पटना में नाबालिग छात्रा से मारपीट, फोन पर बात करने का दबाव; सहपाठी छात्र पर आरोप, पुलिस जांच में जुटी
पटना में नाबालिग छात्रा से मारपीट, फोन पर बात करने का
Patna News: बिहार की राजधानी पटना से नाबालिग के साथ मारपीट और उसे मोबाइल फोन पर बात करने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। घटना गौरीचक थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। पीड़िता नौवीं कक्षा की छात्रा है। परिजनों का आरोप है कि कोचिंग में पढ़ने वाला एक सहपाठी छात्र लगातार छात्रा को परेशान कर रहा था और फोन पर बातचीत करने का दबाव बना रहा था। छात्रा के इनकार करने के बाद उसे रास्ते में रोककर मारपीट किए जाने का आरोप है। मामले में परिजनों ने गौरीचक थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
फोन पर बात करने से इनकार के बाद बढ़ा विवाद
जानकारी के अनुसार, स्कूल से पढ़ाई करने के बाद शाम के समय कोचिंग जाती थी। इसी कोचिंग में पढ़ने वाला एक छात्र कथित तौर पर उससे मोबाइल फोन पर बातचीत करने के लिए दबाव बनाता था। परिजनों के मुताबिक, छात्रा लगातार इस दबाव का विरोध कर रही थी।
बताया गया है कि जब छात्रा ने फोन पर बात करने से इनकार किया तो मंगलवार को आरोपी छात्र ने अपने एक अन्य सहपाठी के साथ मिलकर फतेहपुर के पास छात्रा को रोक लिया। आरोप है कि दोनों ने उसके साथ मारपीट की और धमकी देते हुए फोन पर बात करने के लिए दबाव बनाया। इस दौरान छात्रा को कथित तौर पर कहा गया कि उसे हर हाल में फोन पर बातचीत करनी होगी।
घर पहुंचकर छात्रा ने परिजनों को बताई घटना
घटना के बाद छात्रा घर पहुंची और उसने अपने परिजनों को पूरी जानकारी दी। इसके बाद परिवार के लोग छात्रा को लेकर गौरीचक थाना पहुंचे और पुलिस को लिखित आवेदन सौंपा।
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परिजनों ने शिकायत में छात्रा के साथ मारपीट और उसे फोन पर बात करने के लिए दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
परिजनों ने पुलिस कार्रवाई में देरी का लगाया आरोप
घटना के बाद छात्रा के परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। परिवार का आरोप है कि थाने में आवेदन देने के करीब सात घंटे बाद तक मामले में गंभीर कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों ने यह भी दावा किया कि थाना अध्यक्ष से फोन पर संपर्क करने के बावजूद उन्हें मामले में स्पष्ट जानकारी नहीं मिली।
हालांकि, इस संबंध में पुलिस अधिकारियों की ओर से मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। इसलिए पुलिस स्तर पर कार्रवाई में देरी से जुड़े परिजनों के आरोपों की भी स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी।
डीएसपी सदर-2 ने दिए कार्रवाई के निर्देश
मामले की जानकारी मिलने के बाद डीएसपी सदर-2 रंजन कुमार ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने गौरीचक थाना प्रभारी को मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पुलिस के अनुसार फिलहाल पूरे घटनाक्रम की छानबीन की जा रही है।
डीएसपी के मुताबिक, पीड़िता नाबालिग है और मारपीट का आरोप जिस छात्र पर लगाया गया है, वह भी नाबालिग है। पुलिस के अनुसार आरोपी छात्र ने छात्रा के साथ मारपीट करने की बात स्वीकार की है। वहीं, दूसरा सहपाठी घटना के समय वहां मौजूद बताया गया है। उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस जुटा रही घटना से जुड़े तथ्य
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा को किस परिस्थिति में रोका गया और उसके साथ मारपीट क्यों की गई। साथ ही, छात्रा पर मोबाइल फोन पर बातचीत के लिए लगातार दबाव बनाए जाने के आरोप की भी जांच की जा रही है।
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मामला नाबालिगों से जुड़ा होने के कारण पुलिस के सामने घटना के तथ्यों की पुष्टि करने के साथ-साथ दोनों पक्षों से संबंधित जानकारी जुटाने की जिम्मेदारी भी है। जांच के दौरान छात्रा, उसके परिजनों और घटना के समय मौजूद बताए जा रहे लोगों से जानकारी ली जा सकती है।

नाबालिग छात्रा की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
गौरीचक की इस घटना ने स्कूल और कोचिंग आने-जाने वाली नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। खासकर रास्ते में रोककर परेशान करने या किसी तरह का दबाव बनाने की शिकायतों को लेकर परिवारों में चिंता बढ़ सकती है।
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फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही घटना में शामिल लोगों की भूमिका और आगे की कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।
पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट
