BPSC अभ्यर्थियों के समर्थन में उतरे संदीप सौरव, 6 सितंबर को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में जुटेंगे हजारों छात्र

70वीं BPSC पर संदीप सौरव का हमला, 6 सितंबर को प्रदर्श

70वीं BPSC को लेकर संदीप सौरव ने सरकार से जांच की मांग की

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर छात्रों का विरोध एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं। पालीगंज विधायक डॉ. संदीप सौरव ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर परीक्षा से जुड़े कथित अनियमितताओं के आरोपों पर सरकार और बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि गर्दनीबाग में चल रहे छात्र आंदोलन में 70वीं बीपीएससी परीक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।

विधायक ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए अभ्यर्थियों से जुड़े दस्तावेज और आंसर शीट सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने जल्द कोई निर्णय नहीं लिया तो छात्रों का आंदोलन आगे और तेज हो सकता है।

BPSC परीक्षा को लेकर फिर उठे सवाल

संदीप सौरव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान 70वीं बीपीएससी परीक्षा से जुड़े कई मुद्दों को सामने रखा। उन्होंने विशेष तौर पर परीक्षा में रैंक तीन हासिल करने वाले अभ्यर्थी से जुड़े मामले का उल्लेख किया और आयोग तथा सरकार से अपनी स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

विधायक का आरोप है कि इस मामले में अभ्यर्थी की कॉपी को लेकर सवाल उठाए गए थे। उनके मुताबिक आयोग की ओर से केवल पहली कॉपी दिखाई गई, जबकि दूसरी कॉपी अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब परीक्षा की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठ रहे हैं तो संबंधित सभी दस्तावेज सामने क्यों नहीं रखे जा रहे हैं।

आंसर शीट सार्वजनिक करने की मांग

70वीं BPSC परीक्षा को लेकर छात्रों की एक प्रमुख मांग परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने की है। संदीप सौरव ने भी अभ्यर्थियों की आंसर शीट और आवश्यक परीक्षा दस्तावेज उपलब्ध कराने की मांग दोहराई।

उनका कहना है कि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब अभ्यर्थियों को अपनी परीक्षा से संबंधित आवश्यक रिकॉर्ड देखने का अवसर मिले। उन्होंने सरकार और आयोग से इस मामले में स्पष्ट कदम उठाने की मांग की।

गर्दनीबाग के छात्र आंदोलन का किया जिक्र

विधायक ने कहा कि गर्दनीबाग में चल रहे छात्र आंदोलन में 70वीं बीपीएससी परीक्षा से जुड़े मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है। छात्रों की मांग है कि परीक्षा से संबंधित शिकायतों और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष तरीके से जांच हो।

उनके मुताबिक, लंबे समय से आंदोलन कर रहे छात्रों को अब तक सरकार की ओर से ऐसा निर्णय नहीं मिला है, जिससे उनकी चिंताओं का समाधान हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक हो सकता है।

BPSC पर निष्पक्ष जांच की मांग

संदीप सौरव ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता विद्यार्थियों के भविष्य से सीधे जुड़ी है। ऐसे में परीक्षा प्रक्रिया पर किसी तरह का सवाल उठने पर उसकी गंभीरता से जांच जरूरी है।

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विधायक ने आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग के भीतर गड़बड़ियां हो रही हैं और आयोग के अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर भी सवाल खड़े किए। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

6 सितंबर को श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में जुटेंगे छात्र

छात्र आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए 6 सितंबर की तारीख महत्वपूर्ण बताई गई है। संदीप सौरव के अनुसार, इस दिन छात्र श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में जुटेंगे और अपनी मांगों को मजबूती से उठाएंगे।

इस कार्यक्रम में 70वीं BPSC परीक्षा से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाए जाने की बात कही गई है। छात्रों की ओर से परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कॉपियों और आंसर शीट से जुड़े सवालों का जवाब तथा कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की जा रही है।

अभ्यर्थियों की कॉपियों को लेकर विवाद

परीक्षा में रैंक तीन हासिल करने वाले अभ्यर्थी से जुड़े मामले को विधायक ने विशेष रूप से उठाया। उनके अनुसार, अभ्यर्थी की कॉपी को लेकर सवाल उठे हैं और आयोग की ओर से पहली कॉपी दिखाई गई, जबकि दूसरी कॉपी अब तक सामने नहीं आई है।

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यही मुद्दा छात्रों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। हालांकि, इस संबंध में आयोग की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसलिए कॉपी से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति आयोग के स्पष्टीकरण और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

BPSC की कार्यप्रणाली पर विधायक ने उठाए सवाल

प्रेस कॉन्फ्रेंस में संदीप सौरव ने आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाया। उनका कहना था कि बिहार जैसे राज्य में बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और उनके भविष्य के लिए परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बेहद जरूरी है।

उन्होंने कहा कि यदि किसी परीक्षा को लेकर गंभीर शिकायत सामने आती है तो सरकार को उसे नजरअंदाज करने के बजाय जांच करानी चाहिए। उनका कहना है कि जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता सामने आ सकती है और विद्यार्थियों की शंकाएं दूर हो सकती हैं।

छात्रों का आंदोलन और बढ़ने के संकेत

70वीं बीपीएससी परीक्षा को लेकर छात्रों का आंदोलन पहले से जारी है। अब 6 सितंबर को प्रस्तावित छात्र जुटान से आंदोलन को नई दिशा मिलने की संभावना जताई जा रही है। छात्रों की मांगों को राजनीतिक समर्थन मिलने के बाद यह मुद्दा सरकार और आयोग के लिए भी महत्वपूर्ण हो गया है।

हालांकि, आंदोलन का अगला स्वरूप क्या होगा और सरकार की ओर से इस पर क्या कदम उठाया जाएगा, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

सरकार और आयोग के जवाब का इंतजार

संदीप सौरव द्वारा लगाए गए आरोपों और उठाए गए सवालों पर फिलहाल सरकार या BPSC की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में परीक्षा से जुड़ी शिकायतों की वास्तविक स्थिति पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।

फिलहाल 70वीं BPSC परीक्षा को लेकर छात्रों की मांग, विधायक के आरोप और 6 सितंबर को प्रस्तावित प्रदर्शन ने बिहार की प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि सरकार और आयोग छात्रों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं और क्या परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की दिशा में कोई कदम उठाया जाता है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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