Bihar MLC Election 2026: 8 सीटों पर NDA की रणनीति तेज, BJP कार्यालय में जुटे सहयोगी दल; जीत का दावा

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8 सीटों पर NDA का बड़ा प्लान

निष्कर्ष भारत संवाददाता- बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। NDA ने चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए सहयोगी दलों के साथ रणनीतिक बैठक शुरू कर दी है। बुधवार को पटना स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में एनडीए के घटक दलों के प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता एक मंच पर जुटे। बैठक में आठों सीटों पर चुनावी रणनीति, आपसी तालमेल और संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने को लेकर चर्चा हुई।

बैठक के बाद बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि NDA के सभी घटक दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने आठों सीटों पर एनडीए की जीत का दावा भी किया। इससे पहले 26 सितंबर को भाजपा की कोर कमेटी की बैठक में भी विधान परिषद चुनाव की तैयारियों और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हुई थी।

आठ सीटों पर NDA का फोकस

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इनमें चार शिक्षक और चार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। मतदान 23 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को निर्धारित है।

NDA ने इन सीटों पर अपने उम्मीदवार भी घोषित कर दिए हैं। भाजपा चार और जदयू चार सीटों पर चुनाव लड़ रही है। भाजपा की ओर से पटना शिक्षक सीट से नवल किशोर यादव, कोसी स्नातक से डॉ. एनके यादव, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार और तिरहुत शिक्षक सीट से नरेंद्र प्रसाद सिंह मैदान में हैं।

जदयू ने पटना स्नातक से नीरज कुमार, तिरहुत स्नातक से अभिषेक झा, सारण शिक्षक से आनंद पुष्कर और दरभंगा शिक्षक से घनश्याम राय को उम्मीदवार बनाया है।

BJP कार्यालय में जुटे NDA के नेता

बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के साथ जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा समेत गठबंधन के अन्य सहयोगी दलों के नेता शामिल हुए। लोजपा (रामविलास), राष्ट्रीय लोक मोर्चा और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में हिस्सा लिया।

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बैठक का मुख्य फोकस गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल बनाने और चुनाव के दौरान किसी भी स्तर पर समन्वय की कमी नहीं रहने देने पर रहा। एनडीए की कोशिश है कि सभी घटक दल अपनी संगठनात्मक ताकत का इस्तेमाल एक साझा चुनावी रणनीति के तहत करें।

संजय सरावगी ने किया आठों सीटों पर जीत का दावा

बैठक के बाद संजय सरावगी ने कहा कि NDA एकजुट होकर विधान परिषद चुनाव में उतरेगा। उन्होंने सभी आठ सीटों पर गठबंधन की जीत का दावा किया।

उनके मुताबिक भाजपा और सहयोगी दल मिलकर उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव अभियान चलाएंगे। कार्यकर्ताओं के बीच तालमेल बढ़ाने और चुनावी तैयारी को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

हालांकि, चुनावी नतीजे मतदान के बाद ही तय होंगे। फिलहाल एनडीए ने संगठन और गठबंधन स्तर पर अपनी तैयारियों को तेज कर दिया है।

गठबंधन में संवाद पर जोर

बैठक में NDA के भीतर आपसी संवाद को लेकर भी चर्चा हुई। संजय सरावगी ने कहा कि गठबंधन में किसी नेता या कार्यकर्ता को कोई समस्या या सुझाव है तो वह वरिष्ठ नेताओं तक अपनी बात पहुंचा सकता है।

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उन्होंने मुख्यमंत्री तक भी अपनी बात रखने की बात कही। उनका कहना था कि संवाद के जरिए समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। ऐसे में विधान परिषद चुनाव के दौरान सहयोगी दलों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखना एनडीए की रणनीति का अहम हिस्सा दिखाई दे रहा है।

बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की तैयारी

NDA की चुनावी रणनीति में संगठन की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भाजपा की हालिया कोर कमेटी बैठक में भी कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़ाने और संगठनात्मक गतिविधियों को बूथ स्तर तक ले जाने पर चर्चा हुई थी।

अब सहयोगी दलों के साथ हुई बैठक में भी संगठनात्मक तालमेल को लेकर चर्चा हुई। इसका उद्देश्य अलग-अलग दलों के कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

सरकार के कामकाज को भी बनाएंगे मुद्दा

NDA की चुनावी रणनीति में सरकार के विकास और जनकल्याणकारी कार्यों को भी शामिल करने की तैयारी है। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, आधारभूत ढांचे और अन्य योजनाओं को लेकर सरकार की उपलब्धियों को मतदाताओं तक पहुंचाने पर जोर दिया जा सकता है।

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इसके लिए गठबंधन के अलग-अलग दलों के संगठन और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ाने की कोशिश की जा रही है।

NDA के सामने गठबंधन के भीतर तालमेल की चुनौती

विधान परिषद चुनाव से पहले एनडीए के सामने सिर्फ विपक्षी उम्मीदवारों से मुकाबला ही नहीं, बल्कि गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल बनाए रखने की चुनौती भी है। हाल के दिनों में पटना स्नातक सीट को लेकर जदयू के नीरज कुमार और विधायक अनंत सिंह के बीच सार्वजनिक मतभेद चर्चा में रहे हैं। जदयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा ने कहा है कि पार्टी की प्राथमिकता सभी आठ सीटों को एनडीए के खाते में लाना है।

ऐसे में एनडीए नेतृत्व की कोशिश है कि सहयोगी दलों के बीच किसी भी मतभेद का असर चुनावी अभियान पर न पड़े।

23 अक्टूबर को मतदान, 27 को आएगा परिणाम

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को मतगणना की जाएगी। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अब उम्मीदवारों के साथ-साथ गठबंधन भी अपनी चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने में जुट गया है।

एनडीए ने आठों सीटों पर जीत का दावा किया है। अब देखना होगा कि भाजपा, जदयू और अन्य सहयोगी दलों के बीच बना चुनावी समन्वय मतदान के दिन कितना प्रभावी साबित होता है।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट