बिहार में 34 लाख LPG कनेक्शन ब्लॉक, 2 करोड़ लोगों पर असर; ऐसे खुलेंगे

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बिहार में LPG कनेक्शन ब्लॉक, जानें कैसे दोबारा शुरू होगा गैस कनेक्शन

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार में घरेलू LPG उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण का नया नियम लागू होने के बाद बड़ी संख्या में परिवारों के सामने गैस रिफिल को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है। 30 सितंबर की समय-सीमा के बाद जिन उपभोक्ताओं ने जरूरी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा नहीं किया, उनके लिए सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल की बुकिंग प्रभावित हो सकती है। कई जगह ऐसे कनेक्शनों के ऑटो-लॉक होने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

राज्य में LPG कनेक्शनों की संख्या करोड़ों में है और बड़ी आबादी घरेलू गैस पर निर्भर है। ऐसे में सत्यापन की प्रक्रिया पूरी नहीं होने का असर सीधे रसोई के बजट और घरेलू व्यवस्था पर पड़ सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण का मकसद किसी वास्तविक परिवार को LPG से वंचित करना नहीं है।

LPG पर नया नियम लागू, समझिए पूरा मामला

1 अक्टूबर 2026 से घरेलू LPG रिफिल को विनियमित खुदरा कीमत और लागू सब्सिडी के साथ बुक करने के लिए Biometric Aadhaar Authentication यानी BAA पूरा होना जरूरी किया गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं का BAA पहले ही पूरा हो चुका है, उन्हें दोबारा यह प्रक्रिया कराने की जरूरत नहीं है।

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सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से सब्सिडी का लाभ वास्तविक और पात्र उपभोक्ताओं तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा डुप्लीकेट या अपात्र कनेक्शन और घरेलू LPG के व्यावसायिक इस्तेमाल को रोकने में भी यह प्रक्रिया उपयोगी हो सकती है।

बिहार में लाखों कनेक्शन पर क्यों पड़ा असर?

बिहार में सितंबर तक बड़ी संख्या में LPG उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा हो चुका था, लेकिन एक बड़ा हिस्सा प्रक्रिया से बाहर रह गया। राज्य में कुल LPG उपभोक्ताओं की संख्या को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग आंकड़े सामने आए हैं। इसलिए 34 लाख कनेक्शन के आंकड़े को अंतिम सरकारी आंकड़ा मानने से पहले संबंधित तेल कंपनियों के नवीनतम आंकड़ों की पुष्टि जरूरी है।

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पहले भी बिहार में लाखों उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी लंबित होने की रिपोर्ट सामने आई थी। सितंबर में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 55 लाख उपभोक्ताओं का ई-केवाईसी या बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा नहीं हुआ था। यानी समस्या केवल एक दिन में पैदा नहीं हुई है। पिछले कई महीनों से तेल कंपनियां उपभोक्ताओं को सत्यापन पूरा करने की सलाह देती रही हैं।

LPG कनेक्शन लॉक हुआ तो क्या होगा?

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि बायोमेट्रिक सत्यापन पूरा नहीं होने का मतलब हर मामले में कनेक्शन का स्थायी रूप से खत्म हो जाना नहीं है। सरकार ने साफ किया है कि वास्तविक उपभोक्ता के लिए प्रमाणीकरण पूरा करने के बाद सब्सिडी वाले और विनियमित कीमत पर रिफिल की सुविधा फिर उपलब्ध हो सकती है।

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कुछ उपभोक्ताओं को सिस्टम में कनेक्शन या रिफिल बुकिंग से जुड़ी अस्थायी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में घबराने के बजाय सबसे पहले यह पता करना जरूरी है कि उनके LPG कनेक्शन की वर्तमान स्थिति क्या है।

बिना BAA के LPG मिलेगी या नहीं?

यह सवाल इस समय सबसे ज्यादा पूछा जा रहा है। केंद्र सरकार की जानकारी के मुताबिक, जो उपभोक्ता BAA पूरा नहीं करना चाहते या किसी कारण से नहीं कर पाए हैं, उनके लिए LPG प्राप्त करने का विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं किया गया है। ऐसे उपभोक्ता अपने तेल विपणन कंपनी के डिजिटल माध्यमों से अपनी पसंद दर्ज कर सकते हैं और उपलब्ध नियमों के अनुसार बाजार मूल्य पर LPG प्राप्त कर सकते हैं।

हालांकि, बाजार मूल्य पर सिलेंडर लेने पर लागू सब्सिडी या विनियमित कीमत का लाभ नहीं मिलेगा। यही वजह है कि नियमित घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा करना आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो सकता है।

LPG सत्यापन कैसे कराएं?

जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन लंबित है, उनके लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। सबसे आसान तरीका अपने LPG वितरक से संपर्क करना है। उपभोक्ता गैस एजेंसी के शोरूम पर जाकर आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा कर सकते हैं।

इसके अलावा सिलेंडर की डिलीवरी के समय भी डिलीवरी कर्मचारी के जरिए उपलब्ध OMC मोबाइल एप्लिकेशन से प्रमाणीकरण किया जा सकता है। सरकार ने तीनों प्रमुख तेल कंपनियों के लिए मोबाइल ऐप के जरिए घर से प्रक्रिया पूरी करने का विकल्प भी बताया है।

इंडेन उपभोक्ता IndianOil ONE, भारत गैस उपभोक्ता HelloBPCL और HP Gas उपभोक्ता HP PAY ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

LPG कनेक्शन दोबारा कैसे सक्रिय होगा?

यदि किसी उपभोक्ता का कनेक्शन सत्यापन की कमी के कारण रिफिल बुकिंग के लिए प्रभावित हुआ है, तो सबसे पहले संबंधित गैस एजेंसी या कंपनी के ऐप पर स्थिति जांचनी चाहिए। इसके बाद बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण पूरा करना होगा।

प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिस्टम में उपभोक्ता की जानकारी अपडेट होती है। हालांकि, कनेक्शन कितने समय में सक्रिय होगा, यह कंपनी और स्थानीय सिस्टम की प्रक्रिया पर निर्भर कर सकता है। इसलिए 24 से 48 घंटे में हर मामले में कनेक्शन निश्चित रूप से बहाल होने की बात को सार्वभौमिक नियम नहीं माना जाना चाहिए।

त्योहारों से पहले बढ़ सकती है उपभोक्ताओं की चिंता

अक्टूबर से त्योहारों का मौसम शुरू हो चुका है। बिहार में दुर्गापूजा, दीपावली और छठ जैसे पर्वों के दौरान घरेलू LPG की मांग बढ़ती है। ऐसे समय में अगर किसी परिवार को रिफिल बुक करने में परेशानी आती है तो घरेलू बजट के साथ-साथ दैनिक रसोई व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।

विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों और उन परिवारों के लिए परेशानी ज्यादा हो सकती है, जहां डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी सीमित है। ऐसे उपभोक्ताओं को स्थानीय LPG वितरक से संपर्क कर अपनी स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए।

LPG के लिए कमर्शियल सिलेंडर क्यों महंगा पड़ सकता है?

कुछ उपभोक्ता घरेलू सिलेंडर की बुकिंग में परेशानी आने पर कमर्शियल सिलेंडर को विकल्प के रूप में देख सकते हैं। लेकिन घरेलू और व्यावसायिक LPG की कीमत और उपयोग की श्रेणी अलग होती है। इसलिए घरेलू रसोई के लिए नियमित रूप से कमर्शियल सिलेंडर का इस्तेमाल करना परिवार के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।

ऐसी स्थिति में सबसे बेहतर रास्ता पहले अपने घरेलू कनेक्शन की स्थिति और BAA सत्यापन की जानकारी लेना है। केवल अफवाह या सोशल मीडिया संदेश के आधार पर महंगा सिलेंडर खरीदना जरूरी नहीं है।

सरकार का क्या कहना है?

पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण का उद्देश्य पात्र उपभोक्ताओं को LPG से वंचित करना नहीं है। मंत्रालय के अनुसार, 19 सितंबर 2026 तक देश के 27.43 करोड़ घरेलू LPG उपभोक्ता BAA पूरा कर चुके थे, जो कुल सक्रिय घरेलू LPG उपभोक्ताओं का 89.9 प्रतिशत था। सरकार ने उपभोक्ताओं से प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है ताकि सब्सिडी वाले रिफिल की सुविधा निर्बाध बनी रहे।

बिहार के LPG उपभोक्ता अभी क्या करें?

अगर आपके घर का LPG कनेक्शन रिफिल बुक नहीं कर रहा है तो सबसे पहले अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक ऐप या गैस एजेंसी से कनेक्शन की स्थिति जांचें। BAA लंबित है तो इसे पूरा करें। प्रक्रिया के लिए आधार और संबंधित LPG कनेक्शन की जानकारी तैयार रखें।

किसी समस्या की स्थिति में LPG वितरक से संपर्क करना ज्यादा सुरक्षित है। सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे दावों से बचना चाहिए जिनमें कहा जा रहा हो कि ई-केवाईसी नहीं कराने पर हर उपभोक्ता का कनेक्शन हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा।

सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण को लेकर नियम लागू हो चुके हैं। बिहार के जिन LPG उपभोक्ताओं ने अभी तक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उन्हें अपने कनेक्शन की स्थिति जल्द जांचनी चाहिए, ताकि रिफिल और सब्सिडी से जुड़ी परेशानी से बचा जा सके।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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