पाकिस्तान में इमरान खान की बहन अलीमा खान गिरफ्तार, 27 सितंबर के विरोध मार्च से पहले बढ़ा तनाव

इमरान खान

इमरान खान की बहन अलीमा खान गिरफ्तार

निष्कर्ष भारत संवाददाता- पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी विरोध मार्च से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। रविवार, 20 सितंबर को लाहौर पुलिस ने इमरान खान की बहन अलीमा खान को हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई 27 सितंबर को प्रस्तावित पीटीआई के विरोध मार्च से कुछ दिन पहले हुई है। पार्टी इस प्रदर्शन के जरिए जेल में बंद इमरान खान की रिहाई और अन्य मांगों को लेकर दबाव बनाना चाहती है।

अलीमा खान की गिरफ्तारी की पुष्टि पीटीआई पंजाब के प्रवक्ता ने की है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, पाकिस्तान सरकार और पुलिस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई। ऐसे में गिरफ्तारी की परिस्थितियों और उसके कानूनी आधार को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

27 सितंबर को होना है PTI का राष्ट्रव्यापी मार्च

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने 27 सितंबर को राष्ट्रव्यापी विरोध मार्च का ऐलान किया है। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई की मांग करना है। पार्टी के नेता और समर्थक इमरान खान को जेल में रखे जाने, उनकी स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं और न्यायिक प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।

पीटीआई के अध्यक्ष बैरिस्टर गोहर अली खान ने भी हाल में 27 सितंबर को ‘जस्टिस मार्च’ के लिए राजनीतिक दलों, वकीलों और आम लोगों से एकजुट होने की अपील की थी। पार्टी ने इस मार्च को न्यायपालिका और चुनाव आयोग की स्वतंत्रता सहित कई मुद्दों से जोड़ा है।

लाहौर स्थित आवास से गिरफ्तारी की खबर

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अलीमा खान को लाहौर स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया गया। पीटीआई के पंजाब प्रवक्ता ने उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। हालांकि, पुलिस और सरकार की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।

पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया संस्थान द एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार, पार्टी ने गिरफ्तारी की निंदा की है। रिपोर्ट में पार्टी सूत्रों के हवाले से यह भी बताया गया कि अलीमा खान को एक अज्ञात स्थान पर ले जाए जाने की बात सामने आई। इन दावों पर आधिकारिक पुष्टि और विस्तृत जानकारी का इंतजार है

चार PTI कार्यकर्ता भी हिरासत में

अलीमा खान की गिरफ्तारी से पहले इस्लामाबाद में चार पीटीआई कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिए जाने की खबर सामने आई थी। स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, इन लोगों को 27 सितंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन की तैयारियों से जुड़ी एक बैठक के बाद पकड़ा गया।

पुलिस ने इन कार्यकर्ताओं पर दंगा करने, सरकारी काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने जैसे आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों से संबंधित विस्तृत आधिकारिक दस्तावेज और आगे की कानूनी कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक रूप से पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

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पीटीआई ने इन घटनाओं को पार्टी के खिलाफ कार्रवाई के रूप में देखा है और कार्यकर्ताओं की हिरासत पर आपत्ति जताई है। दूसरी ओर, सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पाकिस्तान के अधिकारियों की ओर से प्रदर्शन के दौरान संभावित अव्यवस्था रोकने पर जोर दिया जा रहा है।

इमरान खान तीन साल से अधिक समय से जेल में

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पीटीआई संस्थापक इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में बंद हैं। उनकी पार्टी और परिवार लंबे समय से उनके स्वास्थ्य और जेल में मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं को लेकर चिंता व्यक्त करते रहे हैं।

अगस्त 2026 में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इमरान खान को चिकित्सा जांच के लिए अस्पताल ले जाया गया था। उनकी पार्टी ने उनके उपचार और निजी चिकित्सक तक पहुंच की मांग उठाई थी। हालांकि, इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर पार्टी और सरकारी पक्ष के दावों में अंतर रहा है।

इमरान खान की पार्टी का आरोप है कि उनके खिलाफ चल रहे मामले राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं। पाकिस्तान सरकार इन आरोपों से इनकार करती है। इस वजह से इमरान खान की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई पाकिस्तान की राजनीति में लगातार विवाद का विषय बनी हुई है।

प्रदर्शन से पहले इस्लामाबाद में सुरक्षा कड़ी

27 सितंबर के प्रस्तावित मार्च को देखते हुए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में सुरक्षा तैयारियां तेज किए जाने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस और प्रशासन प्रदर्शन से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। इसके अलावा संभावित प्रदर्शनकारियों के ठहरने, परिवहन और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित सूचनाएं भी जुटाई जा रही हैं।

पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने प्रदर्शन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्टों में उनके हवाले से कहा गया है कि सरकार इस्लामाबाद में ऐसे मार्च को प्रवेश की अनुमति नहीं देगी। इससे पीटीआई और सरकार के बीच टकराव बढ़ने की आशंका को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान वास्तविक स्थिति क्या होगी, यह आगे के घटनाक्रम पर निर्भर करेगा।

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अलीमा खान की गिरफ्तारी से बढ़ी राजनीतिक हलचल

अलीमा खान इमरान खान की रिहाई और उनके स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक रूप से उठाती रही हैं। ऐसे में 27 सितंबर के मार्च से ठीक पहले उनकी गिरफ्तारी की खबर ने पाकिस्तान के राजनीतिक माहौल में हलचल बढ़ा दी है।

पीटीआई की ओर से गिरफ्तारी की निंदा की गई है, जबकि पुलिस और सरकार की ओर से मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अलीमा खान के खिलाफ कौन-से कानूनी प्रावधान लगाए गए हैं, उन्हें कितने समय तक हिरासत में रखा जाएगा और क्या उन्हें अदालत के सामने पेश किया जाएगा।

आने वाले दिनों में अलीमा खान की हिरासत, पीटीआई कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई और 27 सितंबर के विरोध मार्च को लेकर पाकिस्तान की राजनीति में घटनाक्रम महत्वपूर्ण रह सकता है।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट