8 मामलों में 18 आरोपी गिरफ्तार, 521 आपत्तिजनक वीडियो हटाए गए; पुलिस ने तेज की कार्रवाई

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वायरल वीडियो पर बिहार पुलिस का शिकंजा

निष्कर्ष भारत संवाददाता- बिहार के जमुई, समस्तीपुर, बांका और किशनगंज समेत कई जिलों में लड़कियों से छेड़खानी और दुर्व्यवहार से जुड़े वायरल वीडियो मामलों पर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस मुख्यालय ने ऐसे मामलों की समेकित रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट के मुताबिक आठ अलग-अलग मामलों में अब तक 18 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पांच नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है।

पुलिस के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक आरोपित अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए बिहार के अलग-अलग जिलों के अलावा दूसरे राज्यों में भी छापेमारी की जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने संबंधित मामलों की जांच जल्द पूरी करने के लिए करीब 10 से 15 दिनों की समयसीमा तय की है।

आठ मामलों की जांच में तेजी

वायरल वीडियो से जुड़े इन मामलों में पुलिस का फोकस सिर्फ आरोपितों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है। घटनाओं से जुड़े साक्ष्य जुटाने, वीडियो की सत्यता और उसके प्रसार की जांच करने के साथ-साथ फरार आरोपितों की तलाश भी की जा रही है।

पुलिस मुख्यालय ने सभी मामलों में जांच को जल्द पूरा कर चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया है। इसके बाद संबंधित मामलों में स्पीडी ट्रायल कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने वालों पर भी कार्रवाई

पुलिस ने इन मामलों में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो के प्रसार को भी गंभीरता से लिया है। अधिकारियों के मुताबिक ऐसे वीडियो को शेयर करने या प्रसारित करने वाले अकाउंट और यूजर्स की पहचान की जा रही है।

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अगर किसी पोस्ट या वीडियो से पीड़िता की पहचान उजागर होती है या कानून का उल्लंघन होता है, तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म से आपत्तिजनक सामग्री हटवाने के लिए भी कार्रवाई शुरू की है।

अब तक 521 वीडियो हटवाए गए

पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट के अनुसार अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से अब तक 521 वीडियो टेकडाउन कराए गए हैं।

पुलिस की साइबर टीम उन अकाउंट्स और यूजर्स की भी पहचान कर रही है, जिन्होंने ऐसे वीडियो को अपलोड या शेयर किया। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वीडियो सबसे पहले किस अकाउंट से प्रसारित हुआ और इसके बाद इसे किन-किन प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया।

जमुई मामले में अलग से कार्रवाई

जमुई में छेड़खानी से जुड़े वायरल वीडियो के मामले में पुलिस ने अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की है। इस मामले में दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य घटना से जुड़े आरोपितों के साथ-साथ वीडियो वायरल करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। इस मामले में तीन नाबालिगों को निरुद्ध किए जाने की जानकारी दी गई है।

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पुलिस मामले में उपलब्ध वीडियो, डिजिटल साक्ष्य और अन्य जानकारी के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है।

बांका में तीन FIR, सोशल मीडिया यूजर्स पर भी केस

बांका के बौंसी इलाके से जुड़े वायरल वीडियो मामले में पुलिस ने तीन प्राथमिकी दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार इस मामले में तीन आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं।

मामले में नाबालिगों की संलिप्तता की भी जानकारी सामने आई थी। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार दो नाबालिगों को निरुद्ध किया गया है।

इसके अलावा वीडियो को सोशल मीडिया पर फैलाने के मामले में X के 49 यूजर्स और Instagram के एक यूजर के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। इससे साफ है कि पुलिस अब मूल घटना के साथ डिजिटल प्रसार की कड़ी की भी जांच कर रही है।

समस्तीपुर में दो मामलों की जांच

समस्तीपुर के मुसरीघरारी और कर्पूरीग्राम से जुड़े मामलों को भी पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट में शामिल किया गया है।

मुसरीघरारी मामले में चार नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक वायरल वीडियो एक साल से अधिक पुराना बताया गया है। मामले में दो आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

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वहीं कर्पूरीग्राम मामले में नामजद चारों आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी पुलिस ने दी है। दोनों मामलों में पुलिस अब बाकी साक्ष्यों को जुटाने और आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी करने में लगी है।

किशनगंज में चार गिरफ्तार, दूसरे राज्यों में तलाश

किशनगंज के तुलसिया हॉल्ट रेलवे स्टेशन से संबंधित वायरल वीडियो को पुलिस ने कई महीने पुराना बताया है। इस मामले में सात आरोपितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

पुलिस के अनुसार चार आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं दो आरोपितों के राज्य से बाहर होने की जानकारी सामने आई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दूसरे राज्यों में भी पुलिस टीमों द्वारा छापेमारी की जा रही है।

10 से 15 दिन में जांच पूरी करने का लक्ष्य

पुलिस मुख्यालय ने सभी मामलों की जांच तेजी से पूरी करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के स्तर पर जांच के लिए करीब 10 से 15 दिनों की समयसीमा तय की गई है।

जांच पूरी होने के बाद चार्जशीट दाखिल की जाएगी और इसके बाद मामलों में स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। पुलिस का कहना है कि ऐसे मामलों में कानून के मुताबिक कार्रवाई के साथ-साथ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री के प्रसार को रोकना भी प्राथमिकता है।

वहीं, पुलिस की कार्रवाई के बावजूद इन मामलों में अंतिम दोषसिद्धि का फैसला अदालत की न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगा।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट