आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी की हत्या, बेटे के सामने मारी 8 गोलियां, पत्नी का प्रशासन पर आरोप
आरा में रिटायर्ड कस्टम अधिकारी राम कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या। जमीन विवाद की आशंका, पत्नी के आरोप और भोजपुर पुलिस की जांच की पूरी जानकारी।
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार के भोजपुर जिले के आरा शहर में गुरुवार की सुबह अपराधियों ने कस्टम विभाग के रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह (67) की गोली मारकर हत्या कर दी। नवादा थाना क्षेत्र में जैन कॉलेज गेट के पास हुई इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। परिजनों के अनुसार, राम कुमार सिंह को अपराधियों ने आठ गोलियां मारीं।
गंभीर हालत में उन्हें आरा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के समय उनका बेटा राजेश कुमार भी मौके पर मौजूद था। हत्या के बाद आक्रोशित लोगों ने सपना सिनेमा मोड़ के पास शव रखकर आरा-पटना मुख्य मार्ग जाम कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। मृतक की पत्नी ने जमीन विवाद को लेकर भू-माफियाओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
आरा में सुबह-सुबह वारदात, घर के बाहर मारी गोलियां
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, राम कुमार सिंह रोज की तरह गुरुवार की सुबह अपने बेटे राजेश कुमार के साथ टहलने जाने की तैयारी कर रहे थे। दोनों नियमित रूप से रमना मैदान में सुबह की सैर के लिए जाते थे। इसी दौरान जब राम कुमार सिंह घर के नीचे गैरेज का गेट बंद कर रहे थे, तभी तीन हथियारबंद अपराधी वहां पहुंचे और उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि गोलीबारी के समय उनका बेटा कार में बैठा था। अचानक हुई फायरिंग से इलाके में अफरातफरी मच गई। हमले के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों और नवादा थाना पुलिस की मदद से घायल राम कुमार सिंह को तत्काल आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
निष्पक्ष ख़बर देखिये हमारे यूट्यूब चैनल पर: Jan Suraaj के प्रत्याशियों को जिताने के लिए नयी रणनीति बनाने पहुंचे राष्ट्रीय अध्यक्ष Uday Singh
दिनदहाड़े हुई इस हत्या से शहर में दहशत का माहौल है। वारदात के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से जानकारी जुटाई।
जमीन विवाद में हत्या की आशंका
राम कुमार सिंह के बेटे राजेश कुमार ने हत्या के पीछे जमीन विवाद की आशंका जताई है। उनके अनुसार, नगर थाना क्षेत्र के सिंगही मोड़ के पास उनके पिता ने उनके नाम पर 13 कट्ठा जमीन खरीदी थी। आरोप है कि कुछ जमीन माफिया इस जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे।
परिवार का दावा है कि जमीन को लेकर पहले भी विवाद हुआ था और इस संबंध में थाने में शिकायत की गई थी। बेटे ने यह भी आरोप लगाया कि जमीन विवाद के कारण उनके पिता पर पहले भी जानलेवा हमले किए गए थे। हालांकि, इन आरोपों और हत्या के बीच संबंध की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस इस पहलू को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही है। जांच में जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज, पहले की गई शिकायतें और संभावित आरोपियों की भूमिका अहम हो सकती है।
पत्नी ने भू-माफियाओं पर लगाए गंभीर आरोप
राम कुमार सिंह की हत्या के बाद उनकी पत्नी सुशाली देवी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था और कुछ लोग कथित तौर पर जाली दस्तावेज तैयार कर जमीन पर कब्जा करना चाहते थे।
खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े
सुशाली देवी के मुताबिक, परिवार को पहले भी धमकियां दी गई थीं। उन्होंने आरा शहर के कुछ भू-माफियाओं पर हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है। साथ ही मुफस्सिल थानाध्यक्ष राम कल्याण यादव पर कथित तौर पर भू-माफियाओं की मदद करने और आरा सदर अंचल की अंचलाधिकारी पर फर्जी कागजात तैयार कराने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए हैं।

ये आरोप मृतक के परिवार की ओर से लगाए गए हैं। संबंधित अधिकारियों की भूमिका और आरोपों की सत्यता की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन विवाद में किन लोगों की भूमिका थी और क्या किसी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही हुई।
रिटायर्ड कस्टम अधिकारी थे राम कुमार सिंह
राम कुमार सिंह भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के डुमरिया गांव निवासी स्वर्गीय हरिवंश सिंह के पुत्र थे। वह कस्टम विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर कार्यरत रहे थे और वर्ष 2015 में भागलपुर से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके अलावा वह बिहार क्षत्रिय कल्याण संगठन के अध्यक्ष भी थे।
इसे भी पढ़ें : सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुस्कान और साहिल को फांसी, नीले ड्रम केस में कोर्ट का बड़ा फैसला
उनकी हत्या की खबर फैलते ही परिचितों, स्थानीय लोगों और संगठन से जुड़े लोगों में शोक और आक्रोश फैल गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के लिए यह घटना इसलिए भी बेहद दर्दनाक है, क्योंकि वारदात के समय उनका बेटा भी पास में मौजूद था।
सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक गतिविधियों से जुड़े राम कुमार सिंह की हत्या ने इलाके में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, घटना के वास्तविक कारण और इसमें शामिल लोगों की पहचान पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
आरा-पटना मुख्य मार्ग जाम, कार्रवाई की मांग
हत्या के बाद आक्रोशित लोगों ने सपना सिनेमा मोड़ के पास शव रखकर आरा-पटना मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित कर दिया। प्रदर्शन कर रहे लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और मामले में उच्चस्तरीय कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मौके पर मुख्यमंत्री और कमिश्नर को बुलाने की मांग भी उठाई गई।
सड़क जाम होने से इलाके में यातायात प्रभावित हुआ। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि शहर में सुबह के समय इस तरह की गंभीर वारदात को अंजाम दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से जल्द कार्रवाई कर परिवार को न्याय दिलाने की मांग की।
ऐसी घटनाओं के बाद पुलिस के सामने न केवल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी की चुनौती होती है, बल्कि लोगों का भरोसा बहाल करना भी महत्वपूर्ण होता है।
भोजपुर पुलिस जांच में जुटी, जमीन के एंगल पर फोकस
घटना की सूचना मिलने के बाद भोजपुर के पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित, एसडीपीओ-1 सुशील कुमार, डीआईयू और नवादा थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मृतक के परिवार तथा रिश्तेदारों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में जमीन विवाद का पहलू सामने आया है। इसी आधार पर मामले की जांच की जा रही है। हालांकि, हत्या में शामिल अपराधियों की पहचान, वारदात की पूरी साजिश और कथित जमीन विवाद की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती तीनों हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करना और वारदात में इस्तेमाल हथियारों तथा अन्य साक्ष्यों का पता लगाना है। साथ ही परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच जरूरी होगी।
आरा में हुई इस हत्या ने एक बार फिर जमीन विवाद और आपराधिक हिंसा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। अब लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर है। राम कुमार सिंह के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी और न्याय की मांग कर रहे हैं। जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
राज कुमार की रिपोर्ट
