सेवाएं प्रभावित होंगी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। प्रदेश में बैंक हड़ताल के कारण बिहार में लगातार तीन दिनों तक बैंकिंग सेवाओं पर बड़ा असर पड़ने की आशंका है। प्रबंधन, वित्त मंत्रालय और यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बीच दो दिनों से चल रही वार्ता बेनतीजा रहने के बाद बैंक यूनियनों ने 11 सितंबर को देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है।
इसके अगले दो दिन 12 और 13 सितंबर को शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश है। ऐसे में बिहार में शाखाओं से जुड़े कई जरूरी काम लगातार तीन दिनों तक प्रभावित हो सकते हैं।
बैंक हड़ताल से 50 हजार करोड़ का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान
बैंकिंग सेवाओं के लगातार बाधित रहने से बिहार के वित्तीय कारोबार पर भी असर पड़ने की संभावना है। अनुमान के मुताबिक, इस बंदी के कारण राज्य में करीब 50 हजार करोड़ रुपये का वित्तीय कारोबार प्रभावित हो सकता है।
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राज्यभर में शाखाओं में नकदी जमा करने, निकासी, चेक से जुड़े काम और ड्राफ्ट जैसी काउंटर सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। इसका सीधा असर आम ग्राहकों के साथ-साथ कारोबारियों और उन लोगों पर पड़ सकता है, जिन्हें शाखा में जाकर जरूरी काम निपटाना है।
11 सितंबर को देशव्यापी बैंक हड़ताल
यूनियनों और प्रबंधन के बीच बातचीत में सहमति नहीं बनने के बाद 11 सितंबर को राष्ट्रव्यापी हड़ताल का फैसला लिया गया है। इंडिया बैंक ऑफिसर्स एसोसिएशन के राष्ट्रीय सचिव डीएन त्रिवेदी के अनुसार, देशभर के करीब आठ लाख अधिकारी और कर्मचारी आंदोलन में शामिल होंगे।
यूनियनों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। बातचीत से समाधान नहीं निकलने के बाद कर्मचारियों ने आंदोलन के जरिए सरकार और प्रबंधन पर दबाव बढ़ाने का निर्णय लिया है।
बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांगें क्या हैं
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करना शामिल है। इसके अलावा अधिकारियों के लिए पीएलआई की समान व्यवस्था, आईडीबीआई के विदेशीकरण पर तत्काल रोक और लंबे समय से लंबित पेंशन अपडेशन की मांग भी प्रमुख है।

यूनियनों का कहना है कि इन मुद्दों पर लंबे समय से बातचीत चल रही है, लेकिन ठोस समाधान नहीं निकल सका है। यही वजह है कि अब चरणबद्ध तरीके से आंदोलन को आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
बिहार की 7,760 बैंक शाखाओं पर असर
हड़ताल और इसके बाद लगातार दो दिनों के साप्ताहिक अवकाश के कारण बिहार की करीब 7,760 शाखाओं के कामकाज पर असर पड़ सकता है। 11 सितंबर को हड़ताल के कारण शाखाओं की सामान्य सेवाएं प्रभावित रहेंगी, जबकि 12 और 13 सितंबर को साप्ताहिक अवकाश के चलते शाखाएं बंद रहेंगी।
इस स्थिति में जिन ग्राहकों को शाखा में जाकर नकदी जमा करनी है, बड़ी राशि निकालनी है, ड्राफ्ट बनवाना है या चेक संबंधी जरूरी काम करना है, उन्हें पहले से अपनी जरूरत के अनुसार तैयारी करनी होगी।
डिजिटल बैंकिंग से मिल सकती है राहत
हालांकि शाखाओं की सेवाएं प्रभावित होने की स्थिति में डिजिटल बैंकिंग ग्राहकों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और यूपीआई जैसी सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहने की उम्मीद है।
ग्राहक ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने, बिल भुगतान करने और कई अन्य डिजिटल बैंकिंग सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकेंगे। हालांकि डिजिटल माध्यमों पर भीड़ बढ़ने की स्थिति में तकनीकी दिक्कतों की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता।
एटीएम में कैश की किल्लत संभव
शाखाओं के बंद रहने का असर एटीएम में नकदी की उपलब्धता पर भी पड़ सकता है। शाखाओं से एटीएम तक नकदी की नियमित आपूर्ति प्रभावित होने के कारण शनिवार और रविवार तक कुछ इलाकों में कैश की कमी हो सकती है।
ऐसे में जिन लोगों को अगले तीन दिनों में नकदी की जरूरत पड़ सकती है, उन्हें समय रहते अपनी जरूरत के अनुसार व्यवस्था करने की सलाह दी जा रही है। हालांकि एटीएम में नकदी की उपलब्धता अलग-अलग स्थानों पर अलग हो सकती है।
चेक क्लियरेंस और काउंटर सेवाओं पर असर
हड़ताल के दौरान बैंक की कई काउंटर सेवाएं प्रभावित रहने की आशंका है। नकदी जमा और निकासी के अलावा ड्राफ्ट तथा चेक क्लियरेंस से जुड़े काम भी प्रभावित हो सकते हैं। कारोबारियों के लिए यह स्थिति अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है, क्योंकि भुगतान और लेनदेन से जुड़े कई काम बैंकिंग प्रक्रिया पर निर्भर रहते हैं। लगातार तीन दिनों की बंदी के कारण कुछ वित्तीय गतिविधियों में देरी होने की संभावना है।

आगे भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
यूनियनों ने 11 सितंबर की हड़ताल के बाद भी आंदोलन जारी रखने का संकेत दिया है। 28 से 30 सितंबर तक दोबारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल प्रस्तावित है। यूनियनों की ओर से यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर केंद्र सरकार उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकालती है, तो अक्टूबर के अंत से अनिश्चितकालीन हड़ताल की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
ग्राहक जरूरी बैंक काम पहले निपटाएं
लगातार तीन दिनों तक बैंकिंग सेवाओं के प्रभावित रहने की आशंका को देखते हुए ग्राहकों के लिए जरूरी काम पहले पूरा कर लेना बेहतर होगा। खासकर नकदी की आवश्यकता, चेक जमा, ड्राफ्ट और अन्य शाखा आधारित सेवाओं के लिए लोग अपनी योजना पहले से बना सकते हैं।
डिजिटल बैंकिंग का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों को भी अपने ऑनलाइन लेनदेन की सुविधा पहले से जांच लेने की जरूरत है। कुल मिलाकर 11 से 13 सितंबर के बीच बैंकिंग सेवाओं पर असर पड़ने की संभावना है और इसका प्रभाव आम ग्राहकों से लेकर कारोबारियों तक देखने को मिल सकता है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
