बिहार में अब राशन दुकान से लेकर आंगनबाड़ी केंद्र तक बनेगा आभा कार्ड, 14 अंकों की डिजिटल हेल्थ ID से सुरक्षित रहेंगी मेडिकल रिपोर्ट

आभा कार्ड

राशन दुकान से आंगनबाड़ी तक बनेगा आभा कार्ड

निष्कर्ष भारत संवाददाता-पटना- बिहार में नागरिकों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने के लिए अब आभा कार्ड बनाने का अभियान तेज किया जाएगा। जिले के लोगों को आसानी से आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (ABHA) बनाने की सुविधा राशन की दुकानों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) तक उपलब्ध कराई जाएगी। जिलाधिकारी कुंदन कुमार ने सभी नागरिकों का आभा कार्ड बनाने के लिए संबंधित विभागों को मिशन मोड में काम करने का निर्देश दिया है।

आभा कार्ड एक 14 अंकों वाली यूनिक डिजिटल हेल्थ ID है। इसके माध्यम से व्यक्ति अपनी स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रख सकता है। डॉक्टर की पर्ची, जांच रिपोर्ट और अस्पताल में हुए इलाज से संबंधित विवरण को डिजिटल रिकॉर्ड के तौर पर रखा जा सकता है। इससे भविष्य में इलाज के दौरान पुरानी मेडिकल रिपोर्ट और पर्चियों को संभालकर रखने की परेशानी कम हो सकती है।

14 अंकों की डिजिटल हेल्थ ID से क्या होगा फायदा?

आभा कार्ड का सबसे बड़ा फायदा यह है कि मरीज की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी डिजिटल रूप में उपलब्ध रह सकती है। अगर कोई व्यक्ति अलग-अलग अस्पतालों या डॉक्टरों से इलाज कराता है, तो उसकी सहमति के अनुसार संबंधित डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड को देखा और साझा किया जा सकता है।

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इससे डॉक्टर को मरीज की पिछली जांच, इलाज और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी समझने में आसानी हो सकती है। वहीं, मरीज को हर बार पुरानी रिपोर्ट और पर्चियां लेकर अस्पताल जाने की जरूरत कम हो सकती है।

डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, व्यक्तिगत स्वास्थ्य जानकारी की गोपनीयता और उसे साझा करने में व्यक्ति की सहमति भी महत्वपूर्ण होगी।

राशन लेने जाएंगे तो वहीं बन जाएगा आभा कार्ड

आभा कार्ड बनाने के अभियान में जन वितरण प्रणाली यानी पीडीएस दुकानों को भी जोड़ा गया है। राशन लेने के लिए दुकान पर आने वाले लाभुकों को आभा कार्ड के फायदे के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इसके बाद आभा ऐप के माध्यम से उनका डिजिटल हेल्थ अकाउंट बनाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे लोगों को अलग से किसी कार्यालय या स्वास्थ्य केंद्र के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है।

प्रशासन का उद्देश्य है कि जिन स्थानों पर लोग नियमित रूप से सरकारी सेवाओं का लाभ लेने पहुंचते हैं, वहीं उन्हें डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ा जाए।

आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी बनेगा ABHA Card

आंगनबाड़ी केंद्रों को भी इस अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। विलेज हेल्थ, सैनिटेशन एंड न्यूट्रिशन डे (VHSND) और टेक होम राशन (THR) दिवस के दौरान आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले नागरिकों का आभा कार्ड बनाने की व्यवस्था की जाएगी।

इससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक डिजिटल स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

स्कूलों के छात्रों और जीविका दीदियों को भी जोड़ा जाएगा

आभा कार्ड अभियान को जिले के सभी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों तक भी पहुंचाया जाएगा। स्कूलों के माध्यम से विद्यार्थियों और उनके परिवारों को डिजिटल हेल्थ ID के बारे में जानकारी दी जाएगी।

इसके साथ ही जीविका दीदियों और उनके परिवार के सदस्यों को भी अभियान में शामिल किया जाएगा। इससे बड़ी संख्या में परिवारों को डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने की योजना है।

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आशा कार्यकर्ताओं की भी होगी अहम भूमिका

अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में आशा कार्यकर्ताओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ता अपने क्षेत्र के लोगों को आभा कार्ड के फायदे बताएंगी। साथ ही, अधिक से अधिक लोगों का आभा कार्ड बनवाने में सहयोग करेंगी।

आशा कार्यकर्ताओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी, जो डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं रखते।

CSC और सहज वसुधा केंद्र पर भी सुविधा

आभा कार्ड बनाने की सुविधा सहज वसुधा केंद्र और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर भी उपलब्ध होगी। इन केंद्रों पर सरकारी और डिजिटल सेवाओं का लाभ लेने पहुंचने वाले नागरिक अपना आभा कार्ड बनवा सकेंगे।

इस अभियान के जरिए प्रशासन का लक्ष्य डिजिटल स्वास्थ्य व्यवस्था को आम लोगों तक पहुंचाना है। राशन दुकान, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, आशा कार्यकर्ता और CSC जैसे अलग-अलग माध्यमों को जोड़कर आभा कार्ड बनाने की प्रक्रिया को व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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