बिहार दारोगा भर्ती में नई गड़बड़ी का खुलासा, परीक्षा से 3 मिनट पहले खुली मिलीं 2 बुकलेट की सील; EOU ने दर्ज की FIR

दारोगा भर्ती

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निष्कर्ष भारत संवाददाता- बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की दारोगा भर्ती मुख्य परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। अब पटना के खगौल स्थित बालिगा उच्च माध्यमिक विद्यालय परीक्षा केंद्र से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है। यहां परीक्षा शुरू होने से महज तीन मिनट पहले दो प्रश्न पुस्तिकाओं की सील खुली मिली थी। इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने अज्ञात लोगों के खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

परीक्षा शुरू होने से 3 मिनट पहले खुली मिली सील

मामला 27 मई 2026 को आयोजित दारोगा भर्ती मुख्य परीक्षा की दूसरी पाली का है। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक होनी थी।

परीक्षा शुरू होने से करीब तीन मिनट पहले, यानी 2:27 बजे, वीक्षक ने अभ्यर्थी पुरुषोत्तम कुमार और राकेश कुमार को प्रश्न पुस्तिकाएं दीं। दोनों अभ्यर्थियों ने बुकलेट की सील पहले से खुली होने की जानकारी दी। इसके बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई।

दोनों प्रश्न पुस्तिकाओं की तीन जगह से कटी थी सील

EOU की प्राथमिकी के अनुसार, जिन दो प्रश्न पुस्तिकाओं को लेकर मामला सामने आया, उनके नंबर 22514351 और 22514352 हैं। जांच में इन दोनों बुकलेट की सील निर्धारित तीनों स्थानों से टूटी हुई पाई गई।

अभ्यर्थियों की आपत्ति के बाद वीक्षक ने तत्काल केंद्राधीक्षक को जानकारी दी। इसके बाद मजिस्ट्रेट और आयोग के प्रतिनिधि की मौजूदगी में दोनों अभ्यर्थियों को अनुपस्थित परीक्षार्थियों के प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए गए।

केंद्राधीक्षक और वीक्षक से हुई पूछताछ

मामला सामने आने के बाद EOU की टीम ने परीक्षा केंद्र से जुड़े रिकॉर्ड की जांच शुरू की। जांच एजेंसी ने BPSSC से संबंधित अभ्यर्थियों, केंद्राधीक्षक और वीक्षक की जानकारी के साथ-साथ परीक्षा केंद्र की वीडियो फुटेज भी मांगी।

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रिकॉर्ड और फुटेज मिलने के बाद EOU ने केंद्राधीक्षक और वीक्षक से पूछताछ की। जांच के दौरान गठित SIT ने भी दोनों प्रश्न पुस्तिकाओं की सील कटी हुई पाए जाने की पुष्टि की।

प्रश्नपत्र की ‘चेन ऑफ कस्टडी’ पर उठे सवाल

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल प्रश्नपत्र की चेन ऑफ कस्टडी, यानी परीक्षा से पहले प्रश्न पुस्तिकाओं को सुरक्षित रखने की व्यवस्था को लेकर है।

EOU ने प्राथमिकी में प्रश्नपत्र की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध की आशंका जताई है। जांच इस दिशा में भी की जा रही है कि परीक्षा शुरू होने से पहले बुकलेट तक किसी की पहुंच कैसे हुई और सील किस परिस्थिति में खुली।

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फिलहाल यह जांच का विषय है कि सील कब और किस स्तर पर खोली गई। EOU आपराधिक साजिश और संभावित अवैध आर्थिक लाभ से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।

गया और पूर्णिया के बाद खगौल में EOU की नई FIR

दारोगा भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े मामलों की जांच पहले से ही EOU के दायरे में है। गया और पूर्णिया में दर्ज मामलों को EOU ने अपने स्तर पर जांच के लिए लिया था।

अब खगौल के मामले में EOU ने आर्थिक अपराध थाना में खुद नई प्राथमिकी दर्ज की है। इससे साफ है कि जांच अब सिर्फ एक परीक्षा केंद्र या एक घटना तक सीमित नहीं है। गया, पूर्णिया और खगौल से जुड़े अलग-अलग पहलुओं की जांच की जा रही है।

दारोगा भर्ती परीक्षा पहले ही हो चुकी है रद्द

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से 27 मई 2026 को आयोजित दारोगा मुख्य लिखित परीक्षा रद्द की जा चुकी है। परीक्षा में सामने आई कथित अनियमितताओं के बाद इसकी जांच EOU को सौंपी गई है। नई परीक्षा तारीख के संबंध में अलग से सूचना जारी किए जाने की बात आयोग ने कही है।

जांच के दौरान गया, पूर्णिया और अब खगौल केंद्रों से जुड़े अलग-अलग तथ्य सामने आए हैं। EOU की जांच में परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, प्रश्नपत्र की सुरक्षा, वीडियो फुटेज और संबंधित लोगों की भूमिका जैसे पहलुओं को देखा जा रहा है।

गया मामले में सॉल्वर गैंग की भूमिका की भी जांच

दारोगा भर्ती परीक्षा से जुड़े गया मामले में EOU की SIT ने कथित सॉल्वर गैंग की भूमिका की भी जांच की है। हालिया जांच में गया कॉलेज के परीक्षा केंद्र से प्रश्नपत्र की तस्वीरें बाहर पहुंचने के आरोपों की पड़ताल की गई है। EOU ने तकनीकी साक्ष्यों, CCTV फुटेज और आयोग से मिले दस्तावेजों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई है।

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वहीं पूर्णिया मामले में भी परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्र की तस्वीरें बाहर आने के मामले की जांच की जा रही है। ऐसे में खगौल केंद्र से सील खुली मिलने का मामला जांच के लिए एक और अहम कड़ी बन गया है।

अब EOU के सामने कई सवाल

खगौल मामले में EOU अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों बुकलेट की सील परीक्षा शुरू होने से पहले कैसे खुली। प्रश्नपत्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किन लोगों के पास थी और सील के साथ छेड़छाड़ कब हुई, इसकी जानकारी जांच से सामने आ सकती है।

फिलहाल किसी व्यक्ति को इस मामले में दोषी घोषित नहीं किया गया है। EOU की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय होगी। दारोगा भर्ती परीक्षा से जुड़े लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच अब खगौल की यह नई FIR भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट