बिहार में फिर बारिश का दौर, अर्णब का असर, अलर्ट जारी
बिहार में फिर बारिश का दौर, 19 जिलों में यलो अलर्ट जारी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में बारिश ने एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल दिया है। अर्णव चक्रवात के प्रभाव से प्रदेश में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। पटना समेत कई जिलों में पिछले तीन दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। कहीं तेज बारिश तो कहीं हल्की फुहारों के बीच तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के 19 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
इस बीच नेपाल में लगातार हो रही बारिश का असर बिहार की नदियों पर भी दिखाई दे रहा है। कोसी और बागमती खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जबकि गंडक का जलस्तर भी तेजी से बढ़ रहा है।
बारिश से कई जिलों में बदला मौसम
राज्य के अलग-अलग हिस्सों में वर्षा के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। इससे मौसम में ठंडक बढ़ गई है। पटना, समस्तीपुर, खगड़िया, बेगूसराय, छपरा, नालंदा, बगहा और बांका समेत कई इलाकों में रुक-रुककर वर्षा हुई है। सीतामढ़ी में पिछले 24 घंटे के दौरान सबसे ज्यादा 144 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।
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मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, बलतारा में 116.2 मिलीमीटर, झंझारपुर में 110.6 मिलीमीटर, बगहा में 98.2 मिलीमीटर और खगड़िया में 97 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। लगातार वर्षा के कारण कई जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।
पटना में बारिश से फ्लाइट प्रभावित
राजधानी पटना में भी शुक्रवार सुबह से वर्षा का दौर जारी रहा। शाम 5:30 बजे तक 39.8 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। बारिश और बादलों के कारण पटना का अधिकतम तापमान 27.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से करीब 4.7 डिग्री कम रहा।
पटना में खराब मौसम का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा। तेज वर्षा के कारण दिल्ली से पटना पहुंची एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट लैंड नहीं कर सकी। इसके बाद विमान को कोलकाता डायवर्ट किया गया। मौसम साफ नहीं होने तक यात्रियों को उड़ानों के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।
19 जिलों में बारिश का यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने शनिवार को बिहार के 19 जिलों में वर्षा और गरज-चमक को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर तेज हवा के साथ वर्षा होने की संभावना जताई गई है। विभाग के अनुसार 26 सितंबर तक प्रदेश में भारी वर्षा की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इसके बाद 27 सितंबर से मौसम में धीरे-धीरे सुधार के संकेत हैं, हालांकि कुछ इलाकों में हल्की वर्षा और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं।
बारिश के पीछे मौसम प्रणालियों का असर
मौसम में अचानक बदलाव के पीछे कई मौसमी प्रणालियों का प्रभाव बताया जा रहा है। अर्णव चक्रवात के प्रभाव के साथ वातावरण में नमी बनी हुई है। इसके कारण बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बादल बन रहे हैं और वर्षा की गतिविधियां बढ़ी हैं।
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मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ समय तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ वर्षा हो सकती है। ऐसे में खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
कोसी-बागमती खतरे के निशान से ऊपर
लगातार वर्षा का असर बिहार की नदियों पर भी पड़ रहा है। नेपाल में हो रही वर्षा के बाद कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। शनिवार सुबह 7 बजे कोसी बराज से 3 लाख 16 हजार 795 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। सुपौल के कई इलाकों में इसका असर दिखाई दे रहा है।
सुपौल के करीब 50 गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया है। निर्मली, सरायगढ़-भपटियाही, मरौना, किशनपुर और सदर प्रखंड के तटबंध के भीतर बसे गांवों में पानी फैलने की सूचना है। कई घरों और आंगन तक पानी पहुंच गया है। प्रभावित इलाकों के लोग नाव के सहारे सुरक्षित स्थानों की ओर जाने को मजबूर हैं। प्रशासन तटबंधों और संवेदनशील स्थानों की निगरानी कर रहा है।
बागमती नदी भी उफान पर
मुजफ्फरपुर में लगातार वर्षा के बीच बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। बेनीबाद में नदी खतरे के निशान से करीब 2 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। गंडक और बूढ़ी गंडक के जलस्तर में भी लगातार वृद्धि हो रही है।
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नेपाल और उत्तर बिहार के जलग्रहण क्षेत्रों में वर्षा जारी रहने की स्थिति में नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों के बीच चिंता बढ़ गई है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
गंडक का बढ़ा जलस्तर, बाढ़ का खतरा
पश्चिम चंपारण के बगहा में गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाल्मीकिनगर बराज से शनिवार सुबह करीब 2.67 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने की जानकारी सामने आई है। इसके और बढ़कर तीन लाख क्यूसेक के पार जाने की संभावना जताई गई है।

गंडक किनारे बसे इलाकों में इससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। पिछले 24 घंटे में चटिया में नदी का जलस्तर 14 सेंटीमीटर और गोपालगंज के डुमरिया घाट में 24 सेंटीमीटर बढ़ा है। प्रशासन की ओर से नदी की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
बांका में पुल के ऊपर बह रहा पानी
बांका के धोरैया प्रखंड में तीन दिनों से जारी बारिश के कारण गहिरा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। धोरैया-नवादा मुख्य मार्ग पर मन्नीहाट के पास स्थित पुल के ऊपर से पानी बहने लगा है। इससे इस मार्ग पर आवागमन जोखिमपूर्ण हो गया है।
मुख्य मार्ग होने के कारण यहां से रोजाना बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं। पुल पर पानी चढ़ने के बाद स्थानीय लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
खगड़िया में दीवार गिरने से बच्चे की मौत
लगातार वर्षा के बीच खगड़िया के बेलदौर प्रखंड में हादसा भी हुआ। तेज बारिश के दौरान घर की दीवार गिरने से 10 वर्षीय शिवम कुमार की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। वर्षा के कारण कमजोर हो चुके मकानों और दीवारों को लेकर ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है।
अररिया में पानी बढ़ने से दो महिलाओं की मौत
नेपाल में लगातार वर्षा के कारण अररिया में बलुआही धार का जलस्तर अचानक बढ़ गया। मानिकपुर पंचायत में पानी में डूबने से दो महिलाओं की मौत की जानकारी सामने आई है। अचानक जलस्तर बढ़ने से स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
समस्तीपुर में हल्की बारिश जारी
समस्तीपुर जिले में भी शनिवार सुबह तेज हवा के साथ वर्षा हुई। डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार 71 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई। बारिश के कारण अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार दिनभर मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने की संभावना है।
नालंदा और औरंगाबाद में भी मौसम बदला
नालंदा में आसमान में घने बादल छाए रहे। तेज हवा के कारण मौसम ठंडा हो गया और अधिकतम तापमान करीब 27 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं औरंगाबाद में भी एक बार फिर तेज बारिश शुरू हुई है। मौसम विभाग ने यहां भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है।
मानसून सीजन में अब तक कम बारिश
बिहार में मौजूदा मानसून सीजन के दौरान कुल बारिश अभी भी सामान्य से कम है। अब तक राज्य में करीब 959.4 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, जबकि वास्तविक बारिश 646.7 मिलीमीटर दर्ज की गई है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 33 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
हालांकि पिछले तीन दिनों में बारिश की गतिविधियां अचानक काफी बढ़ गई हैं। इस अवधि में राज्य में सामान्य से औसतन 267 प्रतिशत अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई। बक्सर में सामान्य से करीब 600 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई है, जबकि पटना में भी बारिश सामान्य से काफी अधिक रही।
26 सितंबर तक बारिश, फिर राहत के संकेत
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर तक बिहार में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। इसके बाद 27 सितंबर से मौसम में धीरे-धीरे सुधार आने की संभावना है।
हालांकि नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बारिश रुकने के बाद भी बाढ़ का खतरा तत्काल खत्म नहीं होगा। कोसी, बागमती और गंडक के किनारे बसे इलाकों में प्रशासन और स्थानीय लोगों को जलस्तर पर लगातार नजर रखने की जरूरत है। फिलहाल बिहार में बारिश के साथ नदियों के बढ़ते जलस्तर ने मौसम के साथ-साथ बाढ़ की चिंता भी बढ़ा दी है।
राज कुमार की रिपोर्ट
