नीरज की बीमारी पर अनंत सिंह का तंज, कहा- नाटक कर रहे, ये उनकी पुरानी आदत
नीरज कुमार की बीमारी पर अनंत सिंह का तंज, जेडीयू में बढ़ा सियासी विवाद
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार की राजनीति में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव से पहले जेडीयू के दो नेताओं, नीरज कुमार और अनंत सिंह के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। जेडीयू के निवर्तमान विधान पार्षद और प्रत्याशी नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पटना स्थित मेदांता अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
इसी बीच विधायक अनंत सिंह ने उनकी बीमारी को लेकर तंज कसते हुए कहा कि यह उनकी पुरानी आदत है। अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि बूथ पर पैसा भेजने की जरूरत पड़ने पर नीरज कुमार बीमार हो जाते हैं और अस्पताल में भर्ती हो जाते हैं।
अनंत सिंह के इस बयान ने चुनावी माहौल में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ा दी है। एक तरफ नीरज कुमार अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके और अनंत सिंह के बीच जारी सियासी टकराव एक बार फिर चर्चा में आ गया है। 23 अक्टूबर को होने वाले मतदान से ठीक तीन दिन पहले इस घटनाक्रम ने जेडीयू के भीतर की खींचतान को भी उजागर कर दिया है।
नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ी, ICU में चल रहा इलाज
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू प्रत्याशी नीरज कुमार को सोमवार देर रात हृदय संबंधी परेशानी के बाद मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि वह पहले से ही दिल की बीमारी से पीड़ित रहे हैं। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। हालांकि, अस्पताल प्रबंधन की ओर से उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
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मंगलवार शाम मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी भी अस्पताल पहुंचे और नीरज कुमार का हालचाल जाना। चुनाव से ठीक पहले उनके अस्पताल में भर्ती होने की खबर से समर्थकों की चिंता बढ़ गई है।
नीरज कुमार पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे हैं। ऐसे समय में उनकी तबीयत बिगड़ना उनके चुनाव प्रचार और राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, उनकी बीमारी और चुनावी कार्यक्रमों पर इसके संभावित असर को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
अनंत सिंह ने बीमारी को बताया पुरानी आदत
नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने पर अनंत सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि यह कोई नई बात नहीं है और ऐसा पहले भी होता रहा है। अनंत सिंह के मुताबिक, जब बूथ पर पैसा भेजने की जरूरत पड़ेगी, तब नीरज कुमार बीमार हो जाएंगे और अस्पताल में भर्ती हो जाएंगे। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि दो घंटे बाद वह ठीक होकर वापस आ जाएंगे।
अनंत सिंह के इस बयान को चुनाव से पहले दोनों नेताओं के बीच जारी राजनीतिक लड़ाई के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और नीरज कुमार की बीमारी को लेकर अस्पताल की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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अनंत सिंह खुलकर जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार कर रहे हैं। वह लगातार नीरज कुमार के खिलाफ बयान देते रहे हैं। इससे जेडीयू के भीतर असहज स्थिति पैदा हो गई है, क्योंकि एक ओर पार्टी का आधिकारिक उम्मीदवार चुनाव मैदान में है, वहीं दूसरी ओर पार्टी से जुड़े विधायक के समर्थन का रुख दूसरे उम्मीदवार की तरफ है।
नीरज कुमार ने भी विरोधियों को दिया था जवाब
अनंत सिंह की बयानबाजी के बीच नीरज कुमार भी चुनावी सभाओं में अपने विरोधियों पर निशाना साध चुके हैं। पटना जिले के बाढ़ में आयोजित एक सभा में उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा था कि वह लोगों के बीच न्याय मांगने आए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या वह अपराधी या गुंडे हैं, जो बार-बार उनका चरित्र हनन किया जा रहा है।
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नीरज कुमार ने कहा कि वह डरने वाले नहीं, बल्कि अड़ने वाले व्यक्ति हैं। तीन बार विधान परिषद सदस्य रह चुके नीरज कुमार ने जनता से कहा कि लोग उन्हें 30 से 40 वर्षों से जानते हैं। ऐसे में जनता खुद फैसला करे कि क्या उनका चरित्र वैसा है, जैसा उनके विरोधियों की ओर से पेश किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि गाली देने या व्यक्तिगत आरोप लगाने से उन्हें फर्क नहीं पड़ता। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर राजनीतिक या अनैतिक हमला उन्हें स्वीकार नहीं है। नीरज कुमार ने स्पष्ट किया कि वह नीतीश कुमार पर हमला करने वालों को जवाब देने से पीछे नहीं हटेंगे।
अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर उन्होंने कहा कि कभी किसी नेता पर उन्हें फंसाने का आरोप लगाया जाता है, तो कभी किसी दूसरे नेता का नाम लिया जाता है। उनके अनुसार, किसी को कोई नहीं फंसाता, बल्कि उसके कर्म उसे मुश्किल में डालते हैं। उन्होंने दावा किया कि आरोप लगने के बाद उन्होंने पुलिस को प्रमाण दिए थे।
अनंत सिंह बोले- नीतीश कुमार के लिए गोली तक खाई
नीरज कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले अनंत सिंह ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रति अपनी निष्ठा भी जाहिर की है। उन्होंने कहा था कि वह नीतीश कुमार को मानते हैं और उनके अनुसार नीतीश कुमार ने बिहार को बनाया है। अनंत सिंह ने दावा किया था कि उन्होंने मुख्यमंत्री के लिए नौ लोगों की कुर्बानी दी और खुद गोली तक खाई।
हालांकि, उन्होंने पार्टी के भीतर अपने साथ हुए व्यवहार पर नाराजगी जताई। अनंत सिंह का कहना था कि जब वह विधानसभा चुनाव लड़ रहे थे, तब नीरज कुमार ने उनके खिलाफ प्रचार किया था। उस समय पार्टी ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जेडीयू में अनुशासन और नियम हैं, तो उन्हें सभी नेताओं पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए।
अनंत सिंह ने यह भी कहा कि वह किसी के कर्मचारी नहीं हैं। उनके इस रुख से साफ है कि वह फिलहाल नीरज कुमार के समर्थन में आने के इच्छुक नहीं हैं। इसके उलट, वह जन सुराज के उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं।
ललन सिंह की मध्यस्थता भी नहीं आई काम
दोनों नेताओं के बीच विवाद को समाप्त कराने के लिए केंद्रीय मंत्री और जेडीयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह को जिम्मेदारी दी गई थी। पांच अक्टूबर को अनंत सिंह से बातचीत के बाद ललन सिंह ने स्वीकार किया था कि उनकी कुछ शिकायतें हैं।
ललन सिंह के मुताबिक, अनंत सिंह की नाराजगी की मुख्य वजह विधानसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ कथित प्रचार था। अनंत सिंह का आरोप था कि उस समय पार्टी ने नीरज कुमार के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। ललन सिंह ने माना था कि उस समय प्रदेश इकाई की ओर से चूक हुई थी।

उन्होंने यह भी कहा था कि किसी कार्रवाई की प्रतिक्रिया भी होती है। ललन सिंह ने अनंत सिंह से नीरज कुमार के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी नहीं करने को कहा था। उस समय अनंत सिंह ने उनकी बात मानने की बात कही थी, लेकिन इसके बाद भी विवाद थमा नहीं।
अनंत सिंह लगातार जन सुराज प्रत्याशी डॉ. अनुज सिंह के समर्थन में प्रचार करते रहे। इससे स्पष्ट हो गया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मध्यस्थता के बावजूद दोनों नेताओं के बीच मतभेद दूर नहीं हो पाए हैं।
23 अक्टूबर के मतदान से पहले बढ़ी सियासी हलचल
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में अब स्वास्थ्य संबंधी घटनाक्रम और नेताओं की बयानबाजी भी चर्चा का विषय बन गई है। नीरज कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री का अस्पताल पहुंचना जहां राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, वहीं अनंत सिंह की टिप्पणी ने विवाद को और हवा दे दी है।
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि चुनाव से पहले जेडीयू अपने नेताओं के बीच जारी मतभेदों को किस तरह संभालती है। नीरज कुमार पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार हैं, जबकि अनंत सिंह का समर्थन जन सुराज के प्रत्याशी को हासिल है।
फिलहाल नीरज कुमार के स्वास्थ्य को लेकर आधिकारिक मेडिकल अपडेट का इंतजार है। वहीं, अनंत सिंह के आरोपों और नीरज कुमार के पलटवार के बीच पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव राजनीतिक रूप से और दिलचस्प हो गया है। 23 अक्टूबर को होने वाली वोटिंग से पहले यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि विवाद का चुनावी समीकरण पर कितना असर पड़ता है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
