MLC चुनाव: वोटिंग कल, 5.33 लाख मतदाता करेंगे मतदान, किस उंगली पर लगेगी स्याही? जानें मतदान के नियम

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बिहार MLC चुनाव में 23 अक्टूबर को 8 सीटों पर मतदान होगा। जानें वोटिंग का समय, उंगली पर स्याही, बैलेट नियम और मतगणना की तारीख।

निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार में विधान परिषद की आठ सीटों के लिए चुनावी प्रचार थम गया है। अब शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान होगा। सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इस चुनाव में करीब 5.33 लाख मतदाता 150 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। इसके लिए पूरे राज्य में 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी।

इस बार MLC चुनाव चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहा है। मतदान की प्रक्रिया लोकसभा और विधानसभा चुनाव से अलग होगी, क्योंकि यहां ईवीएम की जगह बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदाताओं को अपनी पसंद के उम्मीदवार के सामने निर्धारित तरीके से प्राथमिकता अंक लिखना होगा। गलत तरीके से अंक भरने या बैलेट पेपर पर अनधिकृत निशान लगाने से वोट अमान्य हो सकता है।

MLC चुनाव में किस उंगली पर लगेगी स्याही?

बिहार MLC चुनाव में मतदाताओं की पहचान और दोबारा मतदान रोकने के लिए अलग-अलग श्रेणियों में उंगली पर स्याही लगाने की व्यवस्था बताई गई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं के बाएं हाथ की तर्जनी यानी इंडेक्स फिंगर पर स्याही लगाई जाएगी। वहीं, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं की बाएं हाथ की मध्यमा यानी मिडिल फिंगर पर स्याही लगाने की जानकारी दी गई है।

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मतदान केंद्र पर मतदाताओं को बैंगनी स्केच पेन दिया जाएगा। इसी पेन से बैलेट पेपर पर अपनी पसंद के उम्मीदवार के सामने प्राथमिकता अंक लिखना होगा। मतदाताओं को मतदान से पहले प्रक्रिया समझ लेनी चाहिए, ताकि छोटी-सी गलती के कारण उनका वोट रद्द न हो।

MLC चुनाव में वोट कैसे डालें?

MLC चुनाव में मतदाता बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के नाम और उनके सामने निर्धारित स्थान देखेंगे। जिस उम्मीदवार को सबसे अधिक पसंद करते हैं, उसके सामने रोमन या अंतरराष्ट्रीय अंक में 1 लिखना होगा। मतदाता चाहें तो दूसरे पसंदीदा उम्मीदवार के सामने 2 और तीसरे के सामने 3 लिखकर अपनी प्राथमिकताएं भी बता सकते हैं।

केवल पहली प्राथमिकता देना भी मान्य है। हालांकि, अंक स्पष्ट रूप से लिखना और मतदान अधिकारी के निर्देशों का पालन करना जरूरी है। बैलेट पेपर पर नाम, हस्ताक्षर या अन्य अनधिकृत निशान नहीं लगाने चाहिए। शब्दों में ‘एक’ लिखने, एक से अधिक उम्मीदवारों के सामने समान पहली प्राथमिकता दर्ज करने या गलत तरीके से निशान लगाने से मतपत्र अमान्य हो सकता है।

मतदान केंद्र पर पहुंचने के बाद मतदाता पहचान सत्यापन कराएं और मतदान कर्मियों के निर्देशों के अनुसार बैलेट पेपर का इस्तेमाल करें। किसी तरह का संदेह होने पर मतदान करने से पहले अधिकारी से प्रक्रिया समझना बेहतर होगा।

बिहार MLC चुनाव में कितने मतदाता और बूथ?

MLC चुनाव में स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं की संख्या शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, चार स्नातक सीटों पर कुल 4,92,594 मतदाता हैं। इनके लिए 598 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। वहीं, चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में 40,253 मतदाता हैं और इनके लिए 335 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं।

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स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की सीटों पर मतदान होगा। दोनों श्रेणियों को मिलाकर मतदाताओं की संख्या करीब 5.33 लाख बैठती है।

तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 1.43 लाख से अधिक मतदाता होने की जानकारी है, जबकि पटना स्नातक सीट पर 87,583 मतदाता बताए गए हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना सीट पर 11,719 और तिरहुत सीट पर 8,760 मतदाता हैं।

MLC चुनाव में कौन डाल सकता है वोट?

स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदान के लिए निर्धारित पात्रता पूरी करना जरूरी है। मतदाता का स्नातक होना और संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम दर्ज होना आवश्यक है। केवल परीक्षा में शामिल होना पर्याप्त नहीं है। स्नातक की डिग्री निर्धारित समय-सीमा के अनुसार प्राप्त की गई होनी चाहिए।

शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित शैक्षणिक संस्थानों में आवश्यक अवधि तक शिक्षक के रूप में कार्य करने और मतदाता सूची में नाम दर्ज होने जैसी शर्तें लागू होती हैं। इसलिए केवल शिक्षक होना अपने आप में मतदान की पात्रता सुनिश्चित नहीं करता।

विधान परिषद के सभी सदस्यों का चुनाव एक ही तरीके से नहीं होता। कुछ सदस्य स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों से चुने जाते हैं, कुछ स्थानीय प्राधिकारों और विधायकों के जरिए चुने जाते हैं, जबकि कुछ सदस्यों को राज्यपाल मनोनीत करते हैं।

पटना स्नातक सीट पर नीरज कुमार और अनुज सिंह की चर्चा

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र इस चुनाव की चर्चित सीटों में शामिल है। यहां जदयू के नीरज कुमार, जन सुराज के डॉ. अनुज सिंह और राजद के दिलीप कुमार के बीच मुकाबले पर नजर है। पूर्व विधायक अनंत सिंह की ओर से अनुज सिंह को समर्थन दिए जाने के कारण भी यह सीट चर्चा में रही है।

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अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच बयानबाजी ने चुनावी माहौल को और गर्म किया। हालांकि, इस राजनीतिक मुकाबले का अंतिम फैसला मतगणना के बाद ही होगा। पिछले चुनाव में नीरज कुमार ने राजद के आजाद गांधी को हराया था। इस बार मतदाताओं का रुख किस उम्मीदवार के पक्ष में जाता है, यह देखना अहम होगा।

शिक्षक और स्नातक सीटों पर भी मुकाबला दिलचस्प

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में नवल किशोर यादव और राजद के संजीव कुमार सिंह के बीच मुकाबले पर नजर है। दरभंगा स्नातक सीट पर राजद के अनिल कुमार झा और निर्दलीय छात्र नेता दिलीप कुमार सहित प्रमुख दावेदारों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रही हैं। दरभंगा शिक्षक सीट पर कांग्रेस के मदन मोहन झा और जदयू के प्रो. घनश्याम राय के बीच मुकाबला बताया गया है।

तिरहुत स्नातक सीट पर जदयू के अभिषेक झा और राजद की डॉ. रश्मि विनायक गौतम के बीच चुनावी प्रतिस्पर्धा है। तिरहुत शिक्षक सीट पर सीपीआई के संजय कुमार सिंह और जन सुराज के भूषण झा समेत अन्य प्रत्याशियों पर नजर रहेगी।

कोसी स्नातक सीट पर भाजपा के डॉ. एन.के. यादव, राजद के नितेश कुमार और अन्य उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में जन सुराज के अफाक अहमद, राजद के प्रो. जयराम यादव और जदयू के आनंद पुष्कर प्रमुख प्रत्याशियों में शामिल हैं।

MLC चुनाव के नतीजे कैसे तय होंगे?

MLC की इन सीटों पर मतदान में प्राथमिकता आधारित मतपत्र का इस्तेमाल किया जाएगा। मतदाता पहली पसंद के साथ अन्य उम्मीदवारों को भी क्रमवार प्राथमिकता दे सकते हैं। मतगणना के दौरान पहले पहली प्राथमिकता के मत गिने जाते हैं। जीत के लिए आवश्यक कोटा पूरा नहीं होने पर नियमों के अनुसार आगे की प्राथमिकताओं और मतों के हस्तांतरण की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।

यह प्रक्रिया सामान्य बहुमत वाली ईवीएम गिनती से अलग है। इसलिए उम्मीदवारों की जीत का अनुमान केवल शुरुआती मतों या प्रचार के आधार पर लगाना सही नहीं होगा। अंतिम परिणाम निर्वाचन नियमों के तहत पूरी मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे।

27 अक्टूबर को होगी मतगणना

बिहार MLC चुनाव के लिए मतदान शुक्रवार को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक होगा। मतदान समाप्त होने के बाद बैलेट पेपर को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुरक्षित रखा जाएगा। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी, जिसके बाद आठों निर्वाचन क्षेत्रों के परिणाम सामने आएंगे।

मतदाताओं के लिए सबसे जरूरी बात है कि वे मतदान केंद्र पर निर्धारित पहचान संबंधी दस्तावेजों के साथ पहुंचें, बैलेट पेपर पर प्राथमिकता अंक सही तरीके से लिखें और मतदान कर्मियों के निर्देशों का पालन करें। इस चुनाव में एक छोटी-सी गलती भी मतपत्र को अमान्य बना सकती है। इसलिए मतदान से पहले नियमों को समझना उम्मीदवार चुनने जितना ही महत्वपूर्ण है

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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