JDU का नाम बदलने पर मुहर, नया नाम तय…उमेश कुशवाहा का मिला समर्थन

JDU का नाम बदलने पर बढ़ी चर्चा

JDU के नाम बदलाव पर उमेश कुशवाहा का समर्थन, ‘जनता दल नीतीश’ चर्चा में

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। JDU का नाम बदलकर ‘जनता दल नीतीश’ करने की मांग को अब पार्टी के भीतर समर्थन मिलने लगा है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने रविवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पार्टी के नाम को नीतीश कुमार के नाम से जोड़ने के प्रस्ताव का समर्थन किया। इससे पहले जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने खगड़िया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पार्टी के नाम को नीतीश कुमार के नाम से जोड़ने का विचार सामने रखा था।

उमेश कुशवाहा के समर्थन के बाद JDU के भीतर इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, फिलहाल इसे पार्टी के नाम में आधिकारिक बदलाव का फैसला नहीं कहा गया है। उमेश कुशवाहा ने अपने पोस्ट में संजय झा की भावना को पार्टी के कार्यकर्ताओं की सामूहिक भावना बताया है।

JDU के नाम को लेकर उमेश कुशवाहा का बड़ा बयान

उमेश कुशवाहा ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि “JDU मतलब नीतीश कुमार।” उन्होंने कहा कि खगड़िया में ‘फरक्का जल संधि पर नीतीश संवाद’ कार्यक्रम के दौरान संजय झा ने पार्टी के नाम को राष्ट्रीय अध्यक्ष और नीतीश कुमार के नाम से जोड़ने को लेकर जो भावना व्यक्त की, वह JDU के प्रत्येक कार्यकर्ता के अंतर्मन की अभिव्यक्ति है।

प्रदेश अध्यक्ष ने नीतीश कुमार को पार्टी का सर्वमान्य नेता बताते हुए कहा कि वही जदयू की सबसे बड़ी पूंजी हैं। उनके अनुसार, नीतीश कुमार के लंबे संघर्ष और परिश्रम से पार्टी को मजबूती मिली है।

‘नीतीश कुमार के नाम से जुड़ी है पार्टी की पहचान’

उमेश कुशवाहा ने अपने बयान में नीतीश कुमार के राजनीतिक योगदान को पार्टी की पहचान से जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि JDU के कार्यकर्ता नीतीश कुमार के आदर्शों, सिद्धांतों और विचारधारा से प्रेरित होकर काम करते हैं।

उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ताओं के विकसित बिहार की परिकल्पना और न्याय के साथ विकास के संकल्प का भी उल्लेख किया। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि संजय झा ने लाखों कार्यकर्ताओं की सामूहिक भावना को स्वर दिया है।

JDU कार्यकर्ताओं की निष्ठा का भी किया जिक्र

उमेश कुशवाहा ने अपने पोस्ट में कहा कि नीतीश कुमार के प्रति पार्टी के कार्यकर्ताओं की निष्ठा, श्रद्धा और विश्वास अडिग है। उन्होंने साफ शब्दों में संजय झा की ओर से व्यक्त भावना के साथ खड़े होने की बात कही।

उनके बयान के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या आने वाले समय में JDU के नाम में वास्तव में बदलाव किया जाएगा। हालांकि, अभी तक पार्टी की ओर से नाम परिवर्तन को लेकर कोई औपचारिक प्रक्रिया या अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।

संजय झा ने सबसे पहले रखा था विचार

पार्टी के नाम में बदलाव की चर्चा उस समय शुरू हुई जब जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने खगड़िया में आयोजित कार्यक्रम में इस तरह का विचार व्यक्त किया। उन्होंने पार्टी के नाम को नीतीश कुमार से जोड़ने की बात कही थी।

इसके बाद उमेश कुशवाहा ने सार्वजनिक रूप से इसका समर्थन कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष के समर्थन को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे पार्टी के अंदर इस विचार को राजनीतिक समर्थन मिलने का संकेत गया है।

हालांकि, पार्टी के नाम में बदलाव के लिए संगठनात्मक स्तर पर किस तरह की प्रक्रिया अपनाई जाएगी, इस संबंध में अभी कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

जदयू के गठन की भी है लंबी राजनीतिक कहानी

JDU का मौजूदा स्वरूप वर्ष 2003 में सामने आया था। इसका गठन जनता दल यूनाइटेड और समता पार्टी के विलय से हुआ था। उस समय शरद यादव पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल थे और बाद में उन्होंने लंबे समय तक जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभाली।

शरद यादव वर्ष 2016 तक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे। इसके बाद नीतीश कुमार ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद संभाला। वर्ष 2017 में शरद यादव पार्टी से अलग हो गए और इसके बाद जदयू में नीतीश कुमार का नेतृत्व और मजबूत हुआ।

नीतीश कुमार फिर बने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष

वर्ष 2020 में नीतीश कुमार ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से हटकर आरसीपी सिंह को यह जिम्मेदारी दी। बाद में दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक मतभेद सामने आए और आरसीपी सिंह के बाद राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया।

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वर्ष 2023 में ललन सिंह के इस्तीफे के बाद नीतीश कुमार एक बार फिर जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए। इसके बाद से पार्टी की कमान उनके हाथ में है।

‘जनता दल नीतीश’ नाम पर अब आगे क्या?

प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के समर्थन के बाद ‘जनता दल नीतीश’ नाम की चर्चा जदयू की राजनीति में अहम हो गई है। संजय झा के विचार को समर्थन मिलने से पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर आगे चर्चा की संभावना बढ़ गई है।

हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि जदयू का आधिकारिक नाम बदलकर ‘जनता दल नीतीश’ किया जाएगा या यह केवल पार्टी के शीर्ष नेताओं और कार्यकर्ताओं की भावना के रूप में ही रहेगा।

फिलहाल पार्टी के भीतर इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी शुरू हो गई है। अब सबकी नजर जदयू के अगले संगठनात्मक फैसले पर है। यदि पार्टी औपचारिक रूप से नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे बढ़ाती है, तो बिहार की राजनीति में यह एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव माना जाएगा।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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