BPSC ने रद्द की 1711 असिस्टेंट प्रोफेसर की भर्ती, अभ्यर्थियों को झटका, जानें आगे क्या होगा?

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BPSC ने 1711 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों की भर्ती रद्द की, जानें आगे क्या होगा

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हजारों अभ्यर्थियों को बड़ा झटका लगा है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में असिस्टेंट प्रोफेसर (स्पेशियलिटी) के 1711 पदों पर होने वाली भर्ती प्रक्रिया रद्द कर दी है। आयोग ने 30 अक्टूबर को आधिकारिक सूचना जारी कर विज्ञापन संख्या 04/2025 से 28/2025 तक के सभी संबंधित विज्ञापनों को निरस्त करने की जानकारी दी। ये विज्ञापन 4 अप्रैल 2025 को जारी किए गए थे।

BPSC के इस फैसले से उन अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ गई है, जिन्होंने भर्ती के लिए आवेदन किया था और चयन प्रक्रिया के अगले चरण का इंतजार कर रहे थे। कई उम्मीदवारों के लिए यह मामला इसलिए भी अहम है, क्योंकि भर्ती की प्रक्रिया दस्तावेज सत्यापन तक पहुंच चुकी थी। ऐसे में विज्ञापन रद्द होने के बाद उनके सामने अब नए सिरे से आवेदन, पुराने दस्तावेजों की मान्यता और नियुक्ति की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

हालांकि, BPSC ने अभ्यर्थियों के लिए राहत की बात यह है कि असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। BPSC के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग से संशोधित अधियाचना मिलने के बाद नए सिरे से भर्ती विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। यानी इन पदों पर नियुक्ति की संभावना बनी हुई है, लेकिन उम्मीदवारों को नई अधिसूचना का इंतजार करना होगा।

BPSC ने क्यों रद्द किए 1711 पदों के विज्ञापन?

BPSC की ओर से जारी सूचना में भर्ती रद्द करने की वजह भी स्पष्ट की गई है। इसके अनुसार, स्वास्थ्य विभाग ने असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नियुक्ति के लिए पहले भेजी गई अधियाचना वापस ले ली है। भर्ती प्रक्रिया शुरू करने के लिए संबंधित विभाग की ओर से पदों का विवरण और नियुक्ति संबंधी प्रस्ताव आयोग को भेजा जाता है। इसी अधियाचना के आधार पर आयोग विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित करता है।

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुरानी अधियाचना वापस लिए जाने के बाद पहले जारी किए गए विज्ञापनों के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ाना संभव नहीं रहा। इसी कारण BPSC ने विज्ञापन संख्या 04/2025 से 28/2025 तक को रद्द करने का निर्णय लिया।

यह फैसला आयोग की ओर से भर्ती प्रक्रिया को लेकर लिया गया प्रशासनिक कदम है। इसका मतलब यह नहीं है कि बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों की जरूरत खत्म हो गई है। विभाग की ओर से संशोधित अधियाचना भेजे जाने के बाद नई प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।

BPSC असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती में किन विषयों के पद शामिल थे?

इस भर्ती के तहत बिहार के सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञताओं के लिए असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति प्रस्तावित थी। कुल 1711 पदों पर नियमित नियुक्ति होनी थी। इनमें मेडिकल शिक्षा और मरीजों के इलाज से जुड़े कई महत्वपूर्ण विभाग शामिल थे।

प्रमुख विषयों में एनेस्थीसिया, जनरल मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री, पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी शामिल थे। इन विशेषज्ञताओं में असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति से सरकारी मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद थी।

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मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ शिक्षकों की भूमिका केवल विद्यार्थियों को पढ़ाने तक सीमित नहीं होती। वे चिकित्सा शिक्षा, प्रशिक्षण और अस्पतालों में इलाज से जुड़ी व्यवस्थाओं में भी अहम योगदान देते हैं। ऐसे में इन पदों पर नियुक्ति का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा व्यवस्था के लिए भी यह भर्ती महत्वपूर्ण मानी जा रही थी।

हालांकि, नई अधियाचना के बाद विषयवार रिक्तियों में बदलाव होगा या नहीं, इसकी जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। उम्मीदवारों को नए विज्ञापन में जारी होने वाले पदों के विवरण को ही अंतिम मानना होगा।

डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन तक पहुंच चुकी थी BPSC की प्रक्रिया

इस भर्ती के रद्द होने से अभ्यर्थियों की परेशानी इसलिए बढ़ गई है, क्योंकि आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयन से जुड़ी गतिविधियां आगे बढ़ चुकी थीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जुलाई 2025 में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी आयोजित की गई थी। उम्मीदवारों ने जरूरी प्रमाणपत्र और शैक्षणिक दस्तावेज जमा कराए थे।

ऐसे में जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन करने के बाद दस्तावेज सत्यापन तक की प्रक्रिया पूरी कर ली थी, उनके सामने अब आगे की कार्रवाई को लेकर अनिश्चितता है। उन्हें यह जानने का इंतजार है कि नए विज्ञापन में पुराने आवेदन और पहले जमा किए गए दस्तावेजों को स्वीकार किया जाएगा या फिर पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू होगी।

भर्ती प्रक्रिया रद्द होने का असर केवल आवेदन करने वाले उम्मीदवारों पर नहीं पड़ेगा, बल्कि उन अभ्यर्थियों पर भी पड़ेगा जो इस नियुक्ति के अगले चरण का इंतजार कर रहे थे। अब उन्हें नई अधिसूचना जारी होने तक अपनी तैयारी और जरूरी दस्तावेजों को व्यवस्थित रखना होगा।

क्या अभ्यर्थियों को फिर से करना होगा आवेदन?

BPSC के पुराने विज्ञापनों को रद्द किए जाने के बाद उम्मीदवारों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या उन्हें नई भर्ती के लिए दोबारा आवेदन करना होगा? फिलहाल आयोग की ओर से इस संबंध में कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया है।

इसी तरह, पुराने आवेदन और जुलाई 2025 में हुए दस्तावेज सत्यापन की मान्यता को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि पहले आवेदन कर चुके उम्मीदवारों को नए विज्ञापन में कोई विशेष छूट मिलेगी या सभी अभ्यर्थियों को सामान्य प्रक्रिया के तहत फिर से आवेदन करना होगा।

इन सवालों का जवाब नई अधिसूचना जारी होने के बाद ही मिल सकेगा। स्वास्थ्य विभाग की संशोधित अधियाचना के आधार पर जारी होने वाले विज्ञापन में आवेदन की शर्तें और चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी स्पष्ट की जाएगी।

अभ्यर्थियों को फिलहाल पुराने विज्ञापन के आधार पर यह मानकर नहीं चलना चाहिए कि उनका आवेदन स्वतः नए विज्ञापन में भी मान्य रहेगा। जब तक आयोग इस बारे में आधिकारिक जानकारी नहीं देता, तब तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।

नई BPSC भर्ती में बदल सकती हैं ये शर्तें

नई अधियाचना के आधार पर जारी होने वाले विज्ञापन में पदों की संख्या, विषयवार रिक्तियां और पात्रता संबंधी शर्तों की जानकारी दी जाएगी। यह भी देखना होगा कि पहले प्रस्तावित 1711 पदों की संख्या बरकरार रहती है या संशोधित अधियाचना में इसमें कोई बदलाव किया जाता है।

नई भर्ती में शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, अनुभव, आरक्षण से जुड़े प्रावधान और आवेदन की समय-सीमा जैसी जानकारियां भी महत्वपूर्ण होंगी। उम्मीदवारों को इन सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ना होगा, क्योंकि संशोधित विज्ञापन में पहले की तुलना में कुछ बदलाव संभव हैं। हालांकि, फिलहाल किसी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इसलिए अभ्यर्थियों को सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही अपुष्ट सूचनाओं के आधार पर आवेदन या पात्रता को लेकर फैसला नहीं करना चाहिए। आयोग की आधिकारिक सूचना ही इस मामले में भरोसेमंद आधार होगी।

BPSC की अगली सूचना का इंतजार

आयोग ने नए विज्ञापन जारी करने के लिए फिलहाल कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। स्वास्थ्य विभाग की संशोधित अधियाचना के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही यह स्पष्ट होगा कि 1711 पदों पर भर्ती किस समय और किन शर्तों के साथ शुरू होगी।

अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर नियमित रूप से नजर रखें और नई अधिसूचना जारी होने पर पदों की संख्या, विषयवार रिक्तियों तथा आवेदन संबंधी निर्देशों को ध्यान से पढ़ें। साथ ही, अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें।

1711 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों के पुराने विज्ञापनों का रद्द होना अभ्यर्थियों के लिए बड़ा झटका जरूर है, लेकिन भर्ती की संभावनाएं समाप्त नहीं हुई हैं। अब पूरी प्रक्रिया स्वास्थ्य विभाग की संशोधित अधियाचना और BPSC के नए विज्ञापन पर निर्भर करेगी। उम्मीदवारों के लिए सबसे अहम सवाल यही है कि नई भर्ती कब आएगी और पुराने आवेदन तथा दस्तावेज सत्यापन का क्या होगा। इन सवालों पर स्थिति आयोग की अगली आधिकारिक सूचना के बाद ही साफ हो पाएगी।

Nishkarsh Bharat

राजकुमार सिंह की रिपोर्ट

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