बिहार में सियासी बदलाव तय: 14 अप्रैल को इस्तीफा दे सकते हैं नीतीश कुमार, BJP का पहला मुख्यमंत्री बनने की तैयारी
राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इससे पहले सोमवार (13 अप्रैल 2026) को उन्होंने अपने आधिकारिक आवास पर जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक की, जिसमें नई कैबिनेट के गठन और संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा हुई।
बिहार में बड़ा सियासी बदलाव तय, Nitish Kumar 14 अप्रैल को दे सकते हैं इस्तीफा। BJP पहली बार बनाएगी मुख्यमंत्री, नाम को लेकर सस्पेंस बरकरार।
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। इससे पहले सोमवार (13 अप्रैल 2026) को उन्होंने अपने आधिकारिक आवास पर जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं के साथ अहम बैठक की, जिसमें नई कैबिनेट के गठन और संभावित मंत्रियों के नामों पर चर्चा हुई।
यह बदलाव इसलिए भी ऐतिहासिक माना जा रहा है क्योंकि पहली बार BJP बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने जा रही है। अब सबकी नजर 15 अप्रैल को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है।
जेडीयू नेताओं की अहम बैठक
सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता पहुंचे। इनमें संजय कुमार झा, राजीव रंजन सिंह, विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव शामिल रहे।

सूत्रों के अनुसार, जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह के बीच पहले एक बंद कमरे में बैठक हुई, जिसके बाद वे मुख्यमंत्री आवास पहुंचे। इस बैठक में नई कैबिनेट में जेडीयू के विधायकों को शामिल करने और विभागों के बंटवारे को लेकर मंथन किया गया।
नई कैबिनेट का खाका तैयार
बिहार विधानसभा में कुल 243 सदस्य हैं और संवैधानिक प्रावधान के तहत अधिकतम 36 मंत्री बनाए जा सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि मौजूदा कैबिनेट के कई मंत्रियों को उनके पद पर बरकरार रखा जा सकता है, जबकि कुछ नए चेहरों को भी शामिल किया जाएगा।
इस बीच, जेडीयू अपने हिस्से के मंत्रियों की सूची को अंतिम रूप देने में जुटी है, ताकि NDA सरकार में संतुलन बना रहे।
BJP का पहला मुख्यमंत्री, नाम पर सस्पेंस
इस राजनीतिक बदलाव के साथ ही सबसे बड़ा सवाल यह है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। BJP के कई वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं, लेकिन पार्टी ने अभी तक किसी नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भाजपा बहुत सोच-समझकर फैसला लेने वाली पार्टी है और जल्द ही विधायक दल की बैठक में नए नेता के नाम का ऐलान किया जाएगा।

इस प्रक्रिया की निगरानी के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है, जो पटना पहुंचकर विधायक दल की बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
शपथ ग्रहण की तैयारियां तेज
राजधानी पटना में शपथ ग्रहण समारोह को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। यह कार्यक्रम लोक भवन में आयोजित किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अप्रैल को पटना पहुंच सकते हैं। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पटना एयरपोर्ट से लेकर लोक भवन तक बैरिकेडिंग कर दी गई है। जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है।
राज्यपाल और प्रशासनिक बैठकें
पटना के जिला अधिकारी थियागराजन एस.एम. ने राज्यपाल सईद अता हसनैन के साथ बैठक कर समारोह की व्यवस्थाओं की समीक्षा की। सुरक्षा, यातायात और प्रोटोकॉल को लेकर विस्तृत योजना बनाई गई है, ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।
नीतीश कुमार का नया ठिकाना

इसी बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सामान को उनके आधिकारिक आवास 1, अणे मार्ग से 7, सर्कुलर रोड स्थित नए आवास में शिफ्ट किया जा रहा है। यह बदलाव उनके इस्तीफे की अटकलों को और मजबूत करता है।
21 साल का कार्यकाल समाप्ति की ओर
नीतीश कुमार पिछले 21 वर्षों से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और लंबे समय तक मुख्यमंत्री पद संभाला है। अब उनके इस्तीफे के साथ एक युग का अंत माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि वह इस्तीफा देने से पहले आखिरी कैबिनेट बैठक करेंगे और फिर जेडीयू विधायक दल और NDA विधायक दल की बैठक में शामिल होकर नए नेता के चयन की प्रक्रिया पूरी करेंगे।
बिहार में यह सत्ता परिवर्तन न केवल राजनीतिक समीकरणों को बदलेगा, बल्कि राज्य की भविष्य की दिशा भी तय करेगा। BJP के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
अब सबकी नजर 14 और 15 अप्रैल पर है, जब इस्तीफा और शपथ ग्रहण के साथ बिहार की सत्ता में बड़ा बदलाव आधिकारिक रूप से सामने आएगा।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
