बिहार में मानसून की विदाई के बाद बढ़ी गुलाबी ठंड, 7 दिनों तक शुष्क रहेगा मौसम; बारिश का अलर्ट नहीं

ठंड

बिहार में गुलाबी ठंड की दस्तक

निष्कर्ष भारत संवाददाता- पटना- बिहार में मानसून की विदाई के बाद मौसम का मिजाज बदलने लगा है। सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस होने लगी है, जबकि दिन में धूप के कारण मौसम अपेक्षाकृत गर्म बना हुआ है। बदलते मौसम के साथ लोगों ने सुबह और रात में हल्के गर्म कपड़ों का इस्तेमाल भी शुरू कर दिया है। ऐसे में बिहार के मौसम को लेकर मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान जारी किया है।

मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में आने वाले सात दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। 19 अक्टूबर से 25 अक्टूबर 2026 के बीच प्रदेश के किसी भी जिले में व्यापक बारिश के आसार नहीं हैं। वहीं, अगले पांच दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं जताई गई है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। ऐसे में फिलहाल बिहार में तेज ठंड पड़ने के बजाय सुबह-शाम हल्की ठंड और दिन में गर्मी का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है।

बिहार में अगले 7 दिनों तक कैसा रहेगा मौसम?

बिहार के मौसम को लेकर जारी पूर्वानुमान के अनुसार, अगले सात दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। राज्य के उत्तर, दक्षिण, पूर्व और पश्चिम क्षेत्रों में बारिश की संभावना बेहद कम बताई गई है।

दिन के समय धूप निकलने से गर्मी का एहसास हो सकता है, जबकि सुबह और देर शाम तापमान में कमी के कारण हल्की ठंड महसूस होगी। मौसम में इस बदलाव का असर खासकर सुबह जल्दी घर से निकलने वाले लोगों और देर रात यात्रा करने वालों पर पड़ सकता है।

फिलहाल, मौसम विभाग के पूर्वानुमान में किसी बड़े मौसमी बदलाव या व्यापक बारिश की संभावना नहीं बताई गई है। हालांकि, स्थानीय परिस्थितियों के कारण अलग-अलग जिलों में तापमान में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।

30 से 32 डिग्री तक रह सकता है अधिकतम तापमान

मौसम विभाग के मुताबिक, बिहार के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 30 से 32 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। इसका मतलब है कि दोपहर के समय गर्मी का असर पूरी तरह खत्म नहीं होगा।

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वहीं, न्यूनतम तापमान 20 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। रात और सुबह के समय तापमान अपेक्षाकृत कम रहने से लोगों को हल्की ठंड का अनुभव हो सकता है।

तापमान में फिलहाल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं होने के कारण आने वाले दिनों में मौसम का यह मिला-जुला रूप जारी रह सकता है। हालांकि, ठंड बढ़ने की गति और तापमान में आगे होने वाले बदलाव के लिए मौसम विभाग के नए अपडेट पर नजर रखना जरूरी होगा।

मौसम प्रणाली का बिहार पर क्या असर पड़ेगा?

मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत और आसपास के क्षेत्रों में कुछ मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। हिमाचल प्रदेश और उससे सटे पंजाब के ऊपर समुद्र तल से लगभग 3.1 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ मध्य क्षोभमंडल में एक ट्रफ भी मौजूद है।

इसके अलावा, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई तक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। दक्षिण-पूर्व बांग्लादेश और उससे सटे त्रिपुरा के ऊपर भी इसी ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण की स्थिति बताई गई है।

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हालांकि, इन मौसमी प्रणालियों के बावजूद बिहार के लिए जारी पूर्वानुमान में व्यापक बारिश की संभावना नहीं जताई गई है। राज्य में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।

बिहार के सभी 38 जिलों में बारिश की संभावना कम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बिहार के सभी 38 जिलों में अगले सात दिनों तक बारिश की संभावना बेहद कम है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में आसमान साफ रहने या आंशिक रूप से बादल छाए रहने जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं।

बारिश नहीं होने से खेती-किसानी, दैनिक आवागमन और दूसरे सामान्य कामकाज पर मौसम की वजह से किसी बड़े व्यवधान की संभावना फिलहाल कम है। हालांकि, किसानों को फसलों से जुड़ी गतिविधियां स्थानीय मौसम और कृषि संबंधी सलाह के अनुसार ही करनी चाहिए।

राज्य में शुष्क मौसम रहने के कारण लोगों को बारिश से राहत मिल सकती है, लेकिन दिन और रात के तापमान में अंतर के चलते स्वास्थ्य और दिनचर्या का ध्यान रखना भी जरूरी है।

मौसम विभाग ने जारी किया ग्रीन कोड

बिहार के लिए अगले सात दिनों के मौसम पूर्वानुमान में मौसम विभाग ने ग्रीन कोड यानी किसी विशेष मौसमी चेतावनी के अभाव का संकेत दिया है। इसका मतलब है कि फिलहाल राज्य में व्यापक स्तर पर खराब मौसम को लेकर कोई विशेष चेतावनी जारी नहीं की गई है।

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हालांकि, ग्रीन कोड का अर्थ यह नहीं है कि हर जिले में मौसम बिल्कुल एक जैसा रहेगा। स्थानीय स्तर पर तापमान, बादलों और हवा की स्थिति में बदलाव संभव है। इसलिए लोगों को मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान और जिला स्तर पर जारी होने वाली सूचनाओं पर ध्यान देना चाहिए।

सुबह-शाम ठंड, दिन में गर्मी; लोग रखें सावधानी

मानसून के बाद मौसम में बदलाव के दौरान सुबह और रात के तापमान में गिरावट महसूस हो सकती है। ऐसे में सुबह जल्दी निकलने वाले लोगों को जरूरत के अनुसार हल्के गर्म कपड़े पहनने चाहिए। दिन में तापमान अधिक रहने के कारण पर्याप्त पानी पीना और तेज धूप में सावधानी बरतना भी जरूरी है।

फिलहाल, बिहार में कड़ाके की ठंड पड़ने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक तापमान में बड़े बदलाव की संभावना कम है और राज्य में शुष्क मौसम बना रह सकता है।

कुल मिलाकर, बिहार में मानसून के बाद गुलाबी ठंड का एहसास बढ़ने लगा है। अगले सात दिनों तक बारिश की संभावना कम रहने और तापमान में बड़े बदलाव के आसार नहीं होने से मौसम सामान्य बना रहने का अनुमान है। आने वाले दिनों में ठंड कितनी तेजी से बढ़ेगी, यह तापमान में होने वाले बदलाव और मौसम विभाग के नए पूर्वानुमान पर निर्भर करेगा।

Nishkarsh Bharat

भूमि आर्या की रिपोर्ट