चक्रवात मुरासु का खतरा बढ़ा, 8 राज्यों में आंधी-बारिश; यूपी में कोहरा
चक्रवात मुरासु से 8 राज्यों में आंधी-बारिश, यूपी में कोहरा
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नई दिल्ली)। बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात मुरासु अब गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल चुका है। इसके आगे बढ़ने के साथ ही दक्षिण और मध्य भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार सुबह 5:30 बजे तूफान तमिलनाडु के चेन्नई से करीब 200 किलोमीटर और आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से 210 किलोमीटर दूर था। पिछले छह घंटे में इसकी रफ्तार लगभग 25 किलोमीटर प्रति घंटे रही। मौसम विभाग ने आशंका जताई है कि मुरासु 2 नवंबर की रात 11:30 बजे से 3 नवंबर की सुबह 4 बजे के बीच आंध्र प्रदेश के ओंगोल के आसपास तट से टकरा सकता है।
तूफान के तट से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में तटीय इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियों के लिए अगले कुछ घंटे बेहद अहम रहने वाले हैं। बंगाल की खाड़ी में एक सप्ताह के भीतर यह दूसरा चक्रवाती तूफान है। इससे पहले 28 अक्टूबर को चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट से टकराया था।
मुरासु का असर 8 से अधिक राज्यों में दिखने का अनुमान
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात मुरासु का प्रभाव केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई गई है। अलग-अलग क्षेत्रों में मौसम की स्थिति और तूफान के प्रभाव के आधार पर चेतावनी जारी की गई है।
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ओडिशा में 2 और 3 नवंबर को भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं मध्य प्रदेश में 5 नवंबर तक कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में तूफान का सीधा असर पड़ सकता है। समुद्र के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।
मुरासु के चलते आंध्र प्रदेश में तटवर्ती इलाकों पर नजर
आंध्र प्रदेश के लिए चक्रवात मुरासु सबसे बड़ी मौसमी चुनौती बनकर सामने आया है। तूफान के ओंगोल के पास पहुंचने की आशंका के बीच तटीय क्षेत्रों में तेज हवाओं और बारिश का खतरा बढ़ गया है। 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने पर पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है।
3 नवंबर को आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और ओडिशा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है। 4 नवंबर को आंध्र प्रदेश के लिए रेड अलर्ट बताया गया है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा में भी ऑरेंज अलर्ट रहेगा।
3 नवंबर को किन राज्यों में बारिश का अलर्ट?
3 नवंबर को दक्षिण और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मौसम खराब रहने की आशंका है। आंध्र प्रदेश, रायलसीमा और ओडिशा में ऑरेंज अलर्ट के बीच तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, पुडुचेरी, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
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इन राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर तेज हवाएं चलने की संभावना है। खासकर तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है। मछुआरों और समुद्र में काम करने वाले लोगों के लिए भी ऐसे मौसम में विशेष सावधानी जरूरी है।
4 नवंबर को आंध्र प्रदेश में रेड अलर्ट
4 नवंबर को चक्रवात का प्रभाव कई इलाकों में बना रह सकता है। आंध्र प्रदेश में आंधी-तूफान और बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। वहीं मध्य महाराष्ट्र, विदर्भ, उत्तरी कर्नाटक, तेलंगाना, रायलसीमा, आंध्र प्रदेश और केरल के कुछ हिस्सों में यलो अलर्ट की चेतावनी है।
मध्य महाराष्ट्र और विदर्भ में भी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम में अचानक बदलाव के कारण सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो सकता है। हालांकि, इसका वास्तविक असर स्थानीय परिस्थितियों और बारिश की तीव्रता पर निर्भर करेगा।
यूपी के 10 शहरों में सुबह कोहरा, बिहार में विजिबिलिटी 60 मीटर
एक तरफ दक्षिण भारत में चक्रवात का खतरा बढ़ रहा है, तो दूसरी तरफ उत्तर भारत के कुछ इलाकों में सुबह के समय कोहरा देखने को मिला। उत्तर प्रदेश के देवरिया और कुशीनगर समेत 10 शहरों में सोमवार सुबह कोहरे की चादर छाई रही। इससे सड़क पर चलने वाले वाहनों की रफ्तार प्रभावित होने की आशंका है।

बिहार के सुपौल में कोहरे के कारण विजिबिलिटी घटकर करीब 60 मीटर रह गई। कम दृश्यता के चलते सुबह के समय वाहन चालकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर हाईवे और ग्रामीण सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाना जोखिम भरा हो सकता है।
उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में बारिश और बर्फबारी की संभावना
उत्तराखंड के मौसम में भी बदलाव के संकेत हैं। उत्तरकाशी और रुद्रप्रयाग समेत पांच पहाड़ी जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी भी हो सकती है। नवंबर की शुरुआत में पहाड़ों पर मौसम बदलने से तापमान में गिरावट और ठंड बढ़ने के आसार हैं।
पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो सकती हैं। ऐसे में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
दिल्ली की हवा फिर बेहद खराब, AQI 428 तक पहुंचा
मौसम में बदलाव के बीच राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की समस्या भी गंभीर बनी हुई है। सोमवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 428 तक पहुंच गया। यह हवा की बेहद खराब स्थिति को दर्शाता है। शहर के कई इलाकों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक रहा।
दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, रोहिणी में AQI 396, अलीपुर में 375 और विवेक विहार में 370 दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, अक्षरधाम और ITO में AQI 349 रहा। वहीं इंडिया गेट और जनपथ में यह 335 दर्ज किया गया।
प्रदूषण बढ़ने से सांस संबंधी परेशानी वाले लोगों, बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खुले में लंबे समय तक रहने और अधिक शारीरिक गतिविधि से बचना बेहतर है। बाहर निकलने पर स्थानीय प्रदूषण अपडेट पर नजर रखना भी जरूरी है।
अगले कुछ दिन कई राज्यों के लिए अहम
चक्रवात मुरासु के कारण 2 से 4 नवंबर के बीच दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में मौसम चुनौतीपूर्ण रह सकता है। आंध्र प्रदेश में तूफान के तट से टकराने की आशंका, ओडिशा में भारी बारिश और मध्य भारत में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान है। दूसरी ओर उत्तर प्रदेश और बिहार में सुबह के कोहरे तथा उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बारिश-बर्फबारी की संभावना बनी हुई है।
ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर ध्यान देना चाहिए। तेज हवा और बारिश के दौरान खुले स्थानों, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखना जरूरी है। चक्रवात प्रभावित तटीय इलाकों में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना सबसे महत्वपूर्ण होगा।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
