बिहार में छेड़खानी के वायरल वीडियो के बाद पुलिस अलर्ट, पर्यटन स्थलों और पिकनिक स्पॉट पर बढ़ेगी गश्ती
बिहार पुलिस
निष्कर्ष भारत संवाददाता- बिहार के जमुई, समस्तीपुर और बांका में लड़कियों से छेड़खानी के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस मुख्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा निर्देश जारी किया है। राज्य के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी को पुलिस गश्ती बढ़ाने और इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया है। खासतौर पर पर्यटन स्थलों, पिकनिक स्पॉट और उन जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी, जहां युवा और किशोर बड़ी संख्या में आते-जाते हैं।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के मुताबिक, ऐसे संवेदनशील स्थानों को चिह्नित कर वहां पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य किसी भी तरह की आपराधिक या असामाजिक गतिविधि को रोकना और लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना है।
पर्यटन स्थलों पर बढ़ेगी पुलिस की गश्ती
पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों के एसपी और एसएसपी को अपने-अपने क्षेत्रों में पर्यटन स्थलों और पिकनिक स्पॉट की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का निर्देश दिया है।
इन स्थानों पर जरूरत के अनुसार अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। पुलिस अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि गश्ती केवल औपचारिक न हो, बल्कि उसकी नियमित मॉनिटरिंग भी की जाए।
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खासकर ऐसे स्थान जहां छुट्टियों या सप्ताहांत में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, वहां पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
जंगली और पहाड़ी इलाकों में पैदल गश्त
जंगली और पहाड़ी इलाकों में मौजूद पर्यटन स्थलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे क्षेत्रों में पैदल गश्ती टीम तैनात करने को कहा गया है।
पुलिसकर्मी सुबह से लेकर देर शाम तक इन क्षेत्रों में भ्रमण करेंगे और सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखेंगे। पुलिस की यह मौजूदगी असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के साथ-साथ पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सुरक्षा का भरोसा देने के लिए भी महत्वपूर्ण होगी।
शहरी इलाकों के साथ ग्रामीण और दूरदराज के पर्यटन क्षेत्रों में भी पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
स्कूल-कॉलेज छात्रों वाले स्थान किए जाएंगे चिह्नित
पुलिस मुख्यालय ने सभी थानों को अपने क्षेत्र में ऐसे स्थानों की सूची तैयार करने को कहा है, जहां स्कूल और कॉलेज के छात्र-छात्राएं अक्सर घूमने के लिए जाते हैं।
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इन स्थानों की पहचान के बाद वहां सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। जरूरत के मुताबिक पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी।
थानेदारों को अपने क्षेत्र में सक्रिय असामाजिक तत्वों और संदिग्ध गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान करने के साथ उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया गया है।
वायरल वीडियो पर साइबर सेल की नजर
सोशल मीडिया पर छेड़खानी या अन्य आपराधिक घटनाओं से जुड़े वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने साइबर मॉनिटरिंग को भी मजबूत करने का फैसला किया है।
जिलों के साइबर सेल और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को ऐसे वीडियो पर नजर रखने को कहा गया है। किसी वीडियो के सामने आने पर उसकी सत्यता की जांच की जाएगी।
पुलिस यह भी पता लगाएगी कि वीडियो कब और कहां बनाया गया है और उसमें दिखाई देने वाले लोगों की पहचान क्या है। सत्यापन के बाद संबंधित मामले में कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो की सत्यता जांचकर होगी कार्रवाई
सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले हर वीडियो को वास्तविक घटना मानकर कार्रवाई नहीं की जा सकती। इसलिए पुलिस मुख्यालय ने वीडियो की सत्यता और उसके संदर्भ की जांच करने पर भी जोर दिया है।
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मॉनिटरिंग सेल को निर्देश दिया गया है कि वायरल वीडियो मिलने के बाद संबंधित जिले की पुलिस को इसकी जानकारी दी जाए। इसके बाद स्थानीय स्तर पर वीडियो की जांच कर घटना की वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा।
अगर वीडियो में किसी अपराध की पुष्टि होती है तो आरोपितों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
थानों को स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद स्थानीय थानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। थानेदारों को अपने क्षेत्र के संवेदनशील स्थानों की पहचान कर वहां गश्ती की व्यवस्था करने को कहा गया है।
इसके साथ ही पुलिस अधिकारियों को यह भी देखना होगा कि गश्ती टीम नियमित रूप से संबंधित स्थानों पर पहुंच रही है या नहीं। वरिष्ठ अधिकारी गश्ती व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेंगे।
पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर जोर
पुलिस मुख्यालय का फोकस केवल घटना होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय संवेदनशील स्थानों पर पहले से पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने पर है।
पर्यटन स्थल, पिकनिक स्पॉट, पार्क और युवाओं की अधिक आवाजाही वाले स्थानों पर पुलिस की विजिबिलिटी बढ़ने से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
इसके अलावा जंगली और पहाड़ी इलाकों में पैदल गश्ती के जरिए उन क्षेत्रों तक भी पुलिस की पहुंच बढ़ाई जाएगी, जहां सामान्य वाहन गश्ती मुश्किल होती है।
छेड़खानी के मामलों के बाद पुलिस मुख्यालय का सख्त रुख
जमुई, समस्तीपुर और बांका में लड़कियों से छेड़खानी से जुड़े वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों को सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क किया है।
अब पर्यटन और रमणीक स्थलों के साथ-साथ छात्र-छात्राओं की आवाजाही वाले स्थानों पर पुलिस की गतिविधियां बढ़ाने की तैयारी है। साथ ही सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो की निगरानी और सत्यापन की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के बाद जिलों में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार सुरक्षा प्लान तैयार किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और किसी भी आपराधिक गतिविधि पर समय रहते कार्रवाई करना है।
भूमि आर्या की रिपोर्ट
