आहार में हाथ-पैर धोने उतरीं चार छात्राएं, गहरे पानी में डूबीं; दो की मौत
गया के गुरुआ में आहार के गहरे पानी में डूबने से दो स्कूली छात्राओं की मौत, दो अन्य को ग्रामीणों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
निष्कर्ष भारत संवाददाता गया: बिहार के गया जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। गुरुआ थाना क्षेत्र में स्कूल से घर लौट रही चार छात्राएं आहार के गहरे पानी में डूब गईं। हादसे में दो छात्राओं की मौत हो गई, जबकि दो अन्य छात्राओं को ग्रामीणों ने समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है और मृत छात्राओं के छात्राएं परिवारों में कोहराम मच गया है।
यह हादसा गुरुवार शाम नवाबचक गांव के पास स्थित आहार में हुआ। बताया जा रहा है कि स्कूल की छुट्टी होने के बाद चारों छात्राएं एक साथ अपने घर लौट रही थीं। रास्ते में आहार के पास पहुंचने पर वे हाथ-पैर धोने के लिए पानी के किनारे गईं। इसी दौरान अचानक एक छात्रा का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई।
उसे बचाने के प्रयास में बाकी छात्राएं छात्राएं भी पानी में उतर गईं और देखते ही देखते चारों छात्राएं गहरे पानी में फंस गईं।
हाथ-पैर धोने के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, चारों छात्राएं स्कूल की छुट्टी के बाद घर लौट रही थीं। नवाबचक गांव के समीप आहार के पास पहुंचने के बाद उन्होंने वहां रुककर हाथ-पैर धोने का फैसला किया।
इसी दौरान एक छात्रा का पैर अचानक फिसल गया। वह संभल नहीं सकी और आहार के गहरे पानी में चली गई। उसे मुश्किल में देखकर दूसरी छात्राओं ने उसे बचाने की कोशिश की।
हालांकि, पानी की गहराई का अंदाजा नहीं होने के कारण बचाव की कोशिश करने वाली छात्राएं भी पानी में फंस गईं। चारों छात्राओं की चीख-पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों को घटना की जानकारी हुई।
ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और पानी में उतरकर छात्राओं को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया।
ग्रामीणों ने चारों छात्राओं को पानी से बाहर निकाला
घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों ने बिना देर किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने पानी में उतरकर चारों छात्राओं को बाहर निकाला।
इसके बाद सभी छात्राओं को इलाज के लिए गुरुआ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दो छात्राओं को मृत घोषित कर दिया।
दो अन्य छात्राओं को ग्रामीणों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। छात्राएं समय पर बचाव होने के कारण उनकी जान बच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के लोग बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए। घटना के बाद गांव और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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12 वर्षीय शिवानी और सुप्रिया की मौत
हादसे में जान गंवाने वाली दोनों छात्राओं की पहचान 12 वर्षीय शिवानी कुमारी और 12 वर्षीय सुप्रिया कुमारी के रूप में हुई है।
दोनों छात्राएं आदर्श मध्य विद्यालय तारोबा में सातवीं कक्षा में पढ़ती थीं। शिवानी के पिता का नाम अमरेंद्र यादव और सुप्रिया के पिता का नाम मनोज चौधरी बताया गया है।
दोनों छात्राओं की मौत की खबर जैसे ही उनके परिवारों तक पहुंची, घर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
एक साथ स्कूल जाने और लौटने वाली छात्राओं के साथ हुए इस हादसे से ग्रामीण भी सदमे में हैं।

पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने के बाद गुरुआ थानाध्यक्ष मनेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जानकारी ली और हादसे के संबंध में आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
पुलिस की ओर से दोनों मृत छात्राओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई।
पुलिस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। हादसा किस परिस्थिति में हुआ और छात्राएं पानी में किस तरह गिरीं, इसकी भी जानकारी ली जा रही है।
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गांव में पसरा मातम
दो छात्राओं की मौत के बाद नवाबचक और आसपास के इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। जिन परिवारों ने अपनी बच्चियों को स्कूल भेजा था, उन्हें हादसे के बाद उनकी मौत की खबर मिली।
ग्रामीणों के मुताबिक, छात्राएं रोज की तरह स्कूल से घर लौट रही थीं। रास्ते में आहार के पास रुकना उनके लिए जानलेवा साबित हो गया।
हादसे ने एक बार फिर जलाशयों और आहार जैसे गहरे पानी वाले स्थानों के आसपास बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। खासकर बरसात के मौसम में पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाता है, जिससे ऐसे स्थानों पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
गहरे पानी से बच्चों को दूर रखने की जरूरत
इस तरह के हादसों के बाद बच्चों को तालाब, आहार, नदी और अन्य जलस्रोतों के पास सावधानी बरतने की जरूरत है। पानी की सतह सामान्य दिखाई देने के बावजूद नीचे गहराई अधिक हो सकती है।
बच्चों को जलस्रोतों के आसपास अकेले जाने से रोकना और उन्हें गहरे पानी के खतरे के बारे में जागरूक करना जरूरी है। खासकर स्कूल से घर लौटते समय बच्चों को ऐसे स्थानों पर रुकने से बचना चाहिए।
गया के गुरुआ में हुई यह घटना परिवार और ग्रामीणों के लिए बेहद दुखद है। दो छात्राओं की जान चली गई, जबकि दो अन्य को ग्रामीणों की तत्परता से बचा लिया गया।
फिलहाल पुलिस ने दोनों छात्राओं के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के बाद मृत छात्राओं के परिवारों में मातम है और पूरे इलाके में शोक का माहौल बना हुआ है।
पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट
