बिहार में बड़ा प्रशासनिक बदलाव: दीपक कुमार को CM के प्रधान सचिव पद से हटाकर आपदा प्रबंधन प्राधिकार की जिम्मेदारी
दीपक कुमार को CM के प्रधान सचिव पद से हटाकर मिली नई जिम्मेदारी
निष्कर्ष भारत संवाददाता- बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव किया गया है। रिटायर्ड IAS अधिकारी दीपक कुमार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव पद की जिम्मेदारी से हटाकर बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार का उपाध्यक्ष बनाया गया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब राज्य में बाढ़ और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दे लगातार महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
दीपक कुमार लंबे समय से मुख्यमंत्री सचिवालय में महत्वपूर्ण भूमिका में रहे हैं। सरकारी कार्यक्रमों के हालिया रिकॉर्ड में भी सितंबर 2026 तक उनका उल्लेख मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में हुआ है।
अब आपदा प्रबंधन प्राधिकार की संभालेंगे जिम्मेदारी
दीपक कुमार को बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार यानी BSDMA का उपाध्यक्ष बनाया गया है। इस पद पर इससे पहले डॉ. उदय कांत मिश्रा जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उपलब्ध जानकारी के अनुसार सितंबर में यह पद खाली हुआ था।
आपदा प्रबंधन प्राधिकार की जिम्मेदारी बिहार जैसे बाढ़ प्रभावित राज्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। राज्य में हर साल बाढ़, जलजमाव, आकाशीय बिजली, गर्मी और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से जुड़ी चुनौतियां सामने आती हैं। ऐसे में प्राधिकार का काम आपदा से पहले तैयारी, जोखिम कम करने और आपदा के दौरान राहत एवं बचाव की व्यवस्था को मजबूत करना है।
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार राज्य की आपदा प्रबंधन नीति और योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में भूमिका निभाता है।
1984 बैच के IAS अधिकारी हैं दीपक कुमार
दीपक कुमार 1984 बैच के IAS अधिकारी हैं। उन्होंने बिहार और केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। एक कॉरपोरेट प्रोफाइल में भी उनके प्रशासनिक करियर का उल्लेख है, जिसमें उन्हें 42 वर्षों से अधिक का प्रशासनिक अनुभव रखने वाला सेवानिवृत्त IAS अधिकारी बताया गया है।
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बिहार सरकार में उन्होंने स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास, सामान्य प्रशासन, कैबिनेट, पर्यटन और सूचना एवं जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विभागों में सचिव और प्रधान सचिव स्तर की जिम्मेदारियां संभाली हैं।
इसके अलावा उन्होंने कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में भी काम किया। उनके प्रशासनिक अनुभव में बक्सर, नालंदा, हजारीबाग और मोतिहारी जैसे जिलों में जिम्मेदारियां शामिल रही हैं।
केंद्र में भी संभाल चुके हैं बड़ी जिम्मेदारी
दीपक कुमार का प्रशासनिक अनुभव केवल बिहार तक सीमित नहीं रहा है। केंद्र में प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं।
वह कर्मचारी राज्य बीमा निगम यानी ESIC के महानिदेशक के पद पर रह चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI के चेयरमैन के रूप में भी काम किया।
इन पदों पर काम करने के दौरान उनके प्रशासनिक अनुभव का दायरा स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और केंद्र सरकार की नीतियों तक रहा।
रिटायरमेंट के बाद भी महत्वपूर्ण भूमिका
दीपक कुमार 20 मार्च 2021 को सेवानिवृत्त हुए थे। इसके अगले ही दिन उन्हें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद वह मुख्यमंत्री सचिवालय में लंबे समय तक महत्वपूर्ण भूमिका में बने रहे।
मई 2026 में एक कॉरपोरेट दस्तावेज में भी उन्हें बिहार के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव के रूप में काम कर रहे सेवानिवृत्त IAS अधिकारी के तौर पर दर्ज किया गया था।
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सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद भी दीपक कुमार मुख्यमंत्री सचिवालय में प्रधान सचिव के पद पर बने रहे। सितंबर 2026 के मुख्यमंत्री सचिवालय के आधिकारिक कार्यक्रमों में भी उनका नाम इसी पद के साथ दर्ज है।
आपदा प्रबंधन के क्षेत्र का अनुभव भी रहा है
दीपक कुमार की नई जिम्मेदारी ऐसे विभाग में है जिसका काम प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारियों से जुड़ा है। बिहार में बाढ़ प्रबंधन को लेकर राज्य सरकार पहले से ही दीर्घकालिक योजनाओं पर जोर दे रही है।
हालिया समीक्षा बैठकों में गंगा, कोसी और गंडक जैसी नदियों से जुड़े बाढ़ प्रबंधन, तटबंधों की निगरानी और स्थायी समाधान पर चर्चा हुई है। ऐसे समय में आपदा प्रबंधन प्राधिकार के स्तर पर प्रशासनिक समन्वय महत्वपूर्ण रहेगा।
उदय कांत मिश्रा के बाद खाली हुई थी कुर्सी
बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार के उपाध्यक्ष पद पर इससे पहले डॉ. उदय कांत मिश्रा थे। जुलाई 2026 में आयोजित आपदा प्रबंधन संबंधी एक कार्यक्रम में भी उन्हें प्राधिकार के उपाध्यक्ष के रूप में दर्ज किया गया था।

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अब इस पद पर दीपक कुमार की नियुक्ति की गई है। उनके सामने राज्य में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को और मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
प्रशासनिक अनुभव का होगा इस्तेमाल
दीपक कुमार ने अपने लंबे करियर में जिला प्रशासन से लेकर राज्य सचिवालय और केंद्र सरकार तक अलग-अलग स्तरों पर काम किया है। ऐसे में नई जिम्मेदारी में उनके प्रशासनिक अनुभव का इस्तेमाल आपदा प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं और विभागों के बीच बेहतर समन्वय में हो सकता है।
खास तौर पर बाढ़, जलवायु संबंधी जोखिम, आपदा से पहले की तैयारी और राहत व्यवस्था में अलग-अलग विभागों के बीच तालमेल अहम होता है।
बिहार में अफसरों की जिम्मेदारियों में लगातार बदलाव
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कार्यकाल में प्रशासनिक स्तर पर कई अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव हुए हैं। मई 2026 में भी कई IAS अधिकारियों के तबादले और नई जिम्मेदारियां दी गई थीं। हालांकि, किसी अधिकारी की नई नियुक्ति को केवल राजनीतिक नजदीकी के आधार पर देखना उचित नहीं होगा; आधिकारिक आदेश और जिम्मेदारी की प्रकृति ही इसका आधार है।
दीपक कुमार की नई नियुक्ति के साथ अब मुख्यमंत्री सचिवालय और आपदा प्रबंधन प्राधिकार, दोनों जगह प्रशासनिक जिम्मेदारियों का नया संयोजन देखने को मिलेगा। आने वाले समय में बाढ़ प्रबंधन, आपदा तैयारी और राहत व्यवस्था से जुड़े कामों में इस बदलाव का असर दिखाई देगा।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
