सितंबर के आखिरी हफ्ते तक बदलेगा मौसम, 13 जिलों में यलो अलर्ट, पटना में छाएंगे बादल
बिहार के मौसम में बदलाव, 13 जिलों में यलो अलर्ट और बारिश का अनुमान
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार का मौसम सितंबर के आखिरी सप्ताह तक लगातार करवट लेता नजर आ सकता है। मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार को राज्य के 13 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वानुमान के मुताबिक कैमूर, रोहतास, बक्सर, भोजपुर, औरंगाबाद, अरवल, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का भी खतरा जताया गया है।
राजधानी पटना में भी मौसम पूरी तरह साफ रहने के आसार नहीं हैं। यहां दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। ऐसे में उमस के बीच लोगों को बीच-बीच में राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने 13 जिलों में जारी किया अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार शनिवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। कैमूर, रोहतास, बक्सर और भोजपुर सहित दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों में बारिश का अनुमान है। वहीं औरंगाबाद और अरवल में भी मौसम सक्रिय रह सकता है।
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उत्तर-पूर्वी बिहार के सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में भी बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।
यलो अलर्ट का मतलब यह है कि मौसम को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। खासकर बारिश और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचना जरूरी होगा।
पटना में मौसम रहेगा बदला-बदला
राजधानी पटना में शनिवार को आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। अधिकतम तापमान लगभग 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। हालांकि बादल छाने के बावजूद पूरे शहर में एक साथ बारिश हो, यह जरूरी नहीं है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
पटना में पिछले दिनों बारिश के बाद वातावरण में नमी बढ़ी है। इसके कारण सुबह और दोपहर के समय उमस का असर महसूस किया जा रहा है। बादल छाने और बारिश होने पर तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है, लेकिन बारिश के बाद उमस फिर बढ़ने की संभावना बनी रहती है।
आरा, सहरसा और खगड़िया में हुई तेज बारिश
पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। आरा, सहरसा और खगड़िया में तेज बारिश होने की जानकारी सामने आई है। बारिश के कारण इन क्षेत्रों में मौसम में नमी बढ़ी और तापमान के असर में भी बदलाव देखने को मिला।
बारिश का यह दौर पूरे राज्य में समान नहीं रहा। कुछ जिलों में तेज बारिश हुई, जबकि कई इलाकों में केवल बादल छाए रहे या हल्की बौछारें पड़ीं। यही वजह है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का असर भी अलग-अलग दिखाई दे रहा है।
सितंबर के अंत तक जारी रहेगा मौसम का उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब अपने अंतिम दौर में पहुंच चुका है। इसके बावजूद सितंबर के आखिरी सप्ताह तक बिहार में मौसम पूरी तरह स्थिर होने की संभावना नहीं है। अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी रह सकता है।
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मानसून के अंतिम चरण में बारिश की गतिविधियां अक्सर असमान रहती हैं। किसी जिले में तेज बारिश हो सकती है तो कुछ दूरी पर स्थित दूसरे इलाके में बारिश बेहद कम हो सकती है। बिहार में भी फिलहाल इसी तरह का मौसम देखने को मिल रहा है।

इस वजह से सितंबर के बाकी दिनों में भी लोगों को अचानक मौसम बदलने का सामना करना पड़ सकता है। दिन में धूप निकलने के बाद बादल छाने और फिर बारिश होने की स्थिति कई इलाकों में बन सकती है।
सामान्य से कम बारिश की भरपाई मुश्किल
इस मानसून सीजन में बिहार के कई हिस्सों में बारिश की कमी रही है। मानसून के अंतिम दौर में बारिश की गतिविधियां बढ़ने के बावजूद पूरे सीजन की कमी को पूरी तरह दूर कर पाना मुश्किल माना जा रहा है।
यदि आने वाले दिनों में बारिश का वितरण इसी तरह असमान रहा तो राज्य में सामान्य से कम बारिश का असर बना रह सकता है। हालांकि सितंबर के अंतिम सप्ताह में होने वाली बारिश स्थानीय स्तर पर कुछ जिलों की स्थिति में बदलाव ला सकती है।
बारिश की मात्रा और उसका वितरण खेती के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। जिन इलाकों में बारिश कम हुई है, वहां किसान आगे होने वाली बारिश पर नजर बनाए हुए हैं। वहीं अत्यधिक बारिश वाले इलाकों में जलजमाव जैसी स्थिति भी परेशानी बढ़ा सकती है।
22 सितंबर को फिर करवट ले सकता है मौसम
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के पूर्वानुमान के अनुसार 19 सितंबर को राजधानी में बादल छाए रहने की संभावना है। इसके बाद 22 सितंबर के आसपास मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल सकता है।
22 सितंबर को पटना समेत कुछ इलाकों में बादल छाने के साथ बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना जताई गई है। इसका मतलब है कि सितंबर के अंतिम दिनों में भी मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना कम है।
हालांकि बारिश कितनी होगी और किन इलाकों में इसका ज्यादा असर रहेगा, यह आने वाले दिनों की मौसम प्रणाली पर निर्भर करेगा। इसलिए स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी होगा।
अक्टूबर में हो सकती है मानसून की विदाई
बिहार से मानसून की विदाई सामान्य तौर पर अक्टूबर के पहले या दूसरे सप्ताह के आसपास होती है। इस साल भी सितंबर के अंतिम सप्ताह तक मानसून की गतिविधियां बने रहने और इसके बाद धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।
अक्टूबर की शुरुआत में राज्य के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। बारिश की गतिविधियां कम होने के साथ आसमान साफ रहने और तापमान के पैटर्न में बदलाव की शुरुआत हो सकती है। हालांकि मानसून की आधिकारिक विदाई मौसम की परिस्थितियों के आधार पर ही तय होती है।
बिहार में सितंबर का आखिरी दौर बारिश और बादलों के बीच गुजरने के आसार हैं। 13 जिलों के लिए जारी यलो अलर्ट ने मौसम को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। पटना में भी बादल और कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसे में अगले कुछ दिनों तक लोगों को बदलते मौसम के साथ सावधानी बरतने की जरूरत होगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
