बिजली चोरी: स्मार्ट मीटर के SMD बॉक्स में किया छेद, अवैध तार जोड़कर कर रहा था बिजली का इस्तेमाल
बिजली चोरी
निष्कर्ष भारत संवाददाता- बिहार में बिजली चोरी रोकने के लिए बिजली विभाग लगातार नई तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। स्मार्ट मीटर और SMD बॉक्स जैसी सुरक्षा व्यवस्था के जरिए मीटर से छेड़छाड़ और अवैध कनेक्शन पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन सीतामढ़ी के पुपरी से बिजली चोरी का ऐसा मामला सामने आया है, जिसने बिजली विभाग के अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
यहां एक उपभोक्ता पर आरोप है कि उसने स्मार्ट मीटर को सुरक्षित रखने वाले सील बंद SMD बॉक्स में ही छेद कर दिया। इसके बाद उस छेद के जरिए कथित तौर पर अवैध तार जोड़कर बिजली का इस्तेमाल किया जा रहा था। बिजली विभाग की टीम ने छापेमारी के दौरान इस मामले का खुलासा किया। मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्मार्ट मीटर के सुरक्षा बॉक्स को ही बनाया निशाना
मामला पुपरी थाना क्षेत्र के आवापुर उत्तरी पंचायत के मौलानगर वार्ड नंबर 13 का है। बिजली विभाग की टीम जांच और छापेमारी के लिए इलाके में पहुंची थी। इसी दौरान एक उपभोक्ता के परिसर में स्मार्ट मीटर की सुरक्षा के लिए लगाए गए SMD बॉक्स में छेद दिखाई दिया।
विभाग के अनुसार, इसी छेद के जरिए तार जोड़कर आवासीय परिसर में बिजली की आपूर्ति की जा रही थी। बिजली चोरी का यह तरीका सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों ने मौके पर जांच की और कार्रवाई शुरू की।
मोहम्मद राजा पर बिजली चोरी का आरोप
इस मामले में उपभोक्ता मोहम्मद राजा के खिलाफ बिजली चोरी का आरोप लगाया गया है। विभागीय जांच में दावा किया गया कि स्मार्ट मीटर को सुरक्षित रखने के लिए लगाए गए SMD बॉक्स के साथ छेड़छाड़ की गई।
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बिजली विभाग की टीम ने मौके से कथित अवैध कनेक्शन का पता लगाया। इसके बाद कनीय अभियंता रवि भूषण के आवेदन पर पुपरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई।
हालांकि, प्राथमिकी और विभागीय आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराया जाना अलग विषय है। मामले में पुलिस की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।
SMD बॉक्स में छेद कर कैसे की गई चोरी?
आमतौर पर बिजली चोरी के मामलों में बिजली के पोल से सीधे तार जोड़ने या मीटर से पहले की लाइन में कट लगाकर बिजली इस्तेमाल करने के तरीके सामने आते हैं। स्मार्ट मीटर व्यवस्था के बाद ऐसी चोरी को रोकने के लिए मीटर की सुरक्षा को भी मजबूत किया गया है।
इसी व्यवस्था के तहत स्मार्ट मीटर को SMD बॉक्स के अंदर सुरक्षित रखा जाता है। पुपरी के इस मामले में विभाग का आरोप है कि सुरक्षा व्यवस्था को ही नुकसान पहुंचाकर अवैध तार जोड़ा गया।
यानी बिजली चोरी के लिए सीधे स्मार्ट मीटर के साथ छेड़छाड़ करने के बजाय उसके सुरक्षा कवच को निशाना बनाया गया।
क्या होता है SMD बॉक्स?
SMD बॉक्स एक सुरक्षा बॉक्स होता है, जिसमें स्मार्ट मीटर को सुरक्षित रखा जाता है। इसे इस तरह लगाया जाता है कि मीटर तक अनधिकृत तरीके से पहुंचना आसान न हो।
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स्मार्ट मीटर बिजली की खपत से जुड़ा डेटा बिजली कंपनी तक भेजने में सक्षम होता है। इससे विभाग को उपभोक्ता की बिजली खपत की निगरानी करने और अनियमितताओं का पता लगाने में मदद मिलती है।
स्मार्ट मीटर के साथ सुरक्षा बॉक्स का इस्तेमाल इसलिए किया जाता है ताकि मीटर या उसके कनेक्शन के साथ छेड़छाड़ की संभावना कम हो।
विभाग ने ₹48,623 के नुकसान का लगाया आकलन
बिजली विभाग के अनुसार, मामले में कथित बिजली चोरी से विभाग को ₹48,623 के राजस्व नुकसान का आकलन किया गया है। इसी आधार पर उपभोक्ता के खिलाफ विभागीय क्षतिपूर्ति के तहत जुर्माना भी लगाया गया है।
कनीय अभियंता रवि भूषण के आवेदन के आधार पर पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। अब पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि कथित अवैध कनेक्शन कब से इस्तेमाल किया जा रहा था और इससे कितनी बिजली की खपत हुई।
बिजली चोरी रोकने के लिए स्मार्ट मीटर पर जोर
बिहार में बिजली चोरी पर नियंत्रण के लिए स्मार्ट मीटरिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके जरिए बिजली की खपत की निगरानी को अधिक तकनीकी और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जाती है।
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स्मार्ट मीटर से जुड़े सिस्टम का उद्देश्य उपभोक्ता की वास्तविक बिजली खपत का रिकॉर्ड रखना और बिजली चोरी जैसे मामलों की पहचान में विभाग की मदद करना है।
लेकिन पुपरी में सामने आया मामला यह दिखाता है कि तकनीकी व्यवस्था के साथ-साथ उसके सुरक्षा उपकरणों की नियमित निगरानी भी जरूरी है।
विभाग ने पुलिस में दर्ज कराई प्राथमिकी
कनीय अभियंता रवि भूषण ने बताया कि विभागीय जांच में कथित बिजली चोरी सामने आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई। उनके आवेदन पर पुपरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था का उद्देश्य बिजली की खपत की निगरानी के साथ बिजली चोरी को रोकना भी है। ऐसे में SMD बॉक्स को नुकसान पहुंचाकर अवैध कनेक्शन लेने का मामला गंभीरता से लिया गया है।
अब पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी कहानी
प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में यह देखा जाएगा कि SMD बॉक्स में किस तरह छेद किया गया और अवैध तार के जरिए बिजली की आपूर्ति कब से की जा रही थी।
इसके साथ ही बिजली विभाग की ओर से लगाए गए ₹48,623 के राजस्व नुकसान के आकलन से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।
तकनीकी सुरक्षा के बावजूद सामने आया मामला
स्मार्ट मीटर और SMD बॉक्स जैसी तकनीक का इस्तेमाल बिजली चोरी रोकने के लिए किया जा रहा है। इसके बावजूद सुरक्षा बॉक्स में कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आना विभाग के लिए निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने का संकेत है।
अब विभाग यह भी देख सकता है कि ऐसे मामलों को रोकने के लिए सुरक्षा बॉक्स की जांच और फील्ड मॉनिटरिंग को किस तरह बेहतर बनाया जाए।
बिजली चोरी पर कार्रवाई जारी
पुपरी का यह मामला बिजली चोरी के बदलते तरीकों की ओर भी ध्यान खींचता है। विभाग जहां स्मार्ट मीटर और तकनीकी सुरक्षा के जरिए चोरी रोकने की कोशिश कर रहा है, वहीं बिजली चोरी करने के नए तरीके सामने आने पर विभागीय टीम कार्रवाई कर रही है।
फिलहाल इस मामले में प्राथमिकी दर्ज हो चुकी है और पुलिस जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कथित अवैध कनेक्शन कितने समय से चल रहा था और बिजली चोरी की वास्तविक मात्रा कितनी थी।
भूमि आर्या की रिपोर्ट
