मुजफ्फरपुर में जाली नोट रैकेट का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार, नकली बैंक नोट भी मिले
मुजफ्फरपुर में जाली नोट रैकेट का भंडाफोड़, 6 आरोपी गिरफ्तार
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( मुजफ्फरपुर)। मुजफ्फरपुर जिले में जाली नोट रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। बिहार एसटीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने मोतीपुर थाना क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, इनके पास से 71,200 रुपये के जाली भारतीय नोट बरामद किए गए हैं। इसके अलावा “भारतीय मनोरंजन बैंक” लिखे नकली नोट भी मिले हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं और जाली नोटों की खेप कहां से लाई जा रही थी।
मुजफ्फरपुर पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई 27 सितंबर की रात गुप्त सूचना के आधार पर की गई। सूचना मिली थी कि मोतीपुर इलाके में जाली नोटों की एक बड़ी खेप की डिलीवरी होने वाली है। इसके बाद जिला पुलिस और एसटीएफ की टीम ने संयुक्त अभियान चलाकर संदिग्ध इलाके की घेराबंदी की। कार्रवाई के दौरान छह लोगों को पकड़ा गया।
मुजफ्फरपुर में छह आरोपित गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मो. साबिर, सुरेश राय, कृष्णा पटेल, राहुल सिंह, साधु साहनी और बीरेन्द्र पासवान के रूप में हुई है। पुलिस ने सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
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मुजफ्फरपुर में छापेमारी के दौरान आरोपितों के पास से जाली भारतीय करेंसी बरामद हुई। इसके साथ ही ऐसे नकली नोट भी मिले, जिन पर “भारतीय मनोरंजन बैंक” लिखा हुआ है। इन नोटों की प्रकृति और संभावित इस्तेमाल को लेकर पुलिस अलग से जांच कर रही है।
जाली नोटों की डिलीवरी की सूचना पर कार्रवाई
मुजफ्फरपुर पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि जाली नोटों की खेप की डिलीवरी होने वाली है। सूचना मिलने के बाद टीम ने संभावित स्थानों पर निगरानी बढ़ाई और इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर आरोपितों को पकड़ा गया।
मुजफ्फरपुर में जाली करेंसी से जुड़े मामलों में पुलिस आम तौर पर नोटों के स्रोत, उन्हें तैयार करने वाले नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच करती है। इस मामले में भी पूछताछ का मुख्य फोकस यही है कि बरामद नोट कहां से आए और इन्हें किसे सौंपा जाना था।
मुजफ्फरपुर में एक लाख से ज्यादा नकली नोट
पुलिस की कार्रवाई में बरामद सामग्री में 500 रुपये के 1,311 नोट, 200 रुपये के 1,184 नोट और 100 रुपये के 1,153 नोट बताए गए हैं। इन नोटों की कुल अंकित राशि 1,07,600 रुपये है।
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हालांकि, पुलिस की ओर से जाली भारतीय करेंसी की बरामदगी का मूल्य 71,200 रुपये बताया गया है। इसके अलावा “भारतीय मनोरंजन बैंक” लिखे नोट अलग से बरामद हुए हैं। इसलिए दोनों तरह के नोटों की रकम को एक साथ जोड़कर जाली भारतीय करेंसी की कुल बरामदगी बताना सही नहीं होगा।
वाहन और छह मोबाइल भी जब्त
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक चार पहिया वाहन और छह मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल फोन की जांच से आरोपितों के संपर्क में रहने वाले दूसरे लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
पुलिस मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य उपलब्ध जानकारी की जांच कर रही है। इससे यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपित किन लोगों के संपर्क में थे और जाली नोटों की डिलीवरी को लेकर किससे बातचीत हुई थी।
जाली नोटों का स्रोत तलाश रही पुलिस
मुजफ्फरपुर पुलिस अब इस मामले में जाली नोटों के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद करेंसी स्थानीय स्तर पर तैयार की गई थी या किसी दूसरे जिले अथवा राज्य से यहां लाई गई थी।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपितों की भूमिका क्या थी। क्या ये लोग केवल जाली नोटों की डिलीवरी करने वाले थे या इनके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था, इसका पता पूछताछ और तकनीकी जांच के बाद चलेगा।
मनोरंजन बैंक वाले नोटों पर भी जांच
इस कार्रवाई में “भारतीय मनोरंजन बैंक” लिखे नोटों की बरामदगी ने पुलिस के सामने जांच का एक अलग पहलू भी खड़ा किया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन नोटों को किस उद्देश्य से तैयार किया गया था।
जांच एजेंसियों को संदेह है कि ऐसे नोटों का इस्तेमाल लोगों को भ्रमित करने या किसी तरह की धोखाधड़ी में किया जाना था। हालांकि, इस संबंध में पुलिस ने अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है। बरामद नोटों की जांच और आरोपितों से पूछताछ के बाद ही इसकी वास्तविक मंशा स्पष्ट होगी।
मुजफ्फरपुर और आसपास खपाने की थी तैयारी?
पुलिस गिरफ्तार आरोपितों से यह भी पूछताछ कर रही है कि जाली नोटों की खेप कहां खपाने की योजना थी। क्या इन्हें मुजफ्फरपुर शहर और आसपास के बाजारों में चलाने की तैयारी थी या किसी दूसरे जिले में भेजा जाना था, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
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जांच में यदि किसी अन्य व्यक्ति या ठिकाने का पता चलता है तो वहां भी छापेमारी की जा सकती है। पुलिस इस मामले को केवल छह आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही है।
गिरोह के दूसरे सदस्यों की तलाश
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। जाली नोटों की सप्लाई करने वाले व्यक्ति, खेप पहुंचाने वाले लोग और संभावित खरीदारों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

मोबाइल फोन और वाहन की जांच भी इसी कड़ी का हिस्सा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जब्त वाहन का इस्तेमाल पहले भी जाली नोटों की आवाजाही में हुआ था या नहीं।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
मुजफ्फरपुर में हुई इस कार्रवाई के बाद अब पुलिस की जांच का दायरा बरामद जाली नोटों से आगे बढ़ गया है। छह लोगों की गिरफ्तारी, नकली करेंसी, “भारतीय मनोरंजन बैंक” वाले नोट, वाहन और मोबाइल फोन की बरामदगी ने जांच के लिए कई बिंदु सामने रखे हैं।
पुलिस अब आरोपितों से पूछताछ, मोबाइल की तकनीकी जांच और बरामद नोटों से जुड़े तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। जाली नोटों की खेप कहां से आई, इसे किसे दिया जाना था और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं, इन सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
