पटना में झमाझम बारिश से मौसम बदला, मौसम विभाग का अलर्ट जारी, वज्रपात का खतरा, रहे सावधान
पटना में झमाझम बारिश से बदला मौसम, कई जिलों में अलर्ट
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना में झमाझम बारिश के बाद मंगलवार सुबह मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। राजधानी के कई इलाकों में सुबह से तेज बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट आई और उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। बारिश के बाद आसमान में घने बादल छाए रहे और कई जगहों पर तेज हवाओं के साथ मौसम बदला हुआ नजर आया। इसी बीच मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में बारिश, मेघ गर्जन और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है।
मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने लोगों को खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। खुले मैदान, खेत और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले घंटों में उत्तर और दक्षिण बिहार के कई हिस्सों में वर्षा का दौर जारी रह सकता है।
झमाझम बारिश के साथ 9 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार बेगूसराय, दरभंगा, खगड़िया, मधुबनी, पटना, समस्तीपुर, सारण, सुपौल और वैशाली के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना है। इन क्षेत्रों में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवा चल सकती है।
मंगलवार सुबह 10:30 बजे से अगले तीन घंटे के लिए इन जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। वर्षा और तेज हवा के कारण स्थानीय स्तर पर जलजमाव, पेड़ या बिजली के तार गिरने तथा यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
पटना के इन इलाकों में बारिश की संभावना
पटना जिले के अथमलगोला, खुसरूपुर, दनियावां, पंडारक, पटना ग्रामीण, पुनपुन, फतुहा, बख्तियारपुर, बाढ़ और संपतचक में बारिश की संभावना जताई गई है। खगड़िया के अलौली प्रखंड में भी मौसम का असर देखने को मिल सकता है। दरभंगा के केवटी रनवे, तारडीह, दरभंगा, बेनीपुर, मनीगाछी समेत कई इलाकों में वर्षा की संभावना है।
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बेगूसराय के गढ़पुरा, चेरिया बरियारपुर, डंडारी, नावकोठी, बखरी, बछवाड़ा, बरौनी, बलिया, बेगूसराय, भगवानपुर, वीरपुर और साहेबपुर कमाल में भी वर्षा का पूर्वानुमान है।
झमाझम बारिश से इन जिलों में भी बदलेगा मौसम
मधुबनी जिले के अंधराठाढ़ी, कलुआही, खजौली, झंझारपुर, पंडौल, फुलपरास, बाबूबरही, बासोपट्टी, बिस्फी, बेनीपट्टी, मधुबनी, राजनगर, लखनौर और हरलाखी में वर्षा की संभावना जताई गई है। वैशाली के जंदाहा, देसरी, पातेपुर, बिदुपुर, महनार, राघोपुर और सहदेई बुजुर्ग में भी मौसम प्रभावित रह सकता है। समस्तीपुर के पटोरी, मोरवा, मोहनपुर, मोहिउद्दीननगर, विद्यापतिनगर और सरायरंजन में बारिश की संभावना है। सारण जिले के सोनपुर में भी वर्षा होने का पूर्वानुमान है। इन इलाकों में गरज के साथ वर्षा के दौरान लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
वज्रपात को लेकर विशेष सावधानी जरूरी
वर्षा के साथ वज्रपात का खतरा सबसे बड़ी चिंता है। खराब मौसम के दौरान खेतों या खुले मैदानों में मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थान पर चले जाने की सलाह दी गई है। पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए।

स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से भी लोगों को मौसम खराब होने पर अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है। बिजली चमकने और तेज गरज के दौरान विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
वर्षा के दौरान मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल से ज्यादा महत्वपूर्ण सुरक्षित स्थान पर रहना है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे लोगों को मौसम में अचानक बदलाव पर विशेष ध्यान देना होगा।
24 घंटे में कई जिलों का तापमान गिरा
पिछले 24 घंटे के मौसम संबंधी आंकड़ों में भी कई जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर में न्यूनतम तापमान 24.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो राज्य में इस अवधि में सबसे कम रहा।
मोतिहारी, सीवान, छपरा, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, गया, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा के अगवानपुर और मधेपुरा समेत कई इलाकों में न्यूनतम तापमान में लगभग 1.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। तापमान में कमी और बारिश के कारण लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिली है। हालांकि, वर्षा के साथ बढ़ी नमी के कारण आने वाले दिनों में मौसम फिर से बदल सकता है।
16 सितंबर को पांच जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने 16 सितंबर के लिए बिहार के पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। सुपौल, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, नालंदा, लखीसराय, शेखपुरा, नवादा, जहानाबाद, अरवल, गया, औरंगाबाद, कैमूर और रोहतास को छोड़कर अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।
इसका मतलब है कि राज्य के बड़े हिस्से में मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषकर भारी वर्षा की संभावना वाले जिलों में निचले इलाकों और जलजमाव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की सूचना पर ध्यान देना होगा।
बिहार में सामान्य से 27 फीसदी कम बारिश
इस साल बिहार में बारिश का कुल आंकड़ा सामान्य से कम रहा है। एक जून से एक सितंबर तक राज्य में कुल 601.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से 27 प्रतिशत कम है। क्षेत्रवार देखें तो उत्तर-पूर्वी बिहार में सबसे ज्यादा बारिश हुई। इसमें किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार प्रमुख जिले हैं। इसके बाद उत्तर-मध्य और पश्चिमी बिहार का स्थान रहा।
पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और मुजफ्फरपुर में सामान्य या सामान्य से कुछ कम बारिश दर्ज की गई। वहीं दक्षिणी और मध्य बिहार में बारिश सबसे कम रही। पटना, गया, नालंदा और सारण जैसे जिले इस क्षेत्र में शामिल हैं।
बारिश से राहत के साथ जलजमाव की चिंता
पटना समेत कई शहरों में तेज बारिश होने पर जलजमाव की समस्या भी सामने आ सकती है। सड़कों पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित होने की संभावना रहती है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी होगी।

बारिश से तापमान में राहत मिलने के बावजूद लगातार पानी जमा रहने पर मच्छरों का प्रजनन बढ़ सकता है। ऐसे में बारिश के बाद जलजमाव को जल्द हटाना और आसपास सफाई रखना जरूरी होगा।
अगले कुछ घंटों में मौसम पर रखें नजर
मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए मंगलवार और बुधवार को बिहार के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। पटना में हुई झमाझम बारिश ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं वज्रपात और तेज हवा का खतरा चिंता का कारण बना हुआ है।
ऐसे में लोगों को मौसम साफ होने तक अनावश्यक यात्रा से बचने, खुले स्थानों से दूर रहने और स्थानीय प्रशासन व मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है। खासकर भारी बारिश और वज्रपात वाले इलाकों में थोड़ी सी सावधानी किसी बड़े हादसे को रोकने में मदद कर सकती है।
बिहार में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। राजधानी पटना समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि 16 सितंबर को उत्तर-पूर्वी बिहार के कुछ जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी दी गई है। ऐसे में बारिश के साथ वज्रपात के खतरे को देखते हुए लोगों को सतर्क रहना होगा।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
