बिहार के 11 जिलों में बिजली गिरने का खतरा, तेज हवा का अलर्ट, रहे सावधान
बिहार के 11 जिलों में वज्रपात और तेज हवा का अलर्ट जारी
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। राज्य के कई जिलों में पिछले 24 घंटे के दौरान हुई भारी बारिश के बाद रविवार को भी 11 जिलों में मौसम खराब रहने की चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों में मेघगर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने का अलर्ट दिया है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत है।
मौसम विभाग के अनुसार, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, वैशाली, नालंदा और नवादा समेत 11 जिलों में रविवार को आकाशीय बिजली गिरने और तेज हवा चलने की आशंका है। हालांकि, राहत की बात यह है कि 1 से 6 नवंबर तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का पूर्वानुमान है। इस अवधि में राज्यभर के लिए किसी तरह की मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है।
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पिछले 24 घंटे में राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। कुछ इलाकों में बारिश का आंकड़ा 80 मिलीमीटर से भी अधिक रहा। बक्सर, सीवान और पश्चिम चंपारण के कई क्षेत्रों में हुई बारिश ने मौसम के साथ-साथ खेती और स्थानीय कारोबार पर भी असर डाला है।
बिहार के 11 जिलों में बिजली गिरने और तेज हवा का अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार को जिन 11 जिलों के लिए चेतावनी जारी की है, वहां गरज-चमक के साथ बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं के आसपास रहने से बचना जरूरी है।
वज्रपात के दौरान खेतों, सड़क या खुले स्थानों पर मौजूद लोगों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। बादलों की तेज गर्जना सुनाई देने पर सुरक्षित पक्के भवन के भीतर चले जाना बेहतर है। पेड़ के नीचे खड़े होना या बिजली के उपकरणों का इस्तेमाल करना जोखिम बढ़ा सकता है।
हालांकि, यह चेतावनी सीमित अवधि के लिए जारी की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि इसके बाद 1 से 6 नवंबर तक बिहार में मौसम अधिकतर शुष्क रहेगा। यानी रविवार के बाद राज्य के बड़े हिस्से में बारिश और आंधी को लेकर फिलहाल कोई व्यापक चेतावनी नहीं है।
बक्सर में सबसे ज्यादा 87.6 मिमी बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटे के दौरान बिहार के कई जिलों में झमाझम बारिश हुई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, बक्सर जिले के सिमरी में सबसे अधिक 87.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसी जिले के चक्की में 76.4 मिमी और केसठ में 72.4 मिमी बारिश हुई।
सीवान जिले के रघुनाथपुर में 76.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। वहीं, जीरादेई में 67.2 मिमी और सीवान शहर में 61.6 मिमी बारिश हुई। गोपालगंज में भी 58.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
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पश्चिम चंपारण के कई इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिला। योगापट्टी में 68.6 मिमी, मैनाटांड़ में 65.6 मिमी, सिकटा में 64.8 मिमी और बेतिया में 64.6 मिमी बारिश हुई। इन आंकड़ों से साफ है कि राज्य के पश्चिमी और उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां काफी सक्रिय रहीं।
पटना में अगले पांच दिनों तक तापमान में बड़ा बदलाव नहीं
राजधानी पटना में फिलहाल तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है। पूर्वानुमान के मुताबिक, अगले चार से पांच दिनों तक अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास बने रहने की संभावना है।
पटना के मौसम को लेकर 2 नवंबर को बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 3 और 4 नवंबर को आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रह सकते हैं। ऐसे में राजधानी के लोगों को अगले कुछ दिनों तक मौसम में हल्के उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है।
बेमौसम बारिश से धान, गन्ना और सब्जियों को नुकसान
लगातार हो रही बारिश का असर अब खेती पर भी दिखाई देने लगा है। बिहार के कई इलाकों में धान, गन्ना, आलू और सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है। खेतों में पानी जमा होने और फसल के प्रभावित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
धान की कटाई और तैयार फसल के समय बारिश होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, गन्ने और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों के लिए भी बेमौसम बारिश नुकसानदेह साबित हो सकती है। आलू की खेती में खेतों में अधिक नमी रहने से उत्पादन प्रभावित होने की आशंका रहती है।
किसानों के सामने फिलहाल दोहरी चुनौती है। एक तरफ फसल को बचाने की चिंता है, तो दूसरी तरफ बारिश के कारण बाजार और बिक्री पर पड़ने वाला असर भी परेशानी बढ़ा रहा है।
बिहार में बारिश से बाजार और कारोबार पर भी असर
बारिश का असर केवल खेतों तक सीमित नहीं रहा है। फेस्टिव सीजन के दौरान बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित होने से कारोबारियों को भी नुकसान हुआ है। त्योहारों के समय बाजार में जिस तरह की रौनक और खरीदारी की उम्मीद रहती है, बारिश ने उस पर असर डाला है।
स्थानीय कारोबारियों के लिए यह समय बिक्री के लिहाज से महत्वपूर्ण होता है। लेकिन लगातार खराब मौसम के कारण कई जगह बाजार में सन्नाटा देखने को मिला। इससे छोटे दुकानदारों और अन्य कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने फसल नुकसान का सर्वे कराने का दिया निर्देश
बारिश से फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को सर्वे कराने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों में फसल क्षति का आकलन करने और नुकसान झेलने वाले किसानों को चिह्नित करने को कहा है। साथ ही, पीड़ित किसानों को जल्द मुआवजा देने की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

सरकारी स्तर पर सर्वे के बाद यह पता लगाया जाएगा कि किन इलाकों में कितनी फसल प्रभावित हुई है और कितने किसान नुकसान की श्रेणी में आते हैं। किसानों को राहत देने के लिए नुकसान का सही आकलन महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल मौसम विभाग ने रविवार को 11 जिलों में वज्रपात और तेज हवा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं, 1 से 6 नवंबर तक राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में लोगों को तत्काल जारी चेतावनी का ध्यान रखने के साथ किसानों को भी मौसम की स्थिति देखते हुए फसल की सुरक्षा के उपाय करने होंगे।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
