बेटियों को मिलेगा 2 लाख रुपये तक अनुदान, नए बिजनेस आइडिया पर सरकार देगी आर्थिक मदद

बेटियों

बिहार सरकार बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना शुरू करने की तैयारी में है।

निष्कर्ष भारत संवाददातापटना: बिहार सरकार बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके नए बिजनेस आइडिया को बढ़ावा देने के लिए बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना शुरू करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत पात्र आवेदकों को 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का अनुदान देने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। योजना को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग ने तैयार किया है।

बेटियों के लिए पहली बार शुरू होगी स्टार्टअप योजना

बिहार सरकार की प्रस्तावित बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का उद्देश्य राज्य की बेटियों को उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। इस योजना के माध्यम से नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया रखने वाली बेटियों को आर्थिक सहायता देने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि इस पहल से बेटियों को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाली उद्यमी बनने का अवसर मिलेगा।

योजना की जिम्मेदारी उच्च शिक्षा विभाग को दी गई है। विभाग ने इसका प्रारूप तैयार कर लिया है। प्रस्ताव के अनुसार, व्यावहारिक और बाजार में रोजगार के नए अवसर पैदा करने वाले बिजनेस आइडिया को प्राथमिकता दी जाएगी।

देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: IRCTC घोटाले में Lalu परिवार पर शिकंजा: Tejashwi – Rabri समेत 9 आरोपियों पर आरोप….7 हुए बरी

50 हजार से 2 लाख रुपये तक अनुदान का प्रस्ताव

बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना के तहत सरकार की ओर से 50,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान प्रस्तावित है। भविष्य में इस अनुदान राशि में बढ़ोतरी का भी प्रावधान रखने की तैयारी है।

हालांकि, अनुदान की अंतिम राशि, चयन की विस्तृत प्रक्रिया और अन्य शर्तों पर वित्त विभाग की सहमति तथा राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

विभाग की योजना के मुताबिक, प्रस्ताव को पहले वित्त विभाग के पास भेजा जाएगा। वित्त विभाग की सहमति मिलने के बाद राज्य मंत्रिमंडल से स्वीकृति ली जाएगी। मंजूरी मिलने पर इसे चालू वित्तीय वर्ष में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रक्षाबंधन के अवसर पर बेटियों को उद्यमी बनाने के उद्देश्य से बेटी स्टार्टअप योजना शुरू करने की घोषणा की थी। इसी घोषणा के बाद उच्च शिक्षा विभाग ने योजना का प्रारूप तैयार करने की दिशा में काम किया।

विभाग के एक बजट अधिकारी के अनुसार, बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का प्रस्ताव तैयार है। इसमें नए और इनोवेटिव बिजनेस आइडिया को ध्यान में रखते हुए योजना की रूपरेखा बनाई गई है।

योजना के लिए क्या होगी पात्रता?

प्रस्तावित योजना में आवेदकों के लिए कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार:

  • आवेदक बिहार की स्थायी निवासी होनी चाहिए।
  • आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • बिजनेस आइडिया नया और इनोवेटिव होना चाहिए।
  • प्रस्ताव व्यावहारिक हो और उसके माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना हो।

योजना की अंतिम पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और चयन संबंधी शर्तें सरकार की मंजूरी के बाद आधिकारिक रूप से स्पष्ट की जाएंगी।

व्यावहारिक और रोजगार देने वाले आइडिया को प्राथमिकता

बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना में ऐसे बिजनेस आइडिया को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव है, जो वास्तविक जीवन की जरूरतों से जुड़े हों और बाजार में लागू किए जा सकें।

खबरें हमारे फेसबुक पर भी, लगातार खबरों के लिए फेसबुक से जुड़े

सरकार की कोशिश है कि योजना के माध्यम से केवल नए विचारों को प्रोत्साहन न मिले, बल्कि ऐसे उद्यम भी विकसित हों जो आगे चलकर रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। इसके लिए आवेदकों को अपने बिजनेस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव तैयार करना होगा।

स्टार्टअप आइडिया में नवाचार, व्यावहारिकता और रोजगार सृजन की संभावनाएं चयन प्रक्रिया के महत्वपूर्ण पहलू हो सकते हैं। अंतिम मूल्यांकन मानदंड आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी होने के बाद स्पष्ट होंगे।

उच्च शिक्षा और उद्योग विभाग मिलकर करेंगे योजना का क्रियान्वयन

प्रस्तावित बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना का क्रियान्वयन उच्च शिक्षा विभाग और उद्योग विभाग के सहयोग से किया जाएगा। दोनों विभागों की भागीदारी से स्टार्टअप प्रोजेक्ट के मूल्यांकन और योजना के संचालन में मदद मिलने की उम्मीद है।

उच्च शिक्षा विभाग के लिए यह एक महत्वपूर्ण पहल होगी, क्योंकि राज्य में विभाग की ओर से शुरू की जाने वाली यह पहली स्टार्टअप योजना बताई जा रही है। साथ ही, केवल बालिकाओं को केंद्र में रखकर तैयार की जा रही यह योजना भी राज्य में अपनी तरह की पहली पहल होगी।

कमेटी करेगी स्टार्टअप प्रोजेक्ट का मूल्यांकन

योजना के तहत स्टार्टअप शुरू करने की इच्छुक बेटियों को अपना बिजनेस प्रोजेक्ट प्रस्ताव जमा करना होगा। इन प्रस्तावों के मूल्यांकन के लिए एक कमेटी गठित करने की तैयारी है।

इस कमेटी में उच्च शिक्षा विभाग की भूमिका होगी, जबकि उद्योग विभाग की ओर से सहयोग दिया जाएगा। कमेटी नए आइडिया, नवाचार और प्रस्ताव की व्यावहारिकता जैसे पहलुओं का मूल्यांकन कर सकती है।

यह ख़बर भी पढ़े: BPSC TRE-4 फिर लटका! 21 से नहीं शुरू होंगे आवेदन, अभ्यर्थियों की टिकीं निगाहे

प्रस्ताव का उद्देश्य ऐसी बेटियों को अवसर देना है, जिनके पास अपना कारोबार शुरू करने के लिए नए विचार हैं, लेकिन उन्हें शुरुआती आर्थिक सहायता की जरूरत है।

कब लागू होगी बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना?

बिहार सरकार की इस योजना को चालू वित्तीय वर्ष में लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, इसके लिए वित्त विभाग की सहमति और राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति आवश्यक होगी।

मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद योजना की आधिकारिक अधिसूचना, आवेदन की तारीख, अनुदान वितरण की प्रक्रिया और चयन संबंधी नियमों की जानकारी सामने आ सकती है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

You may have missed